फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   Increasing the yield of pulse crops is the need of the hour

Azamgarh News: दलहनी फसलों की पैदावार बढ़ाना समय की आवश्यकता

Mon, 30 Jun 2025 12:02 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 30 Jun 2025 12:02 AM IST
विज्ञापन
Increasing the yield of pulse crops is the need of the hour
अहरौला। मानव जीवन में प्रोटीन की महत्ता को देखते हुए दलहनी फसलों का उत्पादन बढ़ाना समय की आवश्यकता बन गया है। शरीर के निर्माण और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखने में प्रोटीन की अहम भूमिका होती है।
विज्ञापन

इसी क्रम में आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज, अयोध्या के कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह के दिशा-निर्देशन में कृषि विज्ञान केंद्र, लेदौरा द्वारा जनपद के किसानों के सहयोग से अरहर की बोआई को लेकर जागरूकता और अभियान चलाया जा रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र, लेदौरा के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. एलसी वर्मा ने बताया कि जिले में मानसून की दस्तक हो चुकी है, ऐसे में खरीफ फसलों की बोआई का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि खरीफ ऋतु की सबसे प्रमुख दलहनी फसल अरहर है और वर्तमान समय इसकी बोआई के लिए अत्यंत उपयुक्त है। मेड़ पर अरहर की बोआई से किसानों को प्रति हेक्टेयर 28–30 क्विंटल तक उपज मिल सकती है।
विज्ञापन

चुनें रोग प्रतिरोधी प्रजातियां : केंद्र के सस्य वैज्ञानिक डॉ. शेर सिंह ने किसानों को सलाह दी कि वे अरहर की उच्च उत्पादक एवं रोग प्रतिरोधी प्रजातियां जैसे आईपीए-203, नरेंद्र अरहर-2 तथा राजेंद्र अरहर-1 का चयन करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed