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बायोमैट्रिक क्लोनिंग कर पैसा निकालने वाले चार साइबर अपराधी गिरफ्तार

Sun, 30 Jan 2022 12:30 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 30 Jan 2022 12:30 AM IST
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Four cyber criminals arrested for withdrawing money by cloning biometrics
आजमगढ़। पवई थाने की पुलिस ने बायोमैट्रिक क्लोनिंग कर खाते से पैसा निकालने वाले चार साइबर अपराधी को अशरफपुर बसही नहर पुलिया से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से बटर पेपर व पोलिमर रबर स्टैंप, फिंगर प्रिंट, 2500 रुपये नकद व प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के फार्म और दो तमंचा, कारतूस व मोटरसाइकिल बरामद की गई।
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एसपी ग्रामीण सिद्घार्थ ने बताया कि 25 जनवरी को पवई थाना क्षेत्र के जल्दीपुर ग्राम निवासी मंजीत कुमार और उनके गांव के लोगों ने तहरीर दी थी कि वीर एकलव्य कालेज में जल्दीपुर गांव निवासी मनोज कुमार बिंद व सुरेंद्र मकसुदिया ने आयुष्मान कार्ड का कैंप लगाया था। इस मौके पर उन्होंने अंगूठा निशान लिया। बाद में उससे क्लोन तैयार कर खाते से पैसे निकाल लिए। मामले की विवेचना सरायमीर के प्रभारी निरीक्षक स्वतंत्र सिंह को सौंपी गई थी। पुलिस ने मकसुदिया निवासी सुरेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो पता चला कि खुसरो निवासी राकेश कुमार, अनिल कुमार, मनकापुर का बासदेव भी इस धंधे में उसके साथ हैं। तीनों को अशरफपुर बसही नहर पुलिया से गिरफ्तार किया गया। उनके पास से दो तमंचे और कारतूस बरामद किए गए। बायोमेट्रिक क्लोन बनाने वाले उपकरण बरामद हुए।
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ऐसा होता था पूरा खेल
आजमगढ़। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने आयुष्मान योजना के फर्जी फार्म तैयार किये थे। उन्होंने वीर एकलव्य इंटर कालेज जल्दीपुर के शिक्षक मनोज कुमार को पैसा का लालच देकर 16 दिसंबर शिविर लगाया। आयुष्मान कार्ड बनाने के नाम पर करीब 300 लोगों से फार्म व सादे कागज पर उनके अंगूठा निशान लगवाया गया और आधार कार्ड के नंबर लिए। स्कैनर से अंगुठे के निशानो को बटर पेपर पर स्कैन कर पोलीमर रबर स्टैंप मशीन ने फिंगर प्रिंटों के क्लोन तैयार करके पैसे निकाले। आरोपी इसी प्रकार का कृत्य देवगांव व फूलपुर में भी कर चुके हैं। आरोपी घर पर जनसेवा केंद्र भी चलाता था। राकेश दिल्ली में ग्राहक सेवा केंद्र चलाते था। वहीं क्लोनिंग के बारे में सीखा था। वर्ष 2020 मे थाना सिधारी में ऐसी ही मामले में पकड़ा गया था और जेल भी गया था।
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