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जलाकर निस्तारित की जा रही है सरकारी एक्सपायरी दवाएं
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नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर जलाई गई दवा।
- फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। मेडिकल वेस्ट को लेकर एनजीटी ने शासन-प्रशासन के साथ ही स्वास्थ्य महकमे को विशेष दिशा निर्देश दिए हुए है। इसके बाद भी मेडिकल वेस्ट के निस्तारण में दिशा निर्देशों की अनदेखी की जा रही है। स्वास्थ्य महकमें की यह जिम्मेदारी है कि वह सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों के मेडिकल वेस्ट का निस्तारण नियम के अनुरूप कराए, लेकिन महकमा इस ओर ध्यान नहीं देरहा है। जब स्वास्थ्य महकमा स्वयं एक्सपायरी दवाओं को जला कर निस्तारित कर रहा है तो वह जिले में स्थित प्राइवेट अस्पतालों के मेडिकल वेस्ट का निस्तारण कैसे कराता होगा यह आसानी से समझा जा सकता है।
शहर के दलसिंगार मुहल्ला स्थित मौलाना अली जौहर सामुदायिक केंद्र परिसर में स्वास्थ्य विभाग ने नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किया है। शुक्रवार को दिन में एक बजे के लगभग अस्पताल परिसर में एक्सपायर हुई काफी मात्रा में दवाओं के साथ ही अन्य मेडिकल वेस्ट को एनजीटी के दिशा निर्देशों के तहत निस्तारित कराए जाने के बजाए जला कर निस्तारित कराया जा रहा था। डिब्बे में पैक काफी मात्रा में दवाएं थे। मेडिकल वेस्ट के जलाए जाने से जहां प्रदूषण फैल रहा था तो वहीं आसपास के क्षेत्र में दवाओं के दुर्गंध से लोगों का उक्त रास्ते से गुजरना घंटे भर से अधिक समय तक दूभर हो गया था। आसपास मौजूद घरों में भी धुंआ घुस कर लोगों को परेशान किया था। मेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए एनजीटी ने शासन-प्रशासन को सख्त दिशा निर्देश दिए हुए है। सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों पर इसका अनुपालन कराने की जिम्मेदारी स्वास्थ्य महकमे को है। इसके बाद भी जब स्वास्थ्य महकमा स्वयं इसकी अनदेखी कर रहा है तो वह प्राइवेट अस्पतालों पर एनजीटी के दिशा निर्देशों का कितना अनुपालन महकमा करा रहा होगा।
मेडिकल वेस्ट नहीं बल्कि 15 अगस्त की तैयारी के तहत साफ-सफाई के बाद निकले कूड़े को वहां के स्टाफ ने जलाया है। कोई दवा आदि नहीं जलाए गए है। हालांकि कूड़े को भी जला कर निस्तारित नहीं किया जाना चाहिए था, इसके लिए नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात कर्मचारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए है। पूरा प्रयास होगा कि आगे से किसी भी अस्पताल पर मेडिकल वेस्ट क्या कूड़ा भी जला कर निस्तारित न किया जाए।
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डॉ. एके मिश्रा,सीएमओ, आजमगढ़।
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शहर के दलसिंगार मुहल्ला स्थित मौलाना अली जौहर सामुदायिक केंद्र परिसर में स्वास्थ्य विभाग ने नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किया है। शुक्रवार को दिन में एक बजे के लगभग अस्पताल परिसर में एक्सपायर हुई काफी मात्रा में दवाओं के साथ ही अन्य मेडिकल वेस्ट को एनजीटी के दिशा निर्देशों के तहत निस्तारित कराए जाने के बजाए जला कर निस्तारित कराया जा रहा था। डिब्बे में पैक काफी मात्रा में दवाएं थे। मेडिकल वेस्ट के जलाए जाने से जहां प्रदूषण फैल रहा था तो वहीं आसपास के क्षेत्र में दवाओं के दुर्गंध से लोगों का उक्त रास्ते से गुजरना घंटे भर से अधिक समय तक दूभर हो गया था। आसपास मौजूद घरों में भी धुंआ घुस कर लोगों को परेशान किया था। मेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए एनजीटी ने शासन-प्रशासन को सख्त दिशा निर्देश दिए हुए है। सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों पर इसका अनुपालन कराने की जिम्मेदारी स्वास्थ्य महकमे को है। इसके बाद भी जब स्वास्थ्य महकमा स्वयं इसकी अनदेखी कर रहा है तो वह प्राइवेट अस्पतालों पर एनजीटी के दिशा निर्देशों का कितना अनुपालन महकमा करा रहा होगा।
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मेडिकल वेस्ट नहीं बल्कि 15 अगस्त की तैयारी के तहत साफ-सफाई के बाद निकले कूड़े को वहां के स्टाफ ने जलाया है। कोई दवा आदि नहीं जलाए गए है। हालांकि कूड़े को भी जला कर निस्तारित नहीं किया जाना चाहिए था, इसके लिए नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात कर्मचारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए है। पूरा प्रयास होगा कि आगे से किसी भी अस्पताल पर मेडिकल वेस्ट क्या कूड़ा भी जला कर निस्तारित न किया जाए।
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डॉ. एके मिश्रा,सीएमओ, आजमगढ़।