लाटघाट। सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी का क्रम शनिवार को भी जारी रहा। जलस्तर में बढोत्तरी के साथ ही नदी की कटान निरंतर जारी है। शनिवार तक नदी उर्दिहा गांव के किसानों की 100 बीघा जमीन को काटकर अपने आगोश में ले चुकी है। घाघरा नदी का जलस्तर धीमी गति से बढ़ रही हैं, कटान बदस्तूर जारी है। उर्दिहा गांव में जहां लगातार कटान तेज कर रही हैं, वहीं परसिया और सहबदिया में कटान होने से किसान भूमिहीन होते जा रहे हैं। उर्दिहा गांव में कटान होने से रामबदन, राम लखन, गुलाइची, फूलमती, कलंदर, ओमप्रकाश, निर्मला, नर्सिंग, उमेश, सुरेश, मनोज आदि दर्जनों किसानों की लगभग 100 बीघा जमीन घाघरा में विलीन हो चुकी है। घाघरा नदी 24 घंटे में बदरहुंआ पर 14 सेमी बढ़ी तो डिघिया पर 15 सेमी बढ़ाव दर्ज किया गया। बदरहुंआ गेज पर घाघरा नदी का न्यूनतम जलस्तर 70.26 मीटर, खतरा बिंदू 71.68 मीटर और अधिकतम जलस्तर 72.98 मीटर है। शुक्रवार को बदरहुंआ गेज पर नदी का जलस्तर 70.26 मीटर दर्ज किया गया था। जो शनिवार को 14 सेमी बढ़कर 70.40 मीटर हो गया। वहीं डिघिया नाले पर नदी का न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर, खतरा बिंदु 70.40 मीटर और अधिकतम जलस्तर 72.10 मीटर है। डिघिया नाले पर शुक्रवार को जलस्तर 69.65 मीटर था जो शनिवार को 15 सेमी बढ़कर 69.80 मीटर पर रहा। घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांव में कटान से किसान भूमिहीन होते जा रहे हैं, जिससे किसान सहमे हुए हैं। उर्दिहा गांव में कटान से जहां किसान परेशान हैं वहीं सहबदिया और परसिया गांव के किसानों की धड़कनें बढ़ती जा रही हैं।किसानों का कहना है कि हमारी कटी हुई जमीन का मुआवजा देने के लिए अभी तक राजस्व कर्मी भी गांव में नहीं पहुंचे हैं।