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घाघरा उफान पर, पलायन शुरू
अमर उजाला ब्यूरो/आजमगढ
Updated Sat, 30 Jul 2016 11:48 PM IST
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बाढ़
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सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी का क्रम निरंतर जारी है। नदी का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों की धड़कन तेज हो गई है। वहीं कटान के डर से ग्रामीण अब अपना आशियाना खुद ही उजाड़ने लगे हैं।
जनपद की उत्तरी सीमा पर बहने वाली घाघरा धीरे-धीरे अपने रौद्र रूप की ओर बढ़ रही है। जिसे देख ग्रामीणों की धड़कन बढ़ गई है। नदी के जलस्तर में बढ़ाव का क्रम निरंतर जारी है। शुक्रवार की शाम चार बजे बदरहुंआ गेज पर नदी का जलस्तर 71.82 मीटर और डिघिया गेज पर 70.99 मीटर रिकार्ड किया गया था। जो शनिवार की शाम चार बजे बढ़कर बदरहुंआ गेज पर 71.96 मीटर और डिघिया गेज पर 71.10 मीटर पर पहुंच गया।
बदरहुंआ गेज पर नदी का जलस्तर खतरा बिंदू 71.68 मीटर से 38 सेमी और डिघिया गेज पर खतरा बिंदू 70.40 मीटर से 70 सेमी ऊपर बह रही है। वहीं नदी तेजी से कृषि योग्य भूमि को अपने आगोश में लेती जा रही है। जिसे देख ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। वहीं देवाराखास राजा के मुराली का पुरवा के लोग कटान के कारण पलायन करने को विवश है। ग्रामीण स्वयं अपने हाथों से अपने आशियाने को उजाड़ रहे हैं।
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इतना ही नहीं घर के दरवाजे पर लगे पेड़ों केे काटकर भी अपने साथ ले जा रहे हैं। घर उजाड़ने के दौरान उनके घरों से अनेक विषैले जंतु भी निकल रहे हैं। देवारा खास राजा के ग्राम प्रधान पल्टन यादव लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में मदद करने में लगे हैं। बाढ़ चौकी के पास ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हाजीपुर है। जहां लगभग 50 गांवों के ग्रामीण अपना इलाज कराने के लिए आते हैं। चिकित्सा प्रभारी हरैया डा. देवानंद ने बताया कि सर्प काटने की दवा और सुई बाढ़ केंद्रों पर है। अगर बाढ़ केंद्रों की स्थिति देखें तो वह अक्सर बंद रहता है।
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जनपद की उत्तरी सीमा पर बहने वाली घाघरा धीरे-धीरे अपने रौद्र रूप की ओर बढ़ रही है। जिसे देख ग्रामीणों की धड़कन बढ़ गई है। नदी के जलस्तर में बढ़ाव का क्रम निरंतर जारी है। शुक्रवार की शाम चार बजे बदरहुंआ गेज पर नदी का जलस्तर 71.82 मीटर और डिघिया गेज पर 70.99 मीटर रिकार्ड किया गया था। जो शनिवार की शाम चार बजे बढ़कर बदरहुंआ गेज पर 71.96 मीटर और डिघिया गेज पर 71.10 मीटर पर पहुंच गया।
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बदरहुंआ गेज पर नदी का जलस्तर खतरा बिंदू 71.68 मीटर से 38 सेमी और डिघिया गेज पर खतरा बिंदू 70.40 मीटर से 70 सेमी ऊपर बह रही है। वहीं नदी तेजी से कृषि योग्य भूमि को अपने आगोश में लेती जा रही है। जिसे देख ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। वहीं देवाराखास राजा के मुराली का पुरवा के लोग कटान के कारण पलायन करने को विवश है। ग्रामीण स्वयं अपने हाथों से अपने आशियाने को उजाड़ रहे हैं।
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इतना ही नहीं घर के दरवाजे पर लगे पेड़ों केे काटकर भी अपने साथ ले जा रहे हैं। घर उजाड़ने के दौरान उनके घरों से अनेक विषैले जंतु भी निकल रहे हैं। देवारा खास राजा के ग्राम प्रधान पल्टन यादव लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में मदद करने में लगे हैं। बाढ़ चौकी के पास ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हाजीपुर है। जहां लगभग 50 गांवों के ग्रामीण अपना इलाज कराने के लिए आते हैं। चिकित्सा प्रभारी हरैया डा. देवानंद ने बताया कि सर्प काटने की दवा और सुई बाढ़ केंद्रों पर है। अगर बाढ़ केंद्रों की स्थिति देखें तो वह अक्सर बंद रहता है।