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गुड फ्राइडे : चर्च में हुई विशेष प्रार्थना सभा
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गुड फ्राइडे पर चर्च में ईशु मसीह का संदेश सुनते लोग। संवाद
आजमगढ़। शहर के चर्च में शुक्रवार को गुड फ्राइडे श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में यीशु के अनुयायी चर्च पहुंचे और विशेष प्रार्थना सभा में भाग लिया। लोगों ने प्रभु यीशु मसीह के उपदेशों को सुना और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
हर वर्ष ईस्टर संडे से पहले आने वाले शुक्रवार को गुड फ्राइडे मनाया जाता है। इस वर्ष ईस्टर संडे पांच अप्रैल को पड़ रहा है, इसलिए उसके पहले शुक्रवार को गुड फ्राइडे मनाया गया।
चर्च के फादर रेवेरेंट वेबस्टर सैमुअल जेम्स ने बताया कि इसी दिन यीशु मसीह को सूली पर चढ़ाया गया था। उन्होंने मानव जाति के पापों से मुक्ति दिलाने और सत्य व प्रेम का संदेश देने के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया।
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यही कारण है कि यह दिन शोक, तपस्या और श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है। चर्च में आयोजित विशेष प्रार्थना सभा के बाद फादर ने प्रभु यीशु के जीवन और उनके बलिदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यीशु ने मानवता को प्रेम, क्षमा और सेवा का संदेश दिया, जिसे अपने जीवन में अपनाना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।
इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर प्रार्थना की और चर्च में क्रॉस के प्रति सम्मान प्रकट किया। वातावरण पूरी तरह शांत और भक्तिमय बना रहा। लोगों ने एक-दूसरे के लिए शांति और सद्भाव की कामना किया।
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हर वर्ष ईस्टर संडे से पहले आने वाले शुक्रवार को गुड फ्राइडे मनाया जाता है। इस वर्ष ईस्टर संडे पांच अप्रैल को पड़ रहा है, इसलिए उसके पहले शुक्रवार को गुड फ्राइडे मनाया गया।
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चर्च के फादर रेवेरेंट वेबस्टर सैमुअल जेम्स ने बताया कि इसी दिन यीशु मसीह को सूली पर चढ़ाया गया था। उन्होंने मानव जाति के पापों से मुक्ति दिलाने और सत्य व प्रेम का संदेश देने के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया।
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यही कारण है कि यह दिन शोक, तपस्या और श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है। चर्च में आयोजित विशेष प्रार्थना सभा के बाद फादर ने प्रभु यीशु के जीवन और उनके बलिदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यीशु ने मानवता को प्रेम, क्षमा और सेवा का संदेश दिया, जिसे अपने जीवन में अपनाना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।
इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर प्रार्थना की और चर्च में क्रॉस के प्रति सम्मान प्रकट किया। वातावरण पूरी तरह शांत और भक्तिमय बना रहा। लोगों ने एक-दूसरे के लिए शांति और सद्भाव की कामना किया।