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इस्लाम में दहशतगर्दी बर्दाश्त नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Sun, 10 Jan 2016 11:51 PM IST
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जमाते-ए-इस्लामी हिंद लखनऊ के मंडल प्रभारी बरकत अली नदवी ने कहा कि इस्लाम ने हमेशा दहशतगर्दी का विरोध किया है। पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब ने यजीद जैसे दहशतगर्द के खिलाफ आवाज उठाकर लोगों को उसके जुल्म से हिफाजत की थी।
वह रविवार को शिब्ली एकेडमी हाल में जमाते-ए-इस्लामी हिंद की ओर से हजरत मोहम्मद साहब की सीरत दुनियां के लिए आदर्श विषय पर सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। कहा कि हजरत मोहम्मद साहब के दुनियां में आने से पहले मक्का की बुरी हालत थी। वर्तमान समय में दहशतगर्दी को समाप्त करने के लिए और कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाए जाने के लिए कानून तो बनाए जा रहे हैं लेकिन अमल नहीं हो रहा है।
मोहम्मद साहब के वसूलों को अगर अपना लिया जाए तो पूरी दुनिया से दहशतगर्दी समाप्त हो जाएगी और कन्या भ्रूण हत्या बंद हो जाएगी। शहर इमाम मौलाना इंतेखाब आलम कासमी ने विचार रखे। जमाते-ए-इस्लामी के असदुल्लाह ने वेद, पुराण, उपनिषद और इंजील का हवाला देते हुए कहा कि हर धार्मिक किताबों ने कई नामों से हजरत मोहम्मद साहब के दुनिया में आमद का जिक्र किया है और लिखा है कि वह ईश्वरी दूत पूरी दुनिया में शांति का पैगाम फैलाएगा।
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बौद्ध धर्म के महात्मा बुद्ध ने भी मोहम्मद साहब के दुनिया में आने की बात कही थी। अंग्रेज राइटर डा. माइकल ने अपनी किताब में लिखा कि मोहम्मद साहब ने मानवता के रक्षक के रूप में जो छाप छोड़ी पूरी दुनिया में उनके जैसा कोई पैदा नहीं हुआ। सेमिनार को उमैर सिद्दीक नदवी, इश्तेयाक अहमद, निशात आलम, फखरुल इस्लाम, मौलाना अतिकुर्रहमान इस्लाही, एखलाक करीम ने संबोधित किया।
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वह रविवार को शिब्ली एकेडमी हाल में जमाते-ए-इस्लामी हिंद की ओर से हजरत मोहम्मद साहब की सीरत दुनियां के लिए आदर्श विषय पर सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। कहा कि हजरत मोहम्मद साहब के दुनियां में आने से पहले मक्का की बुरी हालत थी। वर्तमान समय में दहशतगर्दी को समाप्त करने के लिए और कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाए जाने के लिए कानून तो बनाए जा रहे हैं लेकिन अमल नहीं हो रहा है।
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मोहम्मद साहब के वसूलों को अगर अपना लिया जाए तो पूरी दुनिया से दहशतगर्दी समाप्त हो जाएगी और कन्या भ्रूण हत्या बंद हो जाएगी। शहर इमाम मौलाना इंतेखाब आलम कासमी ने विचार रखे। जमाते-ए-इस्लामी के असदुल्लाह ने वेद, पुराण, उपनिषद और इंजील का हवाला देते हुए कहा कि हर धार्मिक किताबों ने कई नामों से हजरत मोहम्मद साहब के दुनिया में आमद का जिक्र किया है और लिखा है कि वह ईश्वरी दूत पूरी दुनिया में शांति का पैगाम फैलाएगा।
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बौद्ध धर्म के महात्मा बुद्ध ने भी मोहम्मद साहब के दुनिया में आने की बात कही थी। अंग्रेज राइटर डा. माइकल ने अपनी किताब में लिखा कि मोहम्मद साहब ने मानवता के रक्षक के रूप में जो छाप छोड़ी पूरी दुनिया में उनके जैसा कोई पैदा नहीं हुआ। सेमिनार को उमैर सिद्दीक नदवी, इश्तेयाक अहमद, निशात आलम, फखरुल इस्लाम, मौलाना अतिकुर्रहमान इस्लाही, एखलाक करीम ने संबोधित किया।