जान पर सांसत न बन जाए बेपरवाही
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नगर क्षेत्र से सटे हरबंशपुर में तमसा नदी पर बना शाही पुल काफी जर्जर हो गया है। पुल के दोनों तरफ बड़े-बड़े पेड़ उग आए हैं। पुल की जर्जरता को देखते हुए प्रशासन की ओर से लगभग 15 वर्षों से इस पुल पर बड़ी गाड़ियों के आने-जाने पर रोक लगा दी गई।
प्रशासन ने पुल के दोनों तरफ लोहे की ग्रिल लगाया लेकिन ग्रिल गायब है और बड़ी गाड़ियां बेधड़क पुल से गुजरती हैं। वहीं, मुहम्मदपुर बाजार से पहले मंगई नदी पर आजमगढ़-वाराणसी मार्ग पर बने शाही पुल की हालत को देखते हुए उसके बगल में लाखों रुपये की लागत से नए पुल का निर्माण किया गया। तीन जनवरी 2007 को सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और शिवपाल यादव द्वारा पुल का उद्घाटन किया गया लेकिन आज तक नए पुल से आवागमन शुरू नहीं हो सका। आज भी लोग पुराने शाही पुल से जान हथेली पर लेकर सफर करते हैं।
सबसे बुरी हालत तो अहरौला विकास खंड के विसईपुर और युधिष्ठिरपट्टी के बीच नाले पर बना पुल है। इस पुल के पाये में लगी ईंटे नीचे से गायब हो चुकी हैं। पुल जर्जर हो चुका है। यह पुल अहरौला से कप्तानगंज को जाने वाले मार्ग का लिंक रोड है, जो युधिष्ठिरपट्टी प्राइमरी स्कूल से कटकर सीधा दुर्वासा, कल्होरा, गहजी, निजामबाद, फूलपुर को जाने वाले मार्ग को जोड़ता है। पुल के बीच का एक पाये में लगे ईंट निकल गए हैं।
थोड़े से ही ईंट के सहारे पाया टीका है। वहीं, एक पायेे का ईंट निकलना शुरू हो गया है। लोगों ने कई बार इसकी शिकायत अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
हमारे क्षेत्र में सिर्फ हरबंशपुर का शाही पुल ही जर्जर है। इसके लिए शासन के पास प्रस्ताव भेजा गया है। जल्द ही इसके निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा। - एनके तिवारी, राज्य सेतु निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर
जर्जर पुलों के संबंध में शासन को रिपोर्ट भेजी गई है। जैैैसे ही निर्देश मिलेगा, नए पुलों का निर्माण शुरू होगा। मुहम्मदपुर का नया पुल बनने के बाद भी क्यों चालू नहीं हो सका इसकी जांच करवाएंगे और आवागमन को चालू कराएंगे। - सुहास एलवाई, डीएम