{"_id":"65bfe3158e68dd6f5806353f","slug":"foreign-guests-are-being-hunted-indiscriminately-in-nine-tal-azamgarh-news-c-258-1-svns1001-110880-2024-02-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Azamgarh News: नाइन ताल में धड़ल्ले से हो रहा विदेशी मेहमानों का शिकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Azamgarh News: नाइन ताल में धड़ल्ले से हो रहा विदेशी मेहमानों का शिकार
विज्ञापन
मार्टीनगंज तहसील क्षेत्र के सूघरपुर तथा आमगांव के पश्चिम स्थित ताल जिसे नाइन ताल के नाम से जाना जाता है। प्रवासी साइबेरियन पक्षियों का शिकार तेजी से हो रहा है। इसके चलते जीवन बचाने आए पक्षियों को जीवन से हाथ धोना पड़ रहा है।
यह ताल सैकड़ों बीघे में फैला हुआ है। इस ताल में हर वर्ष हजारों की संख्या में प्रवासी साइबेरियन पक्षी अक्तूबर-नवम्बर माह में इस ताल में तब आते हैं, जब साइबेरिया में तापमान शून्य डिग्री से भी नीचे आ जाता है और चारों तरफ बर्फ जम जाती है। ऐसे में इन साइबेरियन पक्षियों का वहां जी पाना मुश्किल हो जाता है तथा भोजन की किल्लत हो जाती है। लगभग 4000 किमी उड़कर यह मेहमान अपने देश में आते हैं। इनके जीने तथा प्रजनन का अनुकूल तापमान मिलता है। ऐसे में शिकारी ताल में अपने संसाधनों को लगाकर इनका नित्य धड़ल्ले से शिकार कर गांव-गांव घूमकर एक हजार रुपये से लेकर बारह सौ रुपये में बेखौफ बिक्री करते हैं। शिकारियों से बचे हुए साइबेरियन पक्षी जब यहां तापमान गर्म होने लगता है तब मार्च और अप्रैल माह में साइबेरिया वापस जाने लगते हैं। यह पक्षी सर्वाहारी होते हैं जो हवा में लंबी दूरी तक उड़ान भर सकते हैं और पानी में भी तैर सकते हैं। वन क्षेत्राधिकारी फूलपुर सत्येंद्र कुमार मौर्य का कहना है कि अगर कोई ऐसा करता हुआ पाया जाएगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हम जल्द ही सूघरपुर ताल का निरीक्षण कर ठोस कदम उठाएंगे।
विज्ञापन
यह ताल सैकड़ों बीघे में फैला हुआ है। इस ताल में हर वर्ष हजारों की संख्या में प्रवासी साइबेरियन पक्षी अक्तूबर-नवम्बर माह में इस ताल में तब आते हैं, जब साइबेरिया में तापमान शून्य डिग्री से भी नीचे आ जाता है और चारों तरफ बर्फ जम जाती है। ऐसे में इन साइबेरियन पक्षियों का वहां जी पाना मुश्किल हो जाता है तथा भोजन की किल्लत हो जाती है। लगभग 4000 किमी उड़कर यह मेहमान अपने देश में आते हैं। इनके जीने तथा प्रजनन का अनुकूल तापमान मिलता है। ऐसे में शिकारी ताल में अपने संसाधनों को लगाकर इनका नित्य धड़ल्ले से शिकार कर गांव-गांव घूमकर एक हजार रुपये से लेकर बारह सौ रुपये में बेखौफ बिक्री करते हैं। शिकारियों से बचे हुए साइबेरियन पक्षी जब यहां तापमान गर्म होने लगता है तब मार्च और अप्रैल माह में साइबेरिया वापस जाने लगते हैं। यह पक्षी सर्वाहारी होते हैं जो हवा में लंबी दूरी तक उड़ान भर सकते हैं और पानी में भी तैर सकते हैं। वन क्षेत्राधिकारी फूलपुर सत्येंद्र कुमार मौर्य का कहना है कि अगर कोई ऐसा करता हुआ पाया जाएगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हम जल्द ही सूघरपुर ताल का निरीक्षण कर ठोस कदम उठाएंगे।
विज्ञापन