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Azamgarh News: फसल बीमा में कम हुई रुचि, इस बार घट गए किसान
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आजमगढ़। फसल नुकसान पर क्षतिपूर्ति के लिए केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में इस बार बीमित किसानों की संख्या कम हो गई। केवल 26,200 किसानों ने ही धान फसल का बीमा कराया है।
किसी भी दैवीय आपदा के कारण फसल नुकसान होने पर किसानों को आर्थिक संकटों का सामना न करना पड़े इसके लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना चलाई जा रही है। इसमें दैवीय आपदा से फसल नुकसान होने पर 72 घंटे के भीतर किसानों को कृषि विभाग या टोल फ्री नंबर पर फसल नुकसान की शिकायत करनी होती है।
सर्वे के बाद इंश्योरेंस कंपनी नुकसान के हिसाब से किसानों को क्षतिपूर्ति देती है। खरीफ सीजन में एक जुलाई से जिले में धान की फसल का बीमा चल रहा है। ऋणी और नॉन ऋणी किसानों को 31 जुलाई तक फसल का बीमा कराना था लेकिन पिछली बार की तुलना में इस बार फसल बीमा में किसान रुचि नहीं दिखाई। एक हेक्टेयर धान की फसल की बीमित राशि 74,100 रुपये है जबकि किसानों को प्रीमियम के रूप में बीमित राशि का सिर्फ दो प्रतिशत यानी 1482 रुपये जमा करना है।
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भी बीमित किसानों की संख्या काफी घट गई है। 30 जुलाई की रिपोर्ट के अनुसार 26,200 किसानों से अपनी फसल का बीमा कराया और प्रीमियम के रूप में 43 लाख रुपये जमा हुए हैं।
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किसी भी दैवीय आपदा के कारण फसल नुकसान होने पर किसानों को आर्थिक संकटों का सामना न करना पड़े इसके लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना चलाई जा रही है। इसमें दैवीय आपदा से फसल नुकसान होने पर 72 घंटे के भीतर किसानों को कृषि विभाग या टोल फ्री नंबर पर फसल नुकसान की शिकायत करनी होती है।
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सर्वे के बाद इंश्योरेंस कंपनी नुकसान के हिसाब से किसानों को क्षतिपूर्ति देती है। खरीफ सीजन में एक जुलाई से जिले में धान की फसल का बीमा चल रहा है। ऋणी और नॉन ऋणी किसानों को 31 जुलाई तक फसल का बीमा कराना था लेकिन पिछली बार की तुलना में इस बार फसल बीमा में किसान रुचि नहीं दिखाई। एक हेक्टेयर धान की फसल की बीमित राशि 74,100 रुपये है जबकि किसानों को प्रीमियम के रूप में बीमित राशि का सिर्फ दो प्रतिशत यानी 1482 रुपये जमा करना है।
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भी बीमित किसानों की संख्या काफी घट गई है। 30 जुलाई की रिपोर्ट के अनुसार 26,200 किसानों से अपनी फसल का बीमा कराया और प्रीमियम के रूप में 43 लाख रुपये जमा हुए हैं।