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निर्माण पूरा होने से पहले टूटने लगा फोरलेन
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सेंहदा के पास फोर लेन सड़क में पड़ी दरार।-प्लान खबर की फोटो
- फोटो : AZAMGARH
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आजमगढ़। वर्तमान में एनएचएआई द्वारा वाराणसी-लुंबिनी (एनएच-233) फोरलेन का निर्माण किया जा रहा है। एक तरफ से कार्यदायी संस्था द्वारा गायत्री प्रोजेक्ट लिमिटेड द्वारा मार्ग का निर्माण किया जा रहा है दूसरी तरफ सड़क में पहले पड़ी दरारें चौड़ी हो गई हैं। इतना ही नहीं मार्ग में कई जगह पर गड्ढ़े बन गए हैं। जिसके कारण लोगों द्वारा इसके निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
वाराणसी-लुंबिनी एक्सप्रेस-वे का निर्माण एनएचएआई द्वारा कराया जा रहा है। कार्यदायी संस्था गायत्री प्रोजेक्ट लिमिटेड इसके निर्माण में जुटी हुई है। लेकिन इसके द्वारा मानक की अनदेखी कर निर्माण कराया जा रहा है। जिसका परिणाम है कि फोरलेन में दरारें काफी पहले ही नजर आने लगी थी। अब यह दरारें काफी बड़ी हो गई है। इतना ही नहीं मार्ग में जगह-जगह गड्ढ़े भी हो गए हैँ। इसका नजारा भवरनाथ से कंधरापुर, कप्तानगंज जाने वाले मार्ग को देखकर लगाया जा सकता है। इस मार्ग पर पहले ही दर्जनों जगहों पर दरारे पड़ गई थी जो समय से साथ चौड़ी होती गई। आज मार्ग में सेहदा के पास कई गड्ढ़े हो गए हैं जो मार्ग निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। लोगों द्वारा इसे लेकर कार्यदायी संस्था पर उंगली उठाई जा रही है। उनका कहना है कि मार्ग के निर्माण में मानक की अनदेखी की जा रही है जिसे देखने वाला कोई नहीं है। वहीं सड़क में बने गड्ढ़े लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन चुके हैं।
फोरलेन निर्माण में कार्यदायी संस्था द्वारा घटिया मैटेरियल का प्रयोग किया जा रहा है। इसकी शिकायत प्रमुख सचिव और जिले के पूर्व नोडल अधिकारी से भी हो चुकी है। उन्होंने भी जांचकर कार्रवाई का आश्वासन दिया था लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ।
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यह मार्ग अभी निर्माणाधीन है। यह चार साल तक हमारे अंडर में रहेगा। अभी जहां भी इसमें दरारें पड़ी है या गड्ढ़े हुए उनकी मरम्मत कराने के बाद ही इसे हैंडओवर दिया जाएगा।
आरएस यादव, पीडी एनएचएआई।
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वाराणसी-लुंबिनी एक्सप्रेस-वे का निर्माण एनएचएआई द्वारा कराया जा रहा है। कार्यदायी संस्था गायत्री प्रोजेक्ट लिमिटेड इसके निर्माण में जुटी हुई है। लेकिन इसके द्वारा मानक की अनदेखी कर निर्माण कराया जा रहा है। जिसका परिणाम है कि फोरलेन में दरारें काफी पहले ही नजर आने लगी थी। अब यह दरारें काफी बड़ी हो गई है। इतना ही नहीं मार्ग में जगह-जगह गड्ढ़े भी हो गए हैँ। इसका नजारा भवरनाथ से कंधरापुर, कप्तानगंज जाने वाले मार्ग को देखकर लगाया जा सकता है। इस मार्ग पर पहले ही दर्जनों जगहों पर दरारे पड़ गई थी जो समय से साथ चौड़ी होती गई। आज मार्ग में सेहदा के पास कई गड्ढ़े हो गए हैं जो मार्ग निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। लोगों द्वारा इसे लेकर कार्यदायी संस्था पर उंगली उठाई जा रही है। उनका कहना है कि मार्ग के निर्माण में मानक की अनदेखी की जा रही है जिसे देखने वाला कोई नहीं है। वहीं सड़क में बने गड्ढ़े लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन चुके हैं।
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फोरलेन निर्माण में कार्यदायी संस्था द्वारा घटिया मैटेरियल का प्रयोग किया जा रहा है। इसकी शिकायत प्रमुख सचिव और जिले के पूर्व नोडल अधिकारी से भी हो चुकी है। उन्होंने भी जांचकर कार्रवाई का आश्वासन दिया था लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ।
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यह मार्ग अभी निर्माणाधीन है। यह चार साल तक हमारे अंडर में रहेगा। अभी जहां भी इसमें दरारें पड़ी है या गड्ढ़े हुए उनकी मरम्मत कराने के बाद ही इसे हैंडओवर दिया जाएगा।
आरएस यादव, पीडी एनएचएआई।