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सठियांव को छोड़ अन्य 21 ब्लाकों में बेहतर है भूजल स्तर
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जल संरक्षण की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए जाने के कारण गर्मी के मौसम में भूजल स्तर गिरावट आती है। जिले के 22 ब्लाकों में पल्हनी और सठियांव ब्लाक पहले डार्क जोन में थे लेकिन अच्छी बारिश वाटर रिचार्जिंग की व्यवस्था किए जाने के बाद पल्हनी तो डार्क जोन से बाहर निकल गया है लेकिन सठियांव ब्लाक डार्क जोन से अब सेमी क्रिटिकल जोन में पहुंच गया है। इस ब्लाक में अब जलसंरक्षण निरंतर कायम रखने की जरूरत है। अन्य ब्लाकों में भूजल स्तर बेहतर है।
भूजल दोहन के चलते जिले के पल्हनी और सठियांव ब्लाक डार्क जोन में पहुंच गया था। इन दोनों ब्लाकों को डार्क जोन से बाहर निकालने के लिए कृषि, सिंचाई विभाग की ओर से प्रयास किए गए। पुराने पोखरों की खुदाई कराई गई। वाटर रिचार्जिंग की व्यवस्था की गई। इन ब्लाकों में बोरिंग कराने पर रोक लगा दी गई। इसके अलावा अच्छी बारिश भी हुई। इसका परिणाम यह रहा कि पल्हनी ब्लाक डार्क जोन से बाहर आ गया जबकि सठियांव ब्लाक डार्क जोन से सेमी क्रिटिकल जोन में पहुंच गया है। अगर सठियांव में निरंतर जल संरक्षण की दिशा में कार्य नहीं किया गया तो यह ब्लाक फिर डार्क जोन में पहुंच सकता है। वहीं जनपद के अन्य 20 ब्लाक अभी तक सेफ जोन में हैं। भूजल विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मानें तो भूजल स्तर बेहतर होने में अच्छी बारिश का बड़ा योगदान है। इस बार अच्छी बारिश होने से पल्हनी और सठियांव ब्लाक ब्लाक डार्क जोन से बाहर आ गए।
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मऊ और बलिया के सभी ब्लाक सेफ जोन मेें
आजमगढ़ मंडल में तीन जनपद आजमगढ़ मऊ और बलिया भी शामिल हैं। इनमें आजमगढ़ में सिर्फ सठियांव ब्लाक सेमी क्रिटिकल जोन में है। मऊ के नौ और बलिया के सभी 17 ब्लाक सेफ जोन में हैं।
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मंडल के 58 ब्लाकों में 57 ब्लाक सेफ जोन में हैं। सिर्फ आजमगढ़ का सठियांव ब्लाक सेमी क्रिटिकल जोन में हैं। भूजल स्तर बढ़ाने के लिए प्रयास किया गया था। साथ ही इस बार हुई अच्छी बारिश भी हुई जिससे इन ब्लाकों में भूजल के स्तर बढ़ गया।-रविकांत सिंह, अधिशासी अभियंता भूजल।
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भूजल दोहन के चलते जिले के पल्हनी और सठियांव ब्लाक डार्क जोन में पहुंच गया था। इन दोनों ब्लाकों को डार्क जोन से बाहर निकालने के लिए कृषि, सिंचाई विभाग की ओर से प्रयास किए गए। पुराने पोखरों की खुदाई कराई गई। वाटर रिचार्जिंग की व्यवस्था की गई। इन ब्लाकों में बोरिंग कराने पर रोक लगा दी गई। इसके अलावा अच्छी बारिश भी हुई। इसका परिणाम यह रहा कि पल्हनी ब्लाक डार्क जोन से बाहर आ गया जबकि सठियांव ब्लाक डार्क जोन से सेमी क्रिटिकल जोन में पहुंच गया है। अगर सठियांव में निरंतर जल संरक्षण की दिशा में कार्य नहीं किया गया तो यह ब्लाक फिर डार्क जोन में पहुंच सकता है। वहीं जनपद के अन्य 20 ब्लाक अभी तक सेफ जोन में हैं। भूजल विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मानें तो भूजल स्तर बेहतर होने में अच्छी बारिश का बड़ा योगदान है। इस बार अच्छी बारिश होने से पल्हनी और सठियांव ब्लाक ब्लाक डार्क जोन से बाहर आ गए।
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मऊ और बलिया के सभी ब्लाक सेफ जोन मेें
आजमगढ़ मंडल में तीन जनपद आजमगढ़ मऊ और बलिया भी शामिल हैं। इनमें आजमगढ़ में सिर्फ सठियांव ब्लाक सेमी क्रिटिकल जोन में है। मऊ के नौ और बलिया के सभी 17 ब्लाक सेफ जोन में हैं।
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मंडल के 58 ब्लाकों में 57 ब्लाक सेफ जोन में हैं। सिर्फ आजमगढ़ का सठियांव ब्लाक सेमी क्रिटिकल जोन में हैं। भूजल स्तर बढ़ाने के लिए प्रयास किया गया था। साथ ही इस बार हुई अच्छी बारिश भी हुई जिससे इन ब्लाकों में भूजल के स्तर बढ़ गया।-रविकांत सिंह, अधिशासी अभियंता भूजल।