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Azamgarh News: सिंधी संस्कृति की छटा बिखेरती निकली झूलेलाल की शोभायात्रा
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सिंधी सेवा मंडल की ओर से झूलेलाल महोत्सव पर निकाली गई शोभायात्रा में जयकारा लगाते हुए। स्रोत-सं
सिंधु सेवा मंडल की ओर से भगवान झूलेलाल का 50वां महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई।
भगवान झूलेलाल (बहिराणा साहिब) की सुसज्जित झांकी सबसे आगे चल रही थी। राजस्थान से आए सिंधी ढोल-शहनाई की धुन पर सिंधी समाज के लोगों ने डांडिया खेलकर उत्सव में रंग भर दिया।
शोभायात्रा के मार्ग में जगह-जगह लोगों ने प्रसाद, पानी और शरबत का वितरण किया। हाथी शोभायात्रा में विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। महिलाओं और बच्चों ने भी बड़ी संख्या में हिस्सा लिया।
अयोध्या से पहुंचे शिवालय परिवार के महंत गणेश दास ने सफल आयोजन के लिए सिंधी समाज के मुखिया रामचंद्र राहेजा को शाल ओढ़ाकर और स्मृति चिह्न भेंट कर आशीर्वाद दिया। वहीं अन्य लोगों को रामनामी दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मानित किया।
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सिंधु एकता मंच के प्रदेश महासचिव ओमप्रकाश ओमी ने कहा कि भगवान झूलेलाल सिंधी समाज के ईष्ट देवता हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि झूलेलाल जयंती को सिंधियत दिवस के रूप में मनाता है। इस दिन प्रदेश में राजकीय अवकाश घोषित किया जाए।
साथ ही सरकारी पाठ्यपुस्तकों में भगवान झूलेलाल की जीवनी को शामिल किया जाए। शोभायात्रा पुरानी कोतवाली से शुरू होकर चौक, शंकरजी की मूर्ति, सब्जी मंडी होते हुए पुन: चौक से गौरीशंकर घाट पहुंची।
देर रात घाट पर पूरे विधि-विधान के साथ बहिराणा साहिब का विसर्जन किया गया। शोभायात्रा में अयोध्या के समाजसेवी देवकुमार क्षेत्रपाल, रामचंद्र केशवानी, भगवान दास, द्वारिका दास, दिलीप केशवानी, कमल राहेजा, रोशन राहेजा, सतीश लखमानी, सुनील लखमानी, मनोहर लाल, पुष्कर लखमानी, प्रियंक, मनीष, रॉकी, मुकेश आदि शामिल रहे।
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भगवान झूलेलाल (बहिराणा साहिब) की सुसज्जित झांकी सबसे आगे चल रही थी। राजस्थान से आए सिंधी ढोल-शहनाई की धुन पर सिंधी समाज के लोगों ने डांडिया खेलकर उत्सव में रंग भर दिया।
शोभायात्रा के मार्ग में जगह-जगह लोगों ने प्रसाद, पानी और शरबत का वितरण किया। हाथी शोभायात्रा में विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। महिलाओं और बच्चों ने भी बड़ी संख्या में हिस्सा लिया।
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अयोध्या से पहुंचे शिवालय परिवार के महंत गणेश दास ने सफल आयोजन के लिए सिंधी समाज के मुखिया रामचंद्र राहेजा को शाल ओढ़ाकर और स्मृति चिह्न भेंट कर आशीर्वाद दिया। वहीं अन्य लोगों को रामनामी दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मानित किया।
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सिंधु एकता मंच के प्रदेश महासचिव ओमप्रकाश ओमी ने कहा कि भगवान झूलेलाल सिंधी समाज के ईष्ट देवता हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि झूलेलाल जयंती को सिंधियत दिवस के रूप में मनाता है। इस दिन प्रदेश में राजकीय अवकाश घोषित किया जाए।
साथ ही सरकारी पाठ्यपुस्तकों में भगवान झूलेलाल की जीवनी को शामिल किया जाए। शोभायात्रा पुरानी कोतवाली से शुरू होकर चौक, शंकरजी की मूर्ति, सब्जी मंडी होते हुए पुन: चौक से गौरीशंकर घाट पहुंची।
देर रात घाट पर पूरे विधि-विधान के साथ बहिराणा साहिब का विसर्जन किया गया। शोभायात्रा में अयोध्या के समाजसेवी देवकुमार क्षेत्रपाल, रामचंद्र केशवानी, भगवान दास, द्वारिका दास, दिलीप केशवानी, कमल राहेजा, रोशन राहेजा, सतीश लखमानी, सुनील लखमानी, मनोहर लाल, पुष्कर लखमानी, प्रियंक, मनीष, रॉकी, मुकेश आदि शामिल रहे।