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हज यात्रा को जीएसटी से मुक्त करे सरकार

Thu, 05 Apr 2018 12:04 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,मिर्जापुर
ब्यूरो,अमर उजाला,मिर्जापुर Updated Thu, 05 Apr 2018 12:04 AM IST
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Govt releases Haj pilgrimage from GST
GST
दीनी तालीम के लिए विश्व प्रसिद्ध मदरसा अल्जामियातुल अशरफिया की इमाम अहमद रजा लाइब्रेरी में बुधवार को हज सेवा समिति बैठक हुई। जिसमें हज पर जाने वाले यात्रियों की असुविधाओं और समस्याओं पर विचार विमर्श किया गया।
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हज सेवा समिति के अध्यक्ष और राष्ट्रीय हज कमेटी के पूर्व सदस्य हाफिज नौशाद अहमद आजमी ने कहा कि हाजियों की सहूलियत के लिए दो दहाईयों से हज सेवा समिति संघर्ष कर रही है। जिसके लिए सभी मसलक के साथ ही मुख्य रूप से अहले सुन्नत वलजमाअत का सहयोग हमेशा हमें मिलता रहा है।
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जिसकी वजह से हज सेवा समिति को सफलता मिलती रही है। हज सेवा समिति के प्रयास से ही लखनऊ और वाराणसी से उड़ान शुरू होने के साथ साथ प्रदेश में दो-दो स्थानों लखनऊ और गाजियाबाद में हज हाउस की स्थापना की गई। हज यात्रियों को छह लाख की बीमा योजना का भी लाभ दिलाने का कार्य समिति की ही देन है।
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पूर्व में राज्य स्तर पर कोटा बनाकर कोर्रा होता था लेकिन अब जनपद स्तर पर कोटा मुकर्रर कर कोर्रा किया जाने लगा। जिससे ग्रामीण आंचलों से हाजियों को भी अवसर मिलने लगा है। जब से एनडीए की सरकार बनी है हाजियों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जबकि न्यायालय का यह आदेश था कि 2023 तक हज सब्सिडी जो एयर इंडिया को दी जाती है वह धीरे-धीरे समाप्त की जाएगी।

लेकिन एनडीए सरकार इसी वर्ष से ही हज सब्सिडी को समाप्त करने का फैसला कर दिया। साथ ही हज यात्रियों के लिए एयर इंडिया से जाना अनिवार्य कर दिया। इतना ही नहीं किराए पर 18 प्रतिशत जीएसटी भी लगा दी जो पूरी तरह मानवता विरुद्ध है और हाजियों के साथ अन्याय है।


सरकार से मांग की गई कि हज यात्रा को जीएसटी से मुक्त किया जाए लेकिन सरकार हाजियों की मांग पर तनिक भी विचार नहीं कर रही है। जिससे मजबूर होकर हज सेवा समिति ने पांच मार्च को उच्चतम न्यायालय में अपनी मांगों को लेकर एक याचिका दायर की है। जिसको उच्चतम न्यायालय ने स्वीकार भी कर लिया है। इस मौके पर मौलाना मेराजुल क़ादरी, मौलाना तौफ़ीक़, मौलाना अख्तर हुसैन फ़ैजी, मौलाना दस्तगीर आलम, मौलाना इरशाद अहमद, मौलाना ग़ुलाम नबी, मौलाना हबीबुल्लाह आदि उपस्थित थे।
 
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