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भुगतान में किया विलंब...चार कर्मचारियों की सत्यनिष्ठा हुई संदिग्ध
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आजमगढ़। कमिश्नर कनक त्रिपाठी ने एएनएम की सेवानिवृत्ति के बाद तीन साल तक जीपीएफ, एरियर आदि का भुगतान रोक कर रखने पर नाराजगी जताते हुए दोषी चार कर्मचारियों की सत्यनिष्ठा संदिग्ध करने का निर्देश दिया है।
बलिया के पीएचसी चिलकहर से एएनएम गीता सिंह सेवानिवृत्त हुई हैं। उन्होंने कमिश्नर कनक त्रिपाठी से शिकायत की थी कि उप्र परिवार कल्याण महानिदेशालय ने उनके जीपीएफ के 90 प्रतिशत भुगतान की स्वीकृति और अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य के आदेश के बावजूद सीएमओ कार्यालय भुगतान नहीं कर रहा है। इसके अलावा सातवें वेतन आयोग के एरियर का भी भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। कार्यालय से संपर्क करने पर बताया जा रहा था कि स्वीकृति आदेश प्राप्त नहीं हुआ है, अब कहा जा रहा है कि स्वीकृति संबंधी आदेश की पत्रावली गुम है।
कमिश्नर कनक त्रिपाठी ने सीएमओ बलिया से विवरण तलब किया। सीएमओ बलिया ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि इसके लिए तत्कालीन लिपिक आनन्द दुबे ( गाजीपुर स्थानांतरित), तत्कालीन वरिष्ठ सहायक अरुण कुमार चौधरी (संप्रति सीएमओ कार्यालय बाराबंकी), वरिष्ठ सहायक उत्तम कुमार वर्मा (संप्रति जिला महिला चिकित्सालय बलिया) और वरिष्ठ सहायक आरके सैनी उत्तरदायी हैं। कमिश्नर ने रिपोर्ट के आधार पर अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य को निर्देशित किया कि चारों कर्मचारियों की सत्यनिष्ठा संदिग्ध कर दें।
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बलिया के पीएचसी चिलकहर से एएनएम गीता सिंह सेवानिवृत्त हुई हैं। उन्होंने कमिश्नर कनक त्रिपाठी से शिकायत की थी कि उप्र परिवार कल्याण महानिदेशालय ने उनके जीपीएफ के 90 प्रतिशत भुगतान की स्वीकृति और अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य के आदेश के बावजूद सीएमओ कार्यालय भुगतान नहीं कर रहा है। इसके अलावा सातवें वेतन आयोग के एरियर का भी भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। कार्यालय से संपर्क करने पर बताया जा रहा था कि स्वीकृति आदेश प्राप्त नहीं हुआ है, अब कहा जा रहा है कि स्वीकृति संबंधी आदेश की पत्रावली गुम है।
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कमिश्नर कनक त्रिपाठी ने सीएमओ बलिया से विवरण तलब किया। सीएमओ बलिया ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि इसके लिए तत्कालीन लिपिक आनन्द दुबे ( गाजीपुर स्थानांतरित), तत्कालीन वरिष्ठ सहायक अरुण कुमार चौधरी (संप्रति सीएमओ कार्यालय बाराबंकी), वरिष्ठ सहायक उत्तम कुमार वर्मा (संप्रति जिला महिला चिकित्सालय बलिया) और वरिष्ठ सहायक आरके सैनी उत्तरदायी हैं। कमिश्नर ने रिपोर्ट के आधार पर अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य को निर्देशित किया कि चारों कर्मचारियों की सत्यनिष्ठा संदिग्ध कर दें।
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