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उगते सूर्य को अर्घ्य देने तालाबों पर उमड़ा आस्था का सैलाब

Sat, 21 Nov 2020 11:29 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 21 Nov 2020 11:29 PM IST
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Inundation of faith in the ponds to pay the rising sun
शहर के गौरी शंकर घाट पर छठ पूजा के अवसर पर उगते सूर्य को अर्ध्य देते श्रद्धालु। - फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। शुक्रवार की शाम को डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद शनिवार की भोर से ही घाटों पर व्रतियों की भीड़ उमड़ पड़ी। शहर से लेकर गांव तक तालाबों, सरोवरों और नदियों के किनारे आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। व्रती महिलाओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य देकर अपने व्रत को पूरा किया। इसके बाद नात-रिश्तेदारों के यहां प्रसाद भेजा।
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मेजवां प्रतिनिधि के अनुसार फूलपुर क्षेत्र में उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही छठ महापर्व संपन्न हो गया। व्रती महिलाएं अपने परिजनों के साथ सूप तथा टोकरे में फल-पकवान लेकर छठी मइया के गीत गाते हुए नदी तट पहुंची। जहां कमर तक जल में खड़े होकर सूर्य उपासना करते हुए सूर्य की पहली किरण का इंतजार किया। जैसे ही सूर्योदय हुआ और धरती पर पहली किरण पड़ी, श्रद्धालुओं ने उगते सूर्य को गाय के दूध एवं जल से अर्घ्य दिया। लाटघाट प्रतिनिधि के अनुुसार प्राचीन शिव मंदिर मुहम्मदपुर पर छठ माता के दरबार में व्रती महिलाएं उगते सूर्य को अर्घ्य देने भोर से पहुंचनी शुरू हो गई। रौनापार थाना क्षेत्र के बैजाबारी यादव बस्ती में करीब ढाई सौ व्रती महिलाओं ने पूजा अर्चना की। प्राचीन शिव मंदिर महम्मदपुर नवयुवक मंगल दल द्वारा स्थापित छठ माता के मूर्ति पर महिलाओं ने पूजा अर्चना की। इसके बाद प्रसाद का वितरण किया। सगड़ी प्रतिनिधि के अनुसार जीयनपुर स्थित कोरिया पोखरे पर डाला छठ के अवसर पर व्रती महिलाओं की इतनी भीड़ थी कि खड़े होने तक जगह नहीं बची थी। व्रती महिलाओं ने विधि विधान के साथ पूजा अर्चन कर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। इस दौरान शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए पुलिस तैनात रही। क्षेत्र के अजमतगढ़ स्थित ताल सलोना, पकवाइनार, मालटारी, बोझिया, कठैचा, अंजान शहीद आदि गांवों में डाला छठ का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। वहीं बोझिया कठैचा गांव के पास शारदा सहायक खंड 32 नहर से निकली माइनर में महिलाओं ने पूजा अर्चना कर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। अहरौला प्रतिनिधि के अनुसार शनिवार की भोर से ही कमर भर पानी में खड़ी होकर व्रती महिलाएं भगवान भुवन भास्कर के उदय होने पर जल और दूध का अर्घ्य समर्पित कर परिवार के सुख समृद्धि की कामना के साथ महाव्रत को तोड़ा। हर तरफ घाटों, जलाशयों, सरोवरों, तालाबों, पर महा छठ की व्रती महिलाओं का अपार जनसैलाब देखने को मिला। अहरौला के तमसा घाट, पवित्र दुर्वासा धाम, कल्होरा धाम, श्री श्री 1008 मौनी बाबा के गहजी आश्रम पर, बस्ती भुजबल स्थित शिव मंदिर के जलाशय आदि जगहों पर लोग पहुंचे। रानी की सराय प्रतिनिधि के अनुसार छठ पर्व पर रानी पोखरे समेत आस पास के पोखरे पर भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया गया। इस दौरान काफी संख्या में लोग मौजूद रहे। वही समाजसेवियों ने अर्घ्य देने के लिए नि:शुल्क दूध की भी व्यवस्था कर रखी थी। इसके बाद प्रसाद वितरण भी किया गया।

शहर के गौरी शंकर घाट पर छठ पूजा के अवसर पर उगते सूर्य को अर्ध्य देने जुटे श्रद्धालु।

शहर के गौरी शंकर घाट पर छठ पूजा के अवसर पर उगते सूर्य को अर्ध्य देने जुटे श्रद्धालु।- फोटो : AZAMGARH

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