यूपी: अजीत और मनीष हत्याकांड के बाद निशाने पर जेल प्रशासन, जिला जेल में अधिकारियों का छापा
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लखनऊ में हुए अजीत सिंह और आजमगढ़ जिले के गंभीरपुर थाने में हुए मनीष राय हत्याकांड की साजिश मंडलीय कारागार में होने की बातें सामने आने के बाद पुलिस-प्रशासन की नजरें टेढ़ीं हैं। शनिवार को अल सुबह सात बजे ही मंडलीय कारागार में एसपी सुधीर कुमार सिंह, एडीएम प्रशासन एनपी सिंह, एसपी सिटी पंकज पांडेय के नेतृत्व में भारी फोर्स के साथ छापेमारी की गई।
इस दौरान एक-एक बैरकों की तलाशी ली गई। हालांकि एसपी की ओर से जेल में कोई आपत्तिजनक वस्तु बरामद न होने की बात कही जा रही है, लेकिन माना जा रहा है कि अन्य जेल अधिकारियों पर भी जल्द गाज गिर सकती है।
पिछले माह जिस प्रकार से लखनऊ के बहुचर्चित अजीत सिंह हत्याकांड और आजमगढ़ के गंभीरपुर थाने में पूर्व प्रधान मनीष राय की हत्या समेत अन्य संगीन घटनाओं के तार आजमगढ़ जेल में बंद अपराधियों से मिलते रहे हैं। इससे साफ है कि प्रशासन के नाक के नीचे कुछ गड़बड़ चल रहा है। एसपी का कहना है कि शुरुआती चेकिंग में कोई आपत्तिजनक वस्तुएं नहीं बरामद हुई हैं, लेकिन तलाशी चल रही है। जेल प्रशासन की लापरवाही की जांच की जा रही है। पुलिस और प्रशासनिक अमले के के साथ ही कई थानों की पुलिस फोर्स की छापेमारी से जेल महकमे में हड़कंप मचा रहा।
टीम ने हर एक बैरकों की जांच पड़ताल की। लखनऊ में हुए अजीत सिंह हत्यकांड के तार आजमगढ़ जेल से जुड़ने की पुष्टि तो कई दिनों पूर्व ही लखनऊ पुलिस ने कर दी थी। इसके बाद जेल प्रशासन पर कार्रवाई की गाज गिरनी शुरू हो गई है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक आरके मिश्रा को महानिदेशक कारागार कार्यालय से संबंध कर दिया गया है। वहीं जेल प्रशासन के कई अन्य लोगों पर भी गाज गिरने से इंकार नहीं किया जा सकता है।