फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   Inadequate arrangements in Ghagra continued elongation

घाघरा में बढ़ाव जारी इंतजाम नाकाफी 

Mon, 16 Sep 2019 05:12 PM IST
आजमगढ
आजमगढ Updated Mon, 16 Sep 2019 05:12 PM IST
विज्ञापन
Inadequate arrangements in Ghagra continued elongation
हाजीपुर में बंद पड़ी बाढ़ चौकी।
जनपद के उत्तरी सीमा से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी का जलस्तर तीन दिनों से खतरे के निशान के ऊपर है। बाढ़ चौकियां तो सक्रिय हो गई हैं लेकिन ब्लाक और स्वास्थ्य कर्मी बाढ़ चौकियों पर नहीं पहुंच रहे हैं। जबकि पशुपालन विभाग की टीम गांव में पशुओं का टीकाकरण करने में जुटी है। 
विज्ञापन


सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर जाने वाली घाघरा एक बार फिर से तबाही मचाने को तैयार है। नदी तीन दिनों से लगातार खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। गुरुवार को भी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी जारी रही। परसिया रेगुलेटर से बुधवार से ही पानी का रिसाव हो रहा है लेकिन अभी तक बाढ़ खंड ने रिसाव को बंद नहीं किया है। रेगुलेटर से रिसाव को देख ग्रामीणों में भय व्याप्त है।
विज्ञापन

वहीं अभी तक बाढ़ खंड का कोई भी अधिकारी और कर्मचारी महुला-गढ़वल बांध पर नहीं पहुंचा है। जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। महुला-गढ़वल बांध के उत्तर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में 146 राजस्व गांव हैं जिनमें एक लाख 17 हजार पशु हैं। पशुपालन विभाग की टीम पशुओं का टीकाकरण करने में जुटी हुई है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. वीके सिंह ने बताया कि बाढ़ क्षेत्र में 50 हजार पशुओं का टीकारण किया जा चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अभी 10 अगस्त तक पशुओं में टीकाकरण किया जाएगा। अब तक सोनौरा, अराजी अजगरा, मगर्वी, मसर्की, नैनीजोर, हैदराबाद, रोशनगंज, इस्माईलपुर आदि गांवों में टीकारण का कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने पशुपालकों से अपने पशुओं को चारा धोकर खिलाने की अपील की। क्षेत्र के चक्की गांव स्थित प्राइमरी विद्यालय में पानी भर गया है जिसके कारण विद्यालय को बंद कर दिया गया है।

चक्की गांव के प्रधान पल्टन यादव ने कहा कि गांव की आबादी 1300 से ऊपर है लेकिन प्रशासन ने सिर्फ दो नाव उपलब्ध कराई है जबकि यहां पर कम से कम पांच नाव होनी चाहिए। शाहडीह के प्रधन धर्मेंद्र यादव ने कहा कि एक नाव मिली है जो गांव की आबादी और स्थिति को देखते हुए कम हैं। 

वहीं बाढ़ खंड के सहायक अभियंता आईसी तिवारी का कहना है कि जलस्तर तो बढ़ा है लेकिन बाढ़ नियंत्रण में है। शारदा बैराज से ढाई लाख क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed