फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   Information will be available 48 hours before

Azamgarh News: बाढ़ आने से 48 घंटे पहले मिलेगी जानकारी

Tue, 30 Apr 2024 01:24 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 30 Apr 2024 01:24 AM IST
विज्ञापन
Information will be available 48 hours before
आजमगढ़। जनपद के सगड़ी तहसील के देवारा एरिया प्रतिवर्ष 125 गांवों के लोगों को बाढ़ की विभिषिका का सामना करना पड़ता है। जिसे देखते हुए शासन की ओर से इन गांवों में पब्लिक वार्निंग सिस्टम लगाने का निर्णय लिया गया है।
विज्ञापन


जनपद की उत्तरी सीमा से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी लोगों के लिए दु:स्वप्न बन गई है। महुला-गढ़वल बांध के उत्तर तरफ बसे 125 गांवों के लोग प्रतिवर्ष अपना घर बार छोड़ने के लिए विवश होते हैं। इसे रोकने के लिए बाढ़ प्रभावित संवेदनशील जनपदों की नदियों में 40 रिवर सेंटर और 1450 पब्लिक वार्निंग एड्रेस सिस्टम लगाने का निर्णय लिया है। जिसके तहत जनपद में प्रतिवर्ष बाढ़ की विभिषिका झेलने वाले 125 गांवों में पब्लिक वार्निंग एड्रेस सिस्टम लगाने का निर्णय लिया गया है। जो इन गांवों को बाढ़ आने के 48 घंटे पूर्व सूचना देगा। जिससे लोग सतर्क हो जाएंगे और जन धन की हानि को कम किया जा सकेगा। इसके लिए शासन की ओर से जिला प्रशासन को पत्र जारी कर एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी गई है।
विज्ञापन




इस प्रकार करेंगे कार्य

- यह सिस्टम न सिर्फ बाढ़ के पूर्व चेतावनी जन-जन तक रियल टाइम में बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के जारी करेंगे बल्कि यह लाइटनिंग सेंसर्स के साथ जुड़कर वज्रपात की पूर्व चेतावनी भी सर्वाधिक प्रभावी ढ़ग से प्रसारित करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


- यह सिस्टम राज्य स्तरीय इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के सेंट्रल सर्वर से सीधे जुडकर साॅफ्टवेयर प्रोग्रामिंग के आधार पर आपदा पूर्व चेतावनी जारी होते ही जिस क्षेत्र के लिए चेतावनी जारी हुई है उस क्षेत्र में उसे प्रसारित कर सकेंगे।




जमीन चिन्हांकन का निर्देश

आजमगढ़। शासन की ओर से आकाशीय विद्युत से बचाने के लिए लाइटनिंग अर्लीवार्निंग के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम की स्थापना का निर्णय लिया गया है। इसके लिए शासन की ओर से जिला प्रशासन को जमीन चिन्हित करने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए शासन ने प्रशासन को सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय, सीएचसी और पीएचसी, पंचायत भवन, कस्तूरबा गांधी विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र आदि के भवनों पर व्यवस्था करने का निर्देश दिया है।


शासन की ओर से बाढ़ प्रभावित 125 गांवों में पब्लिक वार्निंग एड्रेस सिस्टम लगाने का निर्णय लिया है। ताकि समय पर लोगों को बाढ़ आने की जानकारी मिल सके और जन धन की हानि को कम किया जा सके। - डा. चंदन कुमार, आपदा विशेषज्ञ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed