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नई दिशा मिलती है राहुल की लेखनी से
ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Sun, 14 Feb 2016 11:37 PM IST
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महान यायावर राहुल संाकृत्यायन की जन्म स्थलीय पंदहा में रविवार को एक भ्रमण दल पहुंचा। पुस्तकालय में गोष्ठी में वक्ताओं ने उनके जीवन पर चर्चा की।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए जेएनयू के अंर्तराष्ट्रीय प्रो. एनएन मालाकर ने कहा कि आज इस स्थल पर आकर गौरव महसूस कर रहा हूं। राहुल जी की लेखनी से एक नई दिशा मिलती है। डा. तुलसी राम की पुण्यतिथि पर जनपद में पधारे प्रोफेसर ने कहा कि राहुल जी से ही डा. तुलसी राम को प्रेरणा मिली थी।
राहुल जी के भागो नहीं दुनिया बदलो ने डा. तुलसी राम के जीवन वृत्त को बदल दिया था। वर्तमान परिवेश में आवश्यकता है कि राहुल जी के कृत्यों को आत्मसात करने की। भ्रमण दल में मौजूद डा. तुलसी राम की पुत्री लूबा राहुल जी की प्रतिमा पर नतमस्तक होते हुए काफी अधीर नजर आई।
कहा कि ऐसे महान घुमक्कड़ी और महान लेखक की जन्म स्थली पर आना काफी सुखद है। आज मैं धन्य हो गई। गोष्ठी को रामनारायण राम, हरिमंदिर पांडेय, अमरनाथ पाठक, जितेंद्र पांडेय, हरिगेन राम, रामदवर राम, ज्वाला प्रसाद आदि ने संबोधित किया। राहुल जन पुस्तकालय के प्रबंधक राधेश्याम पाठक ने सभी का आभार जताया।
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गोष्ठी को संबोधित करते हुए जेएनयू के अंर्तराष्ट्रीय प्रो. एनएन मालाकर ने कहा कि आज इस स्थल पर आकर गौरव महसूस कर रहा हूं। राहुल जी की लेखनी से एक नई दिशा मिलती है। डा. तुलसी राम की पुण्यतिथि पर जनपद में पधारे प्रोफेसर ने कहा कि राहुल जी से ही डा. तुलसी राम को प्रेरणा मिली थी।
राहुल जी के भागो नहीं दुनिया बदलो ने डा. तुलसी राम के जीवन वृत्त को बदल दिया था। वर्तमान परिवेश में आवश्यकता है कि राहुल जी के कृत्यों को आत्मसात करने की। भ्रमण दल में मौजूद डा. तुलसी राम की पुत्री लूबा राहुल जी की प्रतिमा पर नतमस्तक होते हुए काफी अधीर नजर आई।
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कहा कि ऐसे महान घुमक्कड़ी और महान लेखक की जन्म स्थली पर आना काफी सुखद है। आज मैं धन्य हो गई। गोष्ठी को रामनारायण राम, हरिमंदिर पांडेय, अमरनाथ पाठक, जितेंद्र पांडेय, हरिगेन राम, रामदवर राम, ज्वाला प्रसाद आदि ने संबोधित किया। राहुल जन पुस्तकालय के प्रबंधक राधेश्याम पाठक ने सभी का आभार जताया।
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