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साजिश के तहत दर्ज की गई प्राथमिकी : फूलचंद यादव
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अतरौलिया। थाना क्षेत्र के पहिया बुजुर्ग गांव निवासी, साकेत महाविद्यालय अयोध्या के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष, पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं भाजपा नेता फूलचंद यादव ने अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को निराधार बताते हुए इसे साजिश करार दिया है।
उन्होंने कहा कि 23 मार्च 2026 को पहिया गांव में भूमि विवाद को लेकर दो पक्षों में मारपीट हुई थी। इसी संबंध में गांव निवासी राजबहादुर यादव द्वारा पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर अतरौलिया पुलिस ने 10 अप्रैल को उनके सहित 10 नामजद और 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
फूलचंद यादव का कहना है कि पुलिस द्वारा उन्हें मुकदमे में नामजद करना अन्यायपूर्ण है और यह उन्हें और उनके सरकार को बदनाम करने की सोची-समझी साजिश है। उन्होंने अतरौलिया थानाध्यक्ष की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि घटना में फायरिंग, गंभीर चोट या बड़े पैमाने पर बवाल हुआ था तो उसी दिन प्राथमिकी क्यों नहीं दर्ज किया गया। 18 दिन बाद मुकदमा दर्ज किया जाना संदेहास्पद है।
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उन्होंने कहा कि वह छात्र जीवन से राजनीति कर रहे हैं और उनकी राजनीतिक छवि खराब करने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ उन्होंने पुलिस अधीक्षक को पूरे मामले से अवगत करा दिया है और निष्पक्ष जांच की मांग की है। संवाद
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उन्होंने कहा कि 23 मार्च 2026 को पहिया गांव में भूमि विवाद को लेकर दो पक्षों में मारपीट हुई थी। इसी संबंध में गांव निवासी राजबहादुर यादव द्वारा पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर अतरौलिया पुलिस ने 10 अप्रैल को उनके सहित 10 नामजद और 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
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फूलचंद यादव का कहना है कि पुलिस द्वारा उन्हें मुकदमे में नामजद करना अन्यायपूर्ण है और यह उन्हें और उनके सरकार को बदनाम करने की सोची-समझी साजिश है। उन्होंने अतरौलिया थानाध्यक्ष की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि घटना में फायरिंग, गंभीर चोट या बड़े पैमाने पर बवाल हुआ था तो उसी दिन प्राथमिकी क्यों नहीं दर्ज किया गया। 18 दिन बाद मुकदमा दर्ज किया जाना संदेहास्पद है।
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उन्होंने कहा कि वह छात्र जीवन से राजनीति कर रहे हैं और उनकी राजनीतिक छवि खराब करने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ उन्होंने पुलिस अधीक्षक को पूरे मामले से अवगत करा दिया है और निष्पक्ष जांच की मांग की है। संवाद