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मकान भी किए जाएंगे ध्वस्त

Thu, 23 Jun 2016 11:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/आजमगढ
अमर उजाला ब्यूरो/आजमगढ Updated Thu, 23 Jun 2016 11:54 PM IST
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 Houses will be demolished
सड़क
आजमगढ़-दोहरीघाट मार्ग की चौड़ीकरण की कार्रवाई शुरू हो चुकी है। मार्ग के चौड़ीकरण की राह में एक किमी क्षेत्र में लगभग 400 पेड़ बाधक बन रहे हैं। इस हिसाब से देखा जाए तो आजमगढ़-दोहरीघाट मार्ग 39.3 किमी लंबा है। मार्ग को बनाने में लगभग 16 हजार बड़े पेड़ों की बलि चढ़ानी होगी।
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एक तरफ जहां पर्यावरण को बचाने के लिए पौधरोपण किया जा रहा है और लोगों को पेड़ लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। वहीं विकास के नाम पर हजारों लाखों पेड़ों को काटा जा रहा है। पहले फोरलेन और सिक्स लेन हाइवे के निर्माण पर लाखों पेड़ काटे गए। अब आजमगढ़-दोहरीघाट मार्ग के चौड़ीकरण में हजारों पेड़ों की बलि चढ़ेगी। कहा जाता है कि लगाए आप और खाएं आपकी पुश्तें। इसका मतलब यह होता है कि अगर आप एक पौधा लगाते हैं तो उसका फायदा आपकी आने वाली पीढ़ियों को प्राप्त होता है। पहले से लगे इन पेड़ों की छांव तो हमें मिली लेकिन इन पुराने पेड़ों के कटने से शायद ही हमें अब सड़कों पर छांव नसीब हो सके। 
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मार्ग के चौड़ीकरण की कार्रवाई काफी तेजी से हो रही है इसके लिए वनकर्मी चौड़ीकरण की राह में बाधक बन रहे पेड़ों पर तेजी से निशान लगा रहे हैं। बताते चलें कि वर्तमान में जो सड़क है, उससे दोनों तरफ डेढ़-डेढ़ मीटर सड़क को चौड़ा किया जाना है। सड़क केे बनाने के लिए शासन द्वारा 154 करोड़ की लागत निर्धारित की गई है। इसके साथ ही बनकट, वंशीबाजार, उकरौड़ा, अंजानशहीद, बागखालिस, जीयनपुर, रजादेपुर, नरईपुर, लाटघाट, कांखभार, महुला, नई बाजार में कई मकान इसकी जद में आ रहे हैं। इसके कारण व्यापारियों में हड़कंप मचा हुआ है। नगर पंचायत जीयनपुर के व्यापारियों ने बाईपास की मांग की है।
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पीडब्ल्यूडी से होगी क्षतिपूर्ति की मांग
मालटारी। वन विभाग के दरोगा प्रमोद कुमार ने बताया कि आजमगढ़ से दोहरीघाट मार्ग की लंबाई 39.3 किमी है। इसके बीच लगभग 16 हजार पेड़ आ रहे हैं। उनके चिह्निकरण के साथ ही बाधक बन रहे विद्युत पोलों का चिह्निकरण किया जा रहा है। मार्ग के चौड़ीकरण में जो पेड़ कटेंगे, उसका आंकड़ा पीडब्ल्यूडी को सौंपा जाएगा और उसके क्षतिपूर्ति की मांग की जाएगी।


एक वर्ष में निर्माण
सड़क को बनाने की अवधि दो वर्ष निर्धारित की गई है लेकिन प्रोजेक्ट डायरेक्टर धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि हम एक वर्ष सड़क का निर्माण पूरा कर लेंगे। इस सड़क को ड्रेनेज लेयर द्वारा बनाया जाएगा ताकि आसानी से पानी निकल जाए और सड़क को नुकसान नहीं पहुंचे।

बाजारों के किनारे बने मकान जो भी पीडब्ल्यूडी की जमीन में हैं, उन पर निशान लगाया जा चुुुुका है। सड़क निर्माण के दौरान उन्हें गिराया जाएगा।  
- रविंद्र यादव, जेई 
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