अतरौलिया। एनएच-233 आजमगढ़ से लखनऊ मार्ग पर अतरौलिया के लोहरा गांव स्थित टोल प्लाजा पर फास्टैग को लेकर पूरे दिन गहमागहमी रही। फास्टैग अनिवार्य किए जाने से जिन वाहनों पर फास्टैग नहीं लगा था, उनसे दोगुना टोल वसूला गया, जिसको लेकर टोल कर्मियों और वाहन चालकों में नोकझोंक होती रही। हाईवे पर टोल से गुजरने वाले करीब 25 प्रतिशत वाहनों से दोगुना टोल लिया गया। वहीं पांच फीसद वाहन स्वामियों ने अपने वाहन में फास्टैग लगवाकर आगे बढ़े। हालांकि जाम की स्थिति नहीं रही। वहीं फास्टैग लगे वाहन आसानी से बिना रुके आगे निकलते गए।
सरकार ने सोमवार रात 12 बजे से ही नेशनल हाईवे के सभी टोल प्लाजा पर फास्टैग अनिवार्य कर दिया है। लोहरा में बने टोल प्लाजा पर भी रात्रि 12 बजे से यह नियम लागू हो गया था। नियम यह भी था कि जिन वाहनों पर फास्टैग नहीं लगा होगा, उसने दोगुना टोल टैक्स लिया जाएगा। लेकिन बिना फास्टैग के वाहनों से दोगुना टैक्स लेने पर टोल कर्मियों से वाहन चालक उलझते रहे। जमकर नोकझोंक हुई। अतरौलिया के लोहरा टोल प्लाजा के प्रबंधक राकेश सिंह ने बताया कि जिन वाहनों पर फास्ट टैग नहीं लगा था उनके लिए टोल प्लाजा पर ही फास्टैग की सुविधा थी। दो मिनट में ही उसे एक्टिवेट कर दिया गया था। वहीं कुछ लोग नहीं लगवाए तो उन्हें कैशलेस से दोगुना वसूल किया गया। फास्टैग से लोगों को काफी सुविधा मिल रही है। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन करीब 1500 वाहन टोल प्लाजा से गुजर रहे हैं। इनमें से करीब 70 फीसद वाहन ऐसे हैं जिनमें फास्टैग लगा है। वहीं 30 फीसद वाहन ऐसे हैं जिनमें फास्टैग की सुविधा नहीं थी। करीब पांच फीसद वाहनों में यहीं फास्टैग लगाया गया।