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Azamgarh News: 2020 से अनुपस्थित चकबंदी लेखपाल से 15 दिन में मांगा गया स्पष्टीकरण
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आजमगढ़। चकबंदी विभाग में कार्यरत रहे लेखपाल राजेश चंद्र सुमन पर विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। 13 जुलाई 2020 से लगातार अनुपस्थित चल रहे राजेश को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। अब जांच में दो आरोप सिद्ध होने के बाद विभाग ने उन्हें 15 दिन में जवाब देने का अंतिम अवसर दिया है।
बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी सीतापुर भारत सिंह ने बताया कि राजेश चंद्र सुमन चकबंदी लेखपाल थे, उनकी अनुपस्थिति और स्थायी पते पर न मिलने के कारण उन्हें 2020 में निलंबित कर दिया गया था।
अनुपस्थिति के चलते उन्हें न तो निलंबन आदेश सौंपा जा सका, न ही आरोप पत्र। 16 अक्तूबर को समाचार पत्रों में सूचना प्रकाशित कराई गई थी। फिर भी न तो वे उपस्थित हुए और न ही स्पष्टीकरण दिया। जांच अधिकारी द्वारा जांच पूरी कर दी गई है जिसमें दोनों आरोप प्रमाणित पाए गए। विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति में उन्हें निर्देशित किया है कि 15 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। यदि कोई गवाह या साक्ष्य है तो उसका विवरण भी दें। संवाद
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बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी सीतापुर भारत सिंह ने बताया कि राजेश चंद्र सुमन चकबंदी लेखपाल थे, उनकी अनुपस्थिति और स्थायी पते पर न मिलने के कारण उन्हें 2020 में निलंबित कर दिया गया था।
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अनुपस्थिति के चलते उन्हें न तो निलंबन आदेश सौंपा जा सका, न ही आरोप पत्र। 16 अक्तूबर को समाचार पत्रों में सूचना प्रकाशित कराई गई थी। फिर भी न तो वे उपस्थित हुए और न ही स्पष्टीकरण दिया। जांच अधिकारी द्वारा जांच पूरी कर दी गई है जिसमें दोनों आरोप प्रमाणित पाए गए। विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति में उन्हें निर्देशित किया है कि 15 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। यदि कोई गवाह या साक्ष्य है तो उसका विवरण भी दें। संवाद
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