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Azamgarh News: सुविधाएं बढ़ी फिर भी परिषदीय स्कूलों में घट गए 50 हजार छात्र
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आजमगढ़। जिले में परिषदीय स्कूलों से अभिभावकों का मोह भंग हो रहा है। सुविधाएं बढ़ाने के बाद भी स्कूलों में 50 हजार छात्रों की संख्या घट गई।
जागरूकता अभियान व डोर-टू-डोर संपर्क करने के बाद भी हालात नहीं सुधरे। जिले में बीते सत्र की तुलना में 50 हजार से अधिक छात्रों ने परिषदीय स्कूलों से दूरी बना ली है। पहले परिषदीय विद्यालयों में संसाधनों की कमी के चलते अभिभावक बच्चों को भेजने से कतराते थे। केंद्र और प्रदेश सरकार विद्यालयों की स्थिति सुधारने में लगी है। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत 2706 प्राइमरी, उच्च प्राइमरी एवं कंपोजिट विद्यालयों के टाइल्स लगाने, रंगाई-पुताई और शौचालय आदि के काम कराए गए हैं। अब तक विद्यालयों में 19 पैरामीटर पर करीब 95 प्रतिशत कार्य हो चुके हैं। शिक्षकों की नियुक्ति की गई। विद्यालयों की स्थिति सुधारने से शुरुआत में बच्चों की संख्या में इजाफा हुआ लेकिन धीरे-धीरे संख्या घट रही है।
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यह है हकीकत : यू डायस पोर्टल के दो साल के आंकड़ें बता रहे हैं कि 2023-24 में पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों की संख्या तीन लाख 70 हजार 824 विद्यार्थी थी। वर्ष 2024-25 में घटकर तीन लाख 10 हजार 666 हो गई। हालांकि अभी नामांकन प्रक्रिया चल रही है। जुलाई के अंत तक इसमे अभी इजाफा हो सकता है। इस तरह एक साल में ही करीब 50 हजार से अधिक बच्चे घट गए।
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परिषदीय विद्यालय व शिक्षकों पर एक नजर
प्राथमिक विद्यालय : 1724
उच्च प्राथमिक विद्यालय : 458
कंपोजिट विद्यालय : 524
हेडमास्टर : 1150
प्राइमरी के सहायक अध्यापक : 7533
जूनियर के सहायक अध्यापक : 2866
शिक्षा मित्र : 2946
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कोट
परिषदीय स्कूलों में अब नामांकन प्रेरणा पोर्टल के माध्यम से हो रहे हैं। पहले एक छात्र का कई जगह नामांकन होता था लेकिन अब यदि किसी जगह पहले से नामांकन होगा तो वह प्रेरणा पोर्टल पर दोबारा दर्ज ही नहीं होगा। फर्जीवाड़े को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। हालांकि अभी दाखिले बढ़ेंगे। जुलाई अगस्त तक दाखिले होते हैं। ऐसे में यह कहना अभी ठीक नहीं कि संख्या घटेगी। सुधार को लेकर हर संभव प्रयास हो रहे हैं।
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राजीव पाठक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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जागरूकता अभियान व डोर-टू-डोर संपर्क करने के बाद भी हालात नहीं सुधरे। जिले में बीते सत्र की तुलना में 50 हजार से अधिक छात्रों ने परिषदीय स्कूलों से दूरी बना ली है। पहले परिषदीय विद्यालयों में संसाधनों की कमी के चलते अभिभावक बच्चों को भेजने से कतराते थे। केंद्र और प्रदेश सरकार विद्यालयों की स्थिति सुधारने में लगी है। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत 2706 प्राइमरी, उच्च प्राइमरी एवं कंपोजिट विद्यालयों के टाइल्स लगाने, रंगाई-पुताई और शौचालय आदि के काम कराए गए हैं। अब तक विद्यालयों में 19 पैरामीटर पर करीब 95 प्रतिशत कार्य हो चुके हैं। शिक्षकों की नियुक्ति की गई। विद्यालयों की स्थिति सुधारने से शुरुआत में बच्चों की संख्या में इजाफा हुआ लेकिन धीरे-धीरे संख्या घट रही है।
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यह है हकीकत : यू डायस पोर्टल के दो साल के आंकड़ें बता रहे हैं कि 2023-24 में पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों की संख्या तीन लाख 70 हजार 824 विद्यार्थी थी। वर्ष 2024-25 में घटकर तीन लाख 10 हजार 666 हो गई। हालांकि अभी नामांकन प्रक्रिया चल रही है। जुलाई के अंत तक इसमे अभी इजाफा हो सकता है। इस तरह एक साल में ही करीब 50 हजार से अधिक बच्चे घट गए।
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परिषदीय विद्यालय व शिक्षकों पर एक नजर
प्राथमिक विद्यालय : 1724
उच्च प्राथमिक विद्यालय : 458
कंपोजिट विद्यालय : 524
हेडमास्टर : 1150
प्राइमरी के सहायक अध्यापक : 7533
जूनियर के सहायक अध्यापक : 2866
शिक्षा मित्र : 2946
कोट
परिषदीय स्कूलों में अब नामांकन प्रेरणा पोर्टल के माध्यम से हो रहे हैं। पहले एक छात्र का कई जगह नामांकन होता था लेकिन अब यदि किसी जगह पहले से नामांकन होगा तो वह प्रेरणा पोर्टल पर दोबारा दर्ज ही नहीं होगा। फर्जीवाड़े को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। हालांकि अभी दाखिले बढ़ेंगे। जुलाई अगस्त तक दाखिले होते हैं। ऐसे में यह कहना अभी ठीक नहीं कि संख्या घटेगी। सुधार को लेकर हर संभव प्रयास हो रहे हैं।
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राजीव पाठक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी