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राज्यपाल ने किसानों और कृषि वैज्ञानिकों से किया संवाद, कहा- कम जगह में कई फसलें पैदा करने के हों प्रयास
Tue, 02 Nov 2021 10:38 AM IST
उत्पल कांत
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
Published by: उत्पल कांत
Updated Tue, 02 Nov 2021 10:38 AM IST
सार
कृषि महाविद्यालय परिसर पहुंची राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कृषि महाविद्यालय परिसर में लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि किसानों को और अधिक प्रशिक्षण देने की जरूरत है।
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राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने स्टालों का निरीक्षण किया।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आजमगढ़ में कृषि महाविद्यालय परिसर में मंगलवार को किसानों और कृषि वैज्ञानिकों से राज्यपाल आनंदी बेन पटेल रूबरू हुईं। उन्होंने कहा कि आबादी बढ़ गई, एक खेत के कई टुकड़े हो गए ऐसे में खेती का दायरा कम होने से छोटे किसानों के समक्ष समस्या खड़ी हो गई है। कृषि वैज्ञानिकों कम जगह में कई फसल पैदा करने के लिए प्रयास करना चाहिए।
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यहां कागजों में सब कुछ ठीक है लेकिन जमीन पर कोई हकीकत नजर नहीं आती है। कृषि महाविद्यालय परिसर पहुंची राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कृषि महाविद्यालय परिसर में लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान वहां लगी प्रदर्शनी के बारे में पूछा कि यह कहां बनी है तो बताया गया कि इलाहाबाद में बनी है तो उन्होंने कहा कि यहां क्यों नहीं? इसका कोई जवाब वहां मौजूद लोगों के पास नहीं था।
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इसके बाद वह प्रगतिशील किसानों से संवाद करने के लिए हाल में पहुंची। जहां प्रगतिशील किसानों और मेधावी छात्राओं को पुरस्कृत करते हुए कहा कि मैं भी किसान की बेटी हूं और मैंने भी खेती की है। मेरे पिताजी आज से 100 वर्ष पहले खेती में प्रयोग करते रहे। किसानों को अपनी आय बढ़ाने के लिए अपने खेतों में विविध प्रकार की खेती करनी चाहिए। जिससे कम भूमि में अधिक से अधिक पैदावार हो सके, इसका प्रयास करना चाहिए।
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किसानों को और अधिक प्रशिक्षण देने की जरूरत है। कृषि वैज्ञानिकों को जमीन पर उतरकर हर गांव के प्रगतिशील किसान की 500 स्क्वायर मीटर जगह में खेती का प्रयोग कर कई फसलें पैदा करने की जरूरत है ताकि हर किसान इसे देखकर खेती कर सकें। इसकी शुरूआत यहां अध्ययनरत छात्रों से होनी चाहिए। यह छात्र अपने खेत में इस प्रकार की खेती को प्रयोग के तौर पर करें जिसे देखकर अन्य किसान भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करें।
किसान यूट्यूब से हासिल कर सकते हैं जानकारी
राज्यपाल ने कहा कि देश और विदेश में खेती को लेकर अनेक प्रयोग हो रहे हैं। इसकी जानकारी लोग यूट्यब पर भी अपलोड करते हैं। किसानों को यूट्यूब को देखते रहना चाहिए। क्योंकि यहां पर उन्हें आधुनिक तरीके से आर्गेनिक खेती करने के लिए विधियां मिल जाएंगी। जिसका वह लाभ अपनी खेती में प्रयोग करके कर सकते हैं।
वैज्ञानिक करें प्रयोग, दीक्षांत समारोह में देखूंगी परिणाम
राज्यपाल ने कृषि विज्ञान केंद्र कोटवा के वैज्ञानिकों से कहा कि वह मल्टीलेवल कृषि को बढ़ावा दें। एक पौधे में कई प्रकार की फसलों के उत्पादन का प्रयोग करें। क्योंकि ऐसा करके ही किसानों की आय को दोगुना किया जा सकता है। हम दीक्षांत समारोह में वैज्ञानिकों द्वारा किए गए इस प्रयोग को देखेंगे। साथ ही यहां पढ़ने वाले छात्रों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करें।
वैज्ञानिक करें प्रयोग, दीक्षांत समारोह में देखूंगी परिणाम
राज्यपाल ने कृषि विज्ञान केंद्र कोटवा के वैज्ञानिकों से कहा कि वह मल्टीलेवल कृषि को बढ़ावा दें। एक पौधे में कई प्रकार की फसलों के उत्पादन का प्रयोग करें। क्योंकि ऐसा करके ही किसानों की आय को दोगुना किया जा सकता है। हम दीक्षांत समारोह में वैज्ञानिकों द्वारा किए गए इस प्रयोग को देखेंगे। साथ ही यहां पढ़ने वाले छात्रों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करें।