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वर्षों से चल रही थी फैक्ट्री, पकड़ी गई 15 मौतों के बाद
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आजमगढ़। हर बार जहरीली शराब से मौत होने के बाद ही पुलिस व प्रशासनिक अमला किसी न किसी बड़ी अवैध शराब फैक्ट्री को पकड़ता है। इस बार भी ऐसा ही हुआ। इसके पूर्व पवई जहरीली शराब कांड के बाद ही पुलिस ने मित्तूपुर में अवैध शराब फैक्ट्री पकड़ी थी। यदि पहले ऐसा कर लिया जाता तो शायद जहरीली शराब से इतनी मौतें नहीं होती। इससे निश्चित तौर पर आबकारी, एलआईयू व पुलिस विभाग की लापरवाही उजागर हुई है।
माहुल से कुछ ही दूरी पर रूपईपुर में अवैध शराब फैक्ट्री संचालित हो रही थी। लेकिन न तो आबकारी विभाग को इसकी जानकारी थी न ही एलआईयू अथवा स्थानीय पुलिस को ही इसकी भनक लगी थी। जबकि दवा फैक्ट्री के नाम पर अवैध शराब फैक्ट्री का यहां वर्षों से संचालन हो रहा था। माहुल शराब कांड में 15 लोगों की मौत के बाद पुलिस व प्रशासन के सभी तंत्र सक्रिय हो गए और आनन-फानन में इस अवैध शराब फैक्ट्री को पकड़ लिया गया। ऐसा ही कुछ मई 2021 में पवई व दीदारगंज के अलावा अंबेडकरनगर जिले के बार्डर पर हुए जहरीली शराब कांड में हुआ था। उस बार भी तत्कालीन एसपी सुधीर कुमार सिंह अंत तक जहरीली शराब से इंकार करते रहे लेकिन बाद में पवई के मित्तूपुर बाजार में ही बड़ी अवैध शराब फैक्ट्री पकड़ी गई। वहां से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद हुआ और कई अवैध शराब कारोबारियों को जेल भेजा गया। इलाके में हर किसी के जुबान पर विभाग को कोसने के अलावा अगर कोई और बात थी तो वो ये ही रही कि काश घटनाएं होने के पूर्व ही पुलिस, एलआईयू व आबकारी विभाग की टीम सक्रिय रही होती तो शायद वो 15 लोग अपने परिवार के साथ होते।
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माहुल से कुछ ही दूरी पर रूपईपुर में अवैध शराब फैक्ट्री संचालित हो रही थी। लेकिन न तो आबकारी विभाग को इसकी जानकारी थी न ही एलआईयू अथवा स्थानीय पुलिस को ही इसकी भनक लगी थी। जबकि दवा फैक्ट्री के नाम पर अवैध शराब फैक्ट्री का यहां वर्षों से संचालन हो रहा था। माहुल शराब कांड में 15 लोगों की मौत के बाद पुलिस व प्रशासन के सभी तंत्र सक्रिय हो गए और आनन-फानन में इस अवैध शराब फैक्ट्री को पकड़ लिया गया। ऐसा ही कुछ मई 2021 में पवई व दीदारगंज के अलावा अंबेडकरनगर जिले के बार्डर पर हुए जहरीली शराब कांड में हुआ था। उस बार भी तत्कालीन एसपी सुधीर कुमार सिंह अंत तक जहरीली शराब से इंकार करते रहे लेकिन बाद में पवई के मित्तूपुर बाजार में ही बड़ी अवैध शराब फैक्ट्री पकड़ी गई। वहां से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद हुआ और कई अवैध शराब कारोबारियों को जेल भेजा गया। इलाके में हर किसी के जुबान पर विभाग को कोसने के अलावा अगर कोई और बात थी तो वो ये ही रही कि काश घटनाएं होने के पूर्व ही पुलिस, एलआईयू व आबकारी विभाग की टीम सक्रिय रही होती तो शायद वो 15 लोग अपने परिवार के साथ होते।
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