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Azamgarh News: बिना बांटे ही सीएमएसडी स्टोर में मिलीं एक्सपायर्ड गर्भनिरोधक दवाएं
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बलरामपुर। एक तरफ सरकार की ओर से परिवार नियोजन को बढ़ावा दिया जा रहा है वहीं मंडलीय जिला चिकित्सालय स्थित सीएमएसडी स्टोर में गर्भ निरोधक दवाएं एक्सपायर्ड होकर बेकार पड़ी हैं। 2022 में ही यह दवाएं एक्सपायर्ड होकर सीएमएसडी स्टोर से रखी हैं। वहीं अब मामले का खुलासा होने के बाद जिम्मेदार इसकी जांच कर कार्रवाई की बात कह रहे हैं।
देश में तेजी से बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए सरकार की ओर से परिवार नियोजन को बढ़ावा दिया जा रहा है। परिवार नियोजन के संसाधनों को अस्पतालों में उपलब्ध कराया जा रहा है। ताकि लोग इनका उपयोग कर सीमित परिवार की मंशा को फलीभूत कर सकें। लेकिन, सरकार की इस मंशा पर अधिकारी ही पानी फेरने में लगे हैं। क्योंकि अगर ऐसा नहीं होता तो सीएमएसडी स्टोर में रखी गर्भ निरोधक गोलियां एक्सपायर्ड नहीं होतीं। बल्कि उन्हें बांट दिया जाता।
बुधवार को अपर निदेशक स्वास्थ्य व परिवार कल्याण कार्यालय के मंडलीय परिसर में संचालित सीएमएसडी स्टोर में बड़ी मात्रा में एक्सपायर्ड गर्भनिरोधक दवाएं पाई गईं, जो कैमरे में कैद हो गईं। जांच में पता चला कि स्टोर में दो साल पहले एक्सपायर हो चुकी गर्भनिरोधक दवाएं जमा थीं। इसके अलावा, सालों बाद एक्सपायर्ड होने वाली दवाएं भी बड़ी मात्रा में फेंकी हुई मिलीं। इस मामले में वहां तैनात कर्मचारी कुछ नहीं बता सका। लेकिन जब सीएमओ से बात की गई तो उन्होंने उसे अपना स्टोर से मानने से इंकार कर दिया।
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बोले जिम्मेदार
मंडलीय अस्पताल में हमारा कोई स्टोर नहीं है। हमारा तो यहां पर सिर्फ सर्जिकल सामान रहता है। हमारा स्टोर तो पंदहा में है। यह स्टोर एडी कार्यालय के अधीन आता है।
डॉ. अशोक कुमार, सीएमओ।
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- स्टोर का चार्ज मंडलीय जिला चिकित्सालय के मुख्य फार्मासिस्ट को सौंपा गया है। इस लापरवाही की जांच की जाएगी कि आखिर यह दवाएं और गर्भ निरोधक गोलियां एक्सपायर्ड कैसे हुईं। जांच कर दोषी के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. वीसी प्रसाद, अपर निदेशक स्वास्थ्य व परिवार कल्याण।
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देश में तेजी से बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए सरकार की ओर से परिवार नियोजन को बढ़ावा दिया जा रहा है। परिवार नियोजन के संसाधनों को अस्पतालों में उपलब्ध कराया जा रहा है। ताकि लोग इनका उपयोग कर सीमित परिवार की मंशा को फलीभूत कर सकें। लेकिन, सरकार की इस मंशा पर अधिकारी ही पानी फेरने में लगे हैं। क्योंकि अगर ऐसा नहीं होता तो सीएमएसडी स्टोर में रखी गर्भ निरोधक गोलियां एक्सपायर्ड नहीं होतीं। बल्कि उन्हें बांट दिया जाता।
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बुधवार को अपर निदेशक स्वास्थ्य व परिवार कल्याण कार्यालय के मंडलीय परिसर में संचालित सीएमएसडी स्टोर में बड़ी मात्रा में एक्सपायर्ड गर्भनिरोधक दवाएं पाई गईं, जो कैमरे में कैद हो गईं। जांच में पता चला कि स्टोर में दो साल पहले एक्सपायर हो चुकी गर्भनिरोधक दवाएं जमा थीं। इसके अलावा, सालों बाद एक्सपायर्ड होने वाली दवाएं भी बड़ी मात्रा में फेंकी हुई मिलीं। इस मामले में वहां तैनात कर्मचारी कुछ नहीं बता सका। लेकिन जब सीएमओ से बात की गई तो उन्होंने उसे अपना स्टोर से मानने से इंकार कर दिया।
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बोले जिम्मेदार
मंडलीय अस्पताल में हमारा कोई स्टोर नहीं है। हमारा तो यहां पर सिर्फ सर्जिकल सामान रहता है। हमारा स्टोर तो पंदहा में है। यह स्टोर एडी कार्यालय के अधीन आता है।
डॉ. अशोक कुमार, सीएमओ।
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- स्टोर का चार्ज मंडलीय जिला चिकित्सालय के मुख्य फार्मासिस्ट को सौंपा गया है। इस लापरवाही की जांच की जाएगी कि आखिर यह दवाएं और गर्भ निरोधक गोलियां एक्सपायर्ड कैसे हुईं। जांच कर दोषी के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. वीसी प्रसाद, अपर निदेशक स्वास्थ्य व परिवार कल्याण।