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Azamgarh News: खेतों में खड़ा है चार लाख क्विंटल गन्ना चीनी मिल से नहीं मिल रही पर्ची
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क्षेत्र के सात क्रय केंद्रों को चीनी मिल घोसी मऊ से काटकर आजमगढ़ की सठियांव चीनी मिल से जोड़ दिया गया है।
इस चीनी मिल से पर्ची न मिलने के कारण किसान अपना गन्ना नहीं बेच पा रहे हैं। चार लाख क्विंटल से अधिक गन्ना खेतों में खड़ा है। पर्ची न मिलने से गन्ना सूखने के कगार पर है। सगड़ी तहसील के देवारा और आसपास के क्षेत्रों में किसान बड़े पैमाने पर गन्ना की खेती करते हैं। हर साल नौ लाख क्विंटल से अधिक गन्न की आपूर्ति करने हैं। इससे मिलने वाले रुपयों से गृहस्थी की जरूरतों को पूरा करते हैं। बीते वर्ष की तुलना में इस बार भी गन्ना की पैदावार अच्छी हुई है।
किसान बीते दिसंबर से गन्ना की कटाई कर क्रय केंद्र मालटारी, हैदराबाद, भुवना बुजुर्ग, लाटघाट, करखिया, खोजौली , देवारा खास राजा के माध्यम से चीनी मिल घोसी को बेच रहे थे, जबकि कुछ किसान सीधे मिल को गन्ना देते थे। जनवरी- फरवरी माह में इन सातों क्रय केंद्रों को घोसी चीनी मिल से काटकर आजमगढ़ की सठियांव चीनी मिल से जोड़ दिया गया।
इसके बाद से गन्ना बेचने के लिए किसानों को पर्ची नहीं मिल पा रही है। किसानों के साथ ही चीनी मिल घोसी के उपसभापति रजनीश राय और चीनी मिल संघ के डायरेक्टर रामाश्रय राय ने कटे क्रय केंद्रों को फिर से घोसी चीनी मिल से जोड़ने के लिए अधिकारियों से मिले लेकिन कुछ नहीं हुआ। पेराई सत्र का अंतिम दौर चल रहा है लेकिन सठियांव चीनी मिल से पर्ची न मिलने के कारण चार लाख क्विंटल गन्ने की कटाई नहीं हो पाई है।
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इस चीनी मिल से पर्ची न मिलने के कारण किसान अपना गन्ना नहीं बेच पा रहे हैं। चार लाख क्विंटल से अधिक गन्ना खेतों में खड़ा है। पर्ची न मिलने से गन्ना सूखने के कगार पर है। सगड़ी तहसील के देवारा और आसपास के क्षेत्रों में किसान बड़े पैमाने पर गन्ना की खेती करते हैं। हर साल नौ लाख क्विंटल से अधिक गन्न की आपूर्ति करने हैं। इससे मिलने वाले रुपयों से गृहस्थी की जरूरतों को पूरा करते हैं। बीते वर्ष की तुलना में इस बार भी गन्ना की पैदावार अच्छी हुई है।
किसान बीते दिसंबर से गन्ना की कटाई कर क्रय केंद्र मालटारी, हैदराबाद, भुवना बुजुर्ग, लाटघाट, करखिया, खोजौली , देवारा खास राजा के माध्यम से चीनी मिल घोसी को बेच रहे थे, जबकि कुछ किसान सीधे मिल को गन्ना देते थे। जनवरी- फरवरी माह में इन सातों क्रय केंद्रों को घोसी चीनी मिल से काटकर आजमगढ़ की सठियांव चीनी मिल से जोड़ दिया गया।
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इसके बाद से गन्ना बेचने के लिए किसानों को पर्ची नहीं मिल पा रही है। किसानों के साथ ही चीनी मिल घोसी के उपसभापति रजनीश राय और चीनी मिल संघ के डायरेक्टर रामाश्रय राय ने कटे क्रय केंद्रों को फिर से घोसी चीनी मिल से जोड़ने के लिए अधिकारियों से मिले लेकिन कुछ नहीं हुआ। पेराई सत्र का अंतिम दौर चल रहा है लेकिन सठियांव चीनी मिल से पर्ची न मिलने के कारण चार लाख क्विंटल गन्ने की कटाई नहीं हो पाई है।
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