{"_id":"6c756fb1ce6518b4861d9a2089db2f61","slug":"gathering-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुनिया में इस्लाम ने दिया मानवता का संदेश ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुनिया में इस्लाम ने दिया मानवता का संदेश
संवाददाता
Updated Mon, 08 Jun 2015 12:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
निजामाबाद। गौसपुर गांव में रविवार को ग्लोबल वेलफेयर फाउंडेशन के तत्वावधान में इस्लाम का संदेश मानवता के नाम, विषय पर आयोजित जलस-ए-आम को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता शांति संदेश केंद्र फुलवारी शरीफ पटना के अध्यक्ष मौलाना साजिद हुसैन ने कहा कि इस्लाम धर्म मानवता का संदेश लेकर दुनियां में आया है, इसी संदेश के जरिए समाज में फैली बुराइयों को दूर करने का काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस्लाम ने कभी भी किसी धर्म को खराब नहीं कहा, बल्कि सभी को अपने धर्म के रास्ते पर चलने की बात कही है। इस्लाम ने कुरआन को दूसरे धर्म के लोगों को पढने से कभी भी मना नहीं किया। उन्होंने कहा कि कुरआन कई भाषाओं में आ चुका है, इसे सभी पढ़ सकते है और समझ सकते है। मौलाना साजिद ने गीता और रामायण के संस्कृत के श्लोक को पढ़ा और उसका मतलब भी लोगों को बताया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से सबसे पुराना धर्म सनातन धर्म है। उसी तरह से इस्लाम भी पुराना धर्म है। इस्लाम में भाईचारगी, धार्मिक एकता और खुदा की इबादत किए जाने की बात कही गई है। जलसे को अंसार अहमद कासमी, शायर कौसर मारुफी, हाफिज मोहम्मद अब्दुल्ला आदि ने संबोधित किया। इस मौके पर ग्लोबल वेलफयर के अध्यक्ष डा. मन्नान खां, गुफरान अहमद, मोहम्मद शमशेर, शब्बीर अहमद, अवधेश यादव, शिवानंद यादव, फौजदार यादव, मास्टर मोहम्मद युनूस, मोहम्मद जावेद, तौकिर आजमी, डा.अय्यूब, मंसूर अहमद मिनहाज आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि इस्लाम ने कभी भी किसी धर्म को खराब नहीं कहा, बल्कि सभी को अपने धर्म के रास्ते पर चलने की बात कही है। इस्लाम ने कुरआन को दूसरे धर्म के लोगों को पढने से कभी भी मना नहीं किया। उन्होंने कहा कि कुरआन कई भाषाओं में आ चुका है, इसे सभी पढ़ सकते है और समझ सकते है। मौलाना साजिद ने गीता और रामायण के संस्कृत के श्लोक को पढ़ा और उसका मतलब भी लोगों को बताया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से सबसे पुराना धर्म सनातन धर्म है। उसी तरह से इस्लाम भी पुराना धर्म है। इस्लाम में भाईचारगी, धार्मिक एकता और खुदा की इबादत किए जाने की बात कही गई है। जलसे को अंसार अहमद कासमी, शायर कौसर मारुफी, हाफिज मोहम्मद अब्दुल्ला आदि ने संबोधित किया। इस मौके पर ग्लोबल वेलफयर के अध्यक्ष डा. मन्नान खां, गुफरान अहमद, मोहम्मद शमशेर, शब्बीर अहमद, अवधेश यादव, शिवानंद यादव, फौजदार यादव, मास्टर मोहम्मद युनूस, मोहम्मद जावेद, तौकिर आजमी, डा.अय्यूब, मंसूर अहमद मिनहाज आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन