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सिमेंट कंपनी का जीएम बन हड़प लिया 5.60 लाख
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आजमगढ़। शहर कोतवाली क्षेत्र के बलरामपुर निवासी कमलेश यादव पुत्र स्व. धर्मदेव यादव को एक सिमेंट कंपनी का जीएम बन जालसाज ने 5.60 लाख का चूना लगा दिया। पीड़ित ने व्हाट्सएप के जरिये 2000 बोरी सिमेंट का आर्डर दिया था और खाते से ऑनलाइन पैसा ट्रांसफर किया था। 48 घंटे में सिमेंट की डिलेवरी होनी थी लेकिन अब तक सिमेंट नहीं आई। पीड़ित ने शहर कोतवाली में व्यक्ति के खिलाफ नामजद मुकदमा पंजीकृत कराया है।
बलरामपुर निवासी कमलेश यादव पुत्र स्व. धर्मदेव यादव ठेकेदारी का काम करता है और बलरामपुर में ही बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान चलाता है। सिमेंट की खरीदारी के लिए उसने व्हाट्सएप ग्रुप पर एक सिमेंट कंपनी के मोबाइल नंबर पर बात की। फोन उठाने वाले ने खुद को कंपनी जीएम बताया और 48 घंटे में 2000 बोरी सिमेंट की डिलेवरी देने को कहा। कमलेश ने 5.60 लाख रुपये खाते में ट्रांसफर करने को कहा। कमलेश ने अपने इंडियन ओवरसीज बैंक के खाते से 28 मई को बताए गए खाते में रुपये ट्रांसफर कर दिए। निर्धारित 48 घंटे की समय सीमा बीत जाने के बाद भी सिमेंट नहीं पहुंचा तो उसने फिर से उसी नंबर पर बात की। पहले तो आज-कल में सिमेंट पहुंचने की बात कही गई लेकिन फिर फोन ही उठना बंद हो गया। अपने स्तर से कमलेश ने जांच शुरू की तो पता चला कि जिस खाते में पैसा गया है वह झारखंड के जमशेदपुर के बीओआई तोनारी ब्रांच का है। जबकि उक्त सिमेंट कंपनी का खाता अंधेरी मुंबई में है। जिसके खाते में पैसा गया है, उसका नाम योगेश कुमार शर्मा है। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर लिया है और जालसाज का पता लगाने में जुट गई है। कमलेश के अनुसार फर्जी जीएम बन कर इस व्यक्ति ने काफी संख्या में लोगों को चूना लगाया है। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है।
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बलरामपुर निवासी कमलेश यादव पुत्र स्व. धर्मदेव यादव ठेकेदारी का काम करता है और बलरामपुर में ही बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान चलाता है। सिमेंट की खरीदारी के लिए उसने व्हाट्सएप ग्रुप पर एक सिमेंट कंपनी के मोबाइल नंबर पर बात की। फोन उठाने वाले ने खुद को कंपनी जीएम बताया और 48 घंटे में 2000 बोरी सिमेंट की डिलेवरी देने को कहा। कमलेश ने 5.60 लाख रुपये खाते में ट्रांसफर करने को कहा। कमलेश ने अपने इंडियन ओवरसीज बैंक के खाते से 28 मई को बताए गए खाते में रुपये ट्रांसफर कर दिए। निर्धारित 48 घंटे की समय सीमा बीत जाने के बाद भी सिमेंट नहीं पहुंचा तो उसने फिर से उसी नंबर पर बात की। पहले तो आज-कल में सिमेंट पहुंचने की बात कही गई लेकिन फिर फोन ही उठना बंद हो गया। अपने स्तर से कमलेश ने जांच शुरू की तो पता चला कि जिस खाते में पैसा गया है वह झारखंड के जमशेदपुर के बीओआई तोनारी ब्रांच का है। जबकि उक्त सिमेंट कंपनी का खाता अंधेरी मुंबई में है। जिसके खाते में पैसा गया है, उसका नाम योगेश कुमार शर्मा है। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर लिया है और जालसाज का पता लगाने में जुट गई है। कमलेश के अनुसार फर्जी जीएम बन कर इस व्यक्ति ने काफी संख्या में लोगों को चूना लगाया है। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है।
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