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Azamgarh News: ड्रोन से होगा जीआईएस सर्वे, मकानों, खाली भूमि, जर्जर भवनों का तैयार होगा डिजिटल डाटा

Tue, 30 Jun 2026 12:32 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 30 Jun 2026 12:32 AM IST
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GIS survey will be done using drones, digital data of houses, vacant land, and dilapidated buildings will be prepared
आजमगढ़। शहर के सुनियोजित विकास और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नगर पालिका परिषद आजमगढ़ ड्रोन से जीआईएस (जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम) सर्वे कराएगी। इस सर्वे के जरिए शहर का विस्तृत डिजिटल नक्शा तैयार किया जाएगा, जिससे नगर क्षेत्र में उपलब्ध संसाधनों, कमियों और विकास की जरूरतों का सटीक आकलन किया जा सकेगा।
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नगर पालिका प्रशासन का मानना है कि तेजी से बढ़ती आबादी और शहरी विस्तार के बीच विकास योजनाओं को प्रभावी बनाने के लिए सटीक आंकड़ों का होना जरूरी है। इसी उद्देश्य से ड्रोन के जरिए पूरे शहर की मैपिंग कराई जाएगी। सर्वे के दौरान यह जानकारी जुटाई जाएगी कि शहर में कुल कितने मकान हैं, उनमें कितने भवन जर्जर अवस्था में हैं, कौन-कौन से क्षेत्र अतिक्रमण की चपेट में हैं और कहां खाली भूमि उपलब्ध है।
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इसके अलावा सर्वे में यह भी चिह्नित किया जाएगा कि शहर में सार्वजनिक सुविधाओं की वर्तमान स्थिति क्या है और भविष्य में किन क्षेत्रों में पार्क, सामुदायिक भवन, वेडिंग जोन, पार्किंग स्थल, खेल मैदान सहित अन्य नागरिक सुविधाओं की आवश्यकता होगी। इससे नगर पालिका को योजनाओं के चयन और बजट निर्धारण में काफी सुविधा मिलेगी। जीआईएस सर्वे के बाद तैयार होने वाले डिजिटल डाटा के आधार पर शहर का मास्टर प्लान तैयार करने में भी मदद मिलेगी। इससे सड़क चौड़ीकरण, जल निकासी व्यवस्था, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्ट्रीट लाइट, पेयजल और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की जा सकेगी।
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सर्वे में जुटाई जाने वाली प्रमुख जानकारियां
- शहर में कुल मकानों की संख्या
- जर्जर भवनों की स्थिति व संख्या
- खाली पड़ी सरकारी व निजी भूमि
- पार्क, वेडिंग जोन और सार्वजनिक स्थलों की जरूरत
- सड़कों, नालियों और अन्य बुनियादी सुविधाओं की स्थिति

क्या है जीआईएस सर्वे
जीआईएस (जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम) एक आधुनिक डिजिटल तकनीक है, जिसके माध्यम से किसी क्षेत्र का सटीक भू-स्थानिक मानचित्र तैयार किया जाता है। ड्रोन से प्राप्त तस्वीरों और आंकड़ों के आधार पर विकास योजनाओं की बेहतर रूपरेखा बनाई जाती है।


नगरपालिका की ओर से जीआईएस सर्वे कराया जाएगा। इसका प्रस्ताव बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा। सर्वे पूरा होने के बाद शहर की वास्तविक जरूरतों का विस्तृत खाका तैयार होगा। इससे विकास कार्यों को अधिक पारदर्शी, वैज्ञानिक और प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा। साथ ही भविष्य की योजनाओं के लिए भी एक मजबूत डाटा बैंक उपलब्ध होगा। - प्रशांत कुमार, ईओ नगरपालिका।
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