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Azamgarh News: ट्रांसफाॅर्मर क्षतिग्रस्त होने पर वेतन से वसूली के विरोध में अभियंता लामबंद
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राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ, उत्तर प्रदेश की क्षेत्रीय शाखा आजमगढ़ की आकस्मिक बैठक मऊ स्थित एक होटल के सभागार में आयोजित की गई, जिसमें आजमगढ़ जोन के अंतर्गत आने वाले मऊ, आजमगढ़ और बलिया जनपदों के अभियंताओं ने भाग लिया।
बैठक में विभागीय समस्याओं पर गंभीर मंथन करते हुए उनके समाधान के लिए रणनीति बनाई गई। बैठक में प्रमुख रूप से ट्रांसफाॅर्मर क्षतिग्रस्त होने पर अभियंताओं के वेतन से की जा रही वसूली का मुद्दा उठाया गया।
वक्ताओं ने कहा कि नियम-10 के तहत नोटिस जारी कर रिकवरी किए जाने से अभियंताओं में भारी रोष है और इससे उनके मनोबल व कार्यक्षमता पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इस मुद्दे पर संघ ने कड़ा विरोध जताते हुए समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
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अभियंताओं ने सुझाव दिया कि आंधी, तूफान और बारिश जैसी आपदा की स्थिति में विद्युत आपूर्ति को शीघ्र बहाल करने के लिए खंड स्तर पर मरम्मत टेंडर की व्यवस्था की जाए, जिससे कार्य समयबद्ध तरीके से हो सके।
साथ ही बिना समुचित जांच के किसी भी कर्मचारी या अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई न करने तथा अनावश्यक दबाव न बनाने की मांग उठाई गई। अभियंताओं ने कहा कि वीसी का समय पूर्व निर्धारित होना चाहिए और कार्यालय समय के बाद बैठक न की जाए।
साथ ही अधिकारियों द्वारा अमर्यादित भाषा के प्रयोग से बचने की भी मांग की गई। अभियंताओं ने कहा कि फाल्ट की स्थिति में बिजली आपूर्ति बहाल करने में देरी होती है। उन्होंने उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा देने के लिए रात्रि गैंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
कार्यशाला खंड में ट्रांसफार्मर ऑयल की कमी पर भी चिंता व्यक्त की गई। बताया गया कि वर्तमान में केवल 250 केवीए या उससे अधिक क्षमता के ट्रांसफार्मरों का ही स्पॉट मेंटेनेंस हो रहा है, जबकि सभी क्षमता के ट्रांसफार्मरों के लिए यह सुविधा लागू की जानी चाहिए।
बैठक में कार्यदायी संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए। अभियंताओं ने कहा कि संस्थाओं द्वारा कार्य न करने की स्थिति में भी अभियंताओं पर दबाव बनाया जाता है, जबकि उनके खिलाफ की गई संस्तुतियों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होती।अंत में अधिक कोर लॉस वाले ट्रांसफार्मरों को अनउपयोगी घोषित कर स्क्रैप करने का सुझाव दिया गया, जिससे विद्युत व्यवस्था की दक्षता बढ़ाई जा सके।
अध्यक्षता इंजीनियर उपेंद्रनाथ चौरसिया ने की। संचालन तुषार श्रीवास्तव ने किया। इस दौरान अधिशासी अभियंता महेश चंद्र विश्वकर्मा, सहायक अभियंता संदीप कुमार चंद्रा, महेश कुमार गुप्ता, विक्रम वीर सिंह, कृष्णा यादव, प्रदीप कुमार आदि उपस्थित रहे।
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बैठक में विभागीय समस्याओं पर गंभीर मंथन करते हुए उनके समाधान के लिए रणनीति बनाई गई। बैठक में प्रमुख रूप से ट्रांसफाॅर्मर क्षतिग्रस्त होने पर अभियंताओं के वेतन से की जा रही वसूली का मुद्दा उठाया गया।
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वक्ताओं ने कहा कि नियम-10 के तहत नोटिस जारी कर रिकवरी किए जाने से अभियंताओं में भारी रोष है और इससे उनके मनोबल व कार्यक्षमता पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इस मुद्दे पर संघ ने कड़ा विरोध जताते हुए समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
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अभियंताओं ने सुझाव दिया कि आंधी, तूफान और बारिश जैसी आपदा की स्थिति में विद्युत आपूर्ति को शीघ्र बहाल करने के लिए खंड स्तर पर मरम्मत टेंडर की व्यवस्था की जाए, जिससे कार्य समयबद्ध तरीके से हो सके।
साथ ही बिना समुचित जांच के किसी भी कर्मचारी या अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई न करने तथा अनावश्यक दबाव न बनाने की मांग उठाई गई। अभियंताओं ने कहा कि वीसी का समय पूर्व निर्धारित होना चाहिए और कार्यालय समय के बाद बैठक न की जाए।
साथ ही अधिकारियों द्वारा अमर्यादित भाषा के प्रयोग से बचने की भी मांग की गई। अभियंताओं ने कहा कि फाल्ट की स्थिति में बिजली आपूर्ति बहाल करने में देरी होती है। उन्होंने उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा देने के लिए रात्रि गैंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
कार्यशाला खंड में ट्रांसफार्मर ऑयल की कमी पर भी चिंता व्यक्त की गई। बताया गया कि वर्तमान में केवल 250 केवीए या उससे अधिक क्षमता के ट्रांसफार्मरों का ही स्पॉट मेंटेनेंस हो रहा है, जबकि सभी क्षमता के ट्रांसफार्मरों के लिए यह सुविधा लागू की जानी चाहिए।
बैठक में कार्यदायी संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए। अभियंताओं ने कहा कि संस्थाओं द्वारा कार्य न करने की स्थिति में भी अभियंताओं पर दबाव बनाया जाता है, जबकि उनके खिलाफ की गई संस्तुतियों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होती।अंत में अधिक कोर लॉस वाले ट्रांसफार्मरों को अनउपयोगी घोषित कर स्क्रैप करने का सुझाव दिया गया, जिससे विद्युत व्यवस्था की दक्षता बढ़ाई जा सके।
अध्यक्षता इंजीनियर उपेंद्रनाथ चौरसिया ने की। संचालन तुषार श्रीवास्तव ने किया। इस दौरान अधिशासी अभियंता महेश चंद्र विश्वकर्मा, सहायक अभियंता संदीप कुमार चंद्रा, महेश कुमार गुप्ता, विक्रम वीर सिंह, कृष्णा यादव, प्रदीप कुमार आदि उपस्थित रहे।