आजमगढ़। मंडलायुक्त विजय विश्वास पन्त ने सभी कार्यदायी विभागों को निर्देश दिए कि जो भी निर्माण कार्य कराएं मानक के अनुसार और गुणवत्तापूर्ण होने चाहिए। बुनियाद डालने तथा छत ढलाई के समय टेक्नीशियन, सहायक अभियंता, अवर अभियंता आदि का होना जरूरी है। कमिश्नर बुधवार देर साम सभागार में 50 लाख और 50 करोड़ से अधिक लागत के निर्माण कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।
मंडल के तीनों जनपदों में 50 लाख तथा उससे अधिक लागत के कुल 395 कार्य हैं। आजमगढ़ में 165, मऊ में 86 और बलिया में 144 कार्य हैं। आजमगढ़ में 18, मऊ में सात और बलिया में आठ अनारंभ हैं। आजमगढ़ में 16, मऊ में 8 और बलिया में 18 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। मंडलायुक्त ने कहा कि जिन विभागों के कार्य बजट के अभाव में बंद हैं अथवा अनारंभ हैं, संबंधित अधिकारी अपने विभाग से तत्काल बजट की मांग कर लें। मऊ में पैकफेड की ओर से कराए जा रहे कार्यों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति अत्यंत खराब मिलने पर नाराजगी व्यक्त की। संयुक्त विकास आयुक्त को निर्देश दिया कि जांच करें। कई कार्यदायी विभागों द्वारा प्रस्तुत प्रगति रिपोर्ट गतमाह की पाए जाने पर असंतोष व्यक्त किया। सिंचाई विभाग द्वारा मऊ में चार कार्य तथा बलिया में 10 कार्य कराया जा रहा है। बलिया की स्थिति संतोषजनक पाई गई। मऊ में कार्य बंद होने के कारण प्रगति कम पाई गई। पैकफेड द्वारा एक कार्य के लिए गत सितंबर माह में धनराशि प्राप्त होने तथा दिसंबर में उसका टेंडर करा दिए जाने की जानकारी संदिग्ध मिलने पर जांच संयुक्त विकास आयुक्त को दिए गए। प्रत्येक कार्यदायी संस्थाओं के 4-5 निर्माण कार्यों की जांच टीम बनाकर कराने के लिए उप निदेशक अर्थ एवं संख्या को निर्देश दिया। 50 करोड़ से अधिक लागत वाली निर्माण कार्यों में कुल 18 कार्य हैं। इसमें एनएचएआई, यूपीडा और लोक निर्माण विभाग के 4-4 कार्य, सेतु निगम के पांच एवं उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड का एक कार्य है। लोक निर्माण विभाग मऊ द्वारा कराया जा रहा लखनऊ-बलिया मार्ग के फोरलेन चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य में मऊ में प्रगति अत्यंत खराब है। रिपोर्टिंग भी गलत की गई है। संबंधित अधिशासी अभियंता एवं अधीक्षण अभियंता के विरुद्ध शासन को अवगत कराने का निर्देश दिया। सेतु निगम द्वारा आजमगढ़ में घाघरा नदी पर पुल निर्माण के साथ ही अन्य कार्य की प्रगति भी संतोषजनक नहीं पाई गई। उप परियोजना प्रबंधक, सेतु निगम को निर्देश दिया कि थर्ड पार्टी द्वारा उनके कार्यों के किए गए सत्यापन की रिपोर्ट उपलब्ध कराएं।