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20 किसानों को बेची गई जरूरत से ज्यादा यूरिया, जांच शुरू
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आजमगढ़। अभी पूर्व में सचिवों द्वारा किसानों के नाम पर जरूरत से ज्यादा यूरिया देने का मामला ठंडा भी नहीं हुआ था कि फिर 20 सचिवों का नाम सामने आया है, जिन्होंने किसानों को जरूरत से ज्यादा यूरिया बेच दी। उप कृषि निदेशक डा. उमेश कुमार गुप्ता ने पांच सदस्यीय कमेटी का गठन जांच के आदेश दिए हैं।
गेहूं की बुुआई हो या धान की रोपाई किसानों को इस समय सबसे ज्यादा उर्वरक की जरूरत होती है। उर्वरक की डिमांड के चलते सचिव भी यूरिया की कालाबाजारी में लिप्त हो जाते हैं। सचिव एक-एक किसान को सैकड़ों बोरी उर्वरक का आवंटन कर देते हैं। दूसरे किसान उर्वरक के लिए भटकते रहते हैं। सहकारी समितियों से जब उर्वरक नहीं मिलता है तो वह बाजार से ऊंचे दर पर उर्वरक खरीदने को विवश होता है। इस पर लगाम लगाने के लिए हर सीजन के बाद सबसे ज्यादा उर्वरक उठाने वाले किसानों और उर्वरक विक्रेताओं की जांच की जाती है। हाल ही में ऐसे ही एक मामले में जनपद के विभिन्न थानों में क्रेता और विक्रेता पर एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी। इसमें सचिवों के साथ ही प्राइवेट दुकानदार भी शामिल हैं। अभी यह मामला ठंडा भी नहीं हुआ कि जनपद के 20 और लोगों को चिह्नित किया है जिन्होंने एक व्यक्ति को ज्यादा उर्वरक की बिक्री की है। इसकी जानकारी होने पर प्रभारी उप कृषि निदेशक और जिला कृषि अधिकारी डा. उमेश कुमार गुप्ता ने एआर कोआपरेटिव, जिला भूमि संरक्षण अधिकारी, जिला गन्ना अधिकारी, अपर जिला कृषि अधिकारी और जिला उद्यान अधिकारी की पांच सदस्यीय टीम गठित की है जो उक्त मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
इन 20 लोगों द्वारा एक व्यक्ति को अधिक मात्रा में उर्वरक की आपूर्ति की गई है। यह यह आपूर्ति क्यों की गई है। इसकी जांच की जा रही है। एक दो दिन में इसकी रिपोर्ट आ जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - डा. उमेश कुमार गुप्ता, प्रभारी उप कृषि निदेशक व जिला कृषि अधिकारी।
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गेहूं की बुुआई हो या धान की रोपाई किसानों को इस समय सबसे ज्यादा उर्वरक की जरूरत होती है। उर्वरक की डिमांड के चलते सचिव भी यूरिया की कालाबाजारी में लिप्त हो जाते हैं। सचिव एक-एक किसान को सैकड़ों बोरी उर्वरक का आवंटन कर देते हैं। दूसरे किसान उर्वरक के लिए भटकते रहते हैं। सहकारी समितियों से जब उर्वरक नहीं मिलता है तो वह बाजार से ऊंचे दर पर उर्वरक खरीदने को विवश होता है। इस पर लगाम लगाने के लिए हर सीजन के बाद सबसे ज्यादा उर्वरक उठाने वाले किसानों और उर्वरक विक्रेताओं की जांच की जाती है। हाल ही में ऐसे ही एक मामले में जनपद के विभिन्न थानों में क्रेता और विक्रेता पर एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी। इसमें सचिवों के साथ ही प्राइवेट दुकानदार भी शामिल हैं। अभी यह मामला ठंडा भी नहीं हुआ कि जनपद के 20 और लोगों को चिह्नित किया है जिन्होंने एक व्यक्ति को ज्यादा उर्वरक की बिक्री की है। इसकी जानकारी होने पर प्रभारी उप कृषि निदेशक और जिला कृषि अधिकारी डा. उमेश कुमार गुप्ता ने एआर कोआपरेटिव, जिला भूमि संरक्षण अधिकारी, जिला गन्ना अधिकारी, अपर जिला कृषि अधिकारी और जिला उद्यान अधिकारी की पांच सदस्यीय टीम गठित की है जो उक्त मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
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इन 20 लोगों द्वारा एक व्यक्ति को अधिक मात्रा में उर्वरक की आपूर्ति की गई है। यह यह आपूर्ति क्यों की गई है। इसकी जांच की जा रही है। एक दो दिन में इसकी रिपोर्ट आ जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - डा. उमेश कुमार गुप्ता, प्रभारी उप कृषि निदेशक व जिला कृषि अधिकारी।
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