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Azamgarh News: शॉपिंग कॉम्प्लेक्सों, अस्पतालों में रखे जाएंगे अग्नि सुरक्षा अधिकारी
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जिले में संचालित हो रहे बड़े अस्पताल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और होटलों में अब निजी तौर पर अग्नि सुरक्षा अधिकारी रखे जाएंगे। अग्नि सुरक्षा विभाग इनको आग से बचाव का प्रशिक्षण देगा। अग्नि सुरक्षा अधिकारियों की तैनाती से आगलगी की घटनाओं पर काबू पाने में काफी मदद मिलेगी।
शहर के सिधारी, मड़या, सिविल लाइन, रोडवेज, चौक आदि क्षेत्रों में 12 से अधिक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स हैं। इसके अलावा कई बड़े निजी और सरकारी अस्पताल हैं। महानिदेशक अग्नि सुरक्षा एवं आपात सेवाएं विभाग ने संस्थानों में फायर फाइटिंग के मानक पूरे किए जाने के साथ ही एक जनवरी से बड़े होटल, अस्पतालों और शॉपिंग कॉम्प्लेक्सों में अग्नि सुरक्षा अधिकारी की तैनाती को अनिवार्य कर दी है। अग्नि सुरक्षा अधिकारी के लिए किसी भी सरकारी संस्था, निकाय या किसी राज्य सरकार की अग्नि सेवा से त्यागपत्र प्राप्त अधिकारी, कर्मचारी रखे जा सकेंगे। इनके लिए उनके पास अग्निशमन सुरक्षा सेवा का अनुभव होना जरूरी है। जबकि अन्य के लिए किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय, संस्थान से अग्निशमन सुरक्षा या समकक्ष में स्नातक की डिग्री और अग्नि सुरक्षा का अनुभव होना चाहिए। इनको स्थानीय स्तर पर विभाग द्वारा एक सप्ताह का प्रशिक्षण दिया जाएगा। फिर इनकी तैनाती होगी। विभाग की तरफ से बड़े शॉपिंग कॉम्प्लेक्सों, अस्पतालों व होटलों को अग्निसुरक्षा अधिकारी की तैनाती के लिए पत्र जारी किया जा रहा है। अग्नि सुरक्षा अधिकारियों की तैनाती से आगलगी की घटनाओं पर काबू पाने में काफी मदद मिलेगी।
उपकरणों की क्रियाशीलता का देना होगा प्रमाण
नए नियम के तहत अब हर छह माह पर संचालकों को अपने अस्पताल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और होटलों में लगे अग्नि सुरक्षा उपकरणों के क्रियाशीलता का प्रमाण देना होगा। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि संचालकों को फायर वेंडरों (थर्ड पार्टी) से लगे उपकरणों की क्रियाशीलता प्रमाण स्वीकृत कराकर देना होगा, , नहीं तो उनकी एनओसी स्वत: निरस्त मानी जाएगी।
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बड़े अस्पताल और शॉपिंग कॉम्प्लेक्सों संचालकों को अब अग्नि सुरक्षा अधिकारी रखे जाएंगे। इनको विभाग की तरफ से आग से बचाव के प्रशिक्षण दिए जाएंगे। इनकी मदद से आगलगी की घटनाओं पर काबू पाने में काफी मदद मिलेगी। - वीके शर्मा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी।
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शहर के सिधारी, मड़या, सिविल लाइन, रोडवेज, चौक आदि क्षेत्रों में 12 से अधिक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स हैं। इसके अलावा कई बड़े निजी और सरकारी अस्पताल हैं। महानिदेशक अग्नि सुरक्षा एवं आपात सेवाएं विभाग ने संस्थानों में फायर फाइटिंग के मानक पूरे किए जाने के साथ ही एक जनवरी से बड़े होटल, अस्पतालों और शॉपिंग कॉम्प्लेक्सों में अग्नि सुरक्षा अधिकारी की तैनाती को अनिवार्य कर दी है। अग्नि सुरक्षा अधिकारी के लिए किसी भी सरकारी संस्था, निकाय या किसी राज्य सरकार की अग्नि सेवा से त्यागपत्र प्राप्त अधिकारी, कर्मचारी रखे जा सकेंगे। इनके लिए उनके पास अग्निशमन सुरक्षा सेवा का अनुभव होना जरूरी है। जबकि अन्य के लिए किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय, संस्थान से अग्निशमन सुरक्षा या समकक्ष में स्नातक की डिग्री और अग्नि सुरक्षा का अनुभव होना चाहिए। इनको स्थानीय स्तर पर विभाग द्वारा एक सप्ताह का प्रशिक्षण दिया जाएगा। फिर इनकी तैनाती होगी। विभाग की तरफ से बड़े शॉपिंग कॉम्प्लेक्सों, अस्पतालों व होटलों को अग्निसुरक्षा अधिकारी की तैनाती के लिए पत्र जारी किया जा रहा है। अग्नि सुरक्षा अधिकारियों की तैनाती से आगलगी की घटनाओं पर काबू पाने में काफी मदद मिलेगी।
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उपकरणों की क्रियाशीलता का देना होगा प्रमाण
नए नियम के तहत अब हर छह माह पर संचालकों को अपने अस्पताल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और होटलों में लगे अग्नि सुरक्षा उपकरणों के क्रियाशीलता का प्रमाण देना होगा। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि संचालकों को फायर वेंडरों (थर्ड पार्टी) से लगे उपकरणों की क्रियाशीलता प्रमाण स्वीकृत कराकर देना होगा, , नहीं तो उनकी एनओसी स्वत: निरस्त मानी जाएगी।
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बड़े अस्पताल और शॉपिंग कॉम्प्लेक्सों संचालकों को अब अग्नि सुरक्षा अधिकारी रखे जाएंगे। इनको विभाग की तरफ से आग से बचाव के प्रशिक्षण दिए जाएंगे। इनकी मदद से आगलगी की घटनाओं पर काबू पाने में काफी मदद मिलेगी। - वीके शर्मा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी।