{"_id":"57a384a34f1c1bb17b2b914f","slug":"intersection-at-steady-pace-ghaghara","type":"story","status":"publish","title_hn":"घाघरा स्थिर पर कटान तेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घाघरा स्थिर पर कटान तेज
अमर उजाला ब्यूरो/आजमगढ
Updated Thu, 04 Aug 2016 11:38 PM IST
विज्ञापन
बाढ़
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवारांचल की तबाही का सबब बनी घाघरा का जलस्तर गुरुवार को भी स्थिर रहा। जलस्तर स्थिर देख ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है लेकिन तेजी से हो रही कटान ने उनका सुकून छीन लिया है। संपर्क मार्गों पर चढ़े पानी के कारण प्रशासन द्वारा नाव लगाई गई हैं। नावों की संख्या कम होने के कारण लोग ओवरलोड नावों में सफर करने को मजबूर हैं।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा का जलस्तर गुरुवार को भी स्थिर रहा।
नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी तो नहीं हुई लेकिन कटान तेज हो गई है। नदी तेजी से मुराली का पुरवा को काटती जा रही है। इसे देख देवाराखास राजा के मुराली का पूरा के लोग पलायन करने को विवश हैं। क्षेत्र के 15 गांवों के संपर्क मार्गों पर लगा बाढ़ का पानी अभी नहीं हटा है। चक्की गांव पूरी तरह से चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है। प्रशासन ने लोगों के आवागमन के लिए सात नावें लगाई हैं, जो ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही हैं।
स्कूली बच्चे और ग्रामीण ओवरलोड नावों में सफर करने को विवश है। वहीं ग्रामीणों के सामने अपने पशुओं के चार की व्यवस्था करना भारी पड़ रहा है। गहरे पानी घुसकर चारे की कटाई की जा रही है। घाघरा का जलस्तर बदरहुंआ गेज पर गुरुवार की शाम चार बजे 72.02 मीटर और डिघिया गेज पर 71.14 मीटर दर्ज किया गया। जो दोनों स्थानों पर खतरा बिंदू से ऊपर है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सगड़ी तहसील क्षेत्र के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा का जलस्तर गुरुवार को भी स्थिर रहा।
नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी तो नहीं हुई लेकिन कटान तेज हो गई है। नदी तेजी से मुराली का पुरवा को काटती जा रही है। इसे देख देवाराखास राजा के मुराली का पूरा के लोग पलायन करने को विवश हैं। क्षेत्र के 15 गांवों के संपर्क मार्गों पर लगा बाढ़ का पानी अभी नहीं हटा है। चक्की गांव पूरी तरह से चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है। प्रशासन ने लोगों के आवागमन के लिए सात नावें लगाई हैं, जो ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही हैं।
विज्ञापन
स्कूली बच्चे और ग्रामीण ओवरलोड नावों में सफर करने को विवश है। वहीं ग्रामीणों के सामने अपने पशुओं के चार की व्यवस्था करना भारी पड़ रहा है। गहरे पानी घुसकर चारे की कटाई की जा रही है। घाघरा का जलस्तर बदरहुंआ गेज पर गुरुवार की शाम चार बजे 72.02 मीटर और डिघिया गेज पर 71.14 मीटर दर्ज किया गया। जो दोनों स्थानों पर खतरा बिंदू से ऊपर है।
विज्ञापन