आजमगढ़: लोकसभा क्षेत्र में दो बार हो चुके हैं उपचुनाव, अब तीसरे उपचुनाव में कौन बनेेगा महारथी
कांग्रेस से मोहसिना और बसपा से डंपी के सिर सजा है जीत का ताज , ईवीएम में कैद प्रत्याशियों के मत, 26 जून को आएगा फैसला
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आजमगढ़ लोकसभा क्षेत्र में तीसरी बार उपचुनाव हो चुका है। पूर्व में हुए दो उपचुनावों में एक बार कांग्रेस की मोहसिना किदवई और दूसरी बार बसपा के दिग्गज अकबर अहमद डंपी को जीत मिली थी। तीसरे उपचुनाव में प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला मतदाताओं ने ईवीएम में कैद कर दिया है। 26 जून को परिणाम सबके सामने होगा। अभी तो सभी अपनी जीत के दावे कर रहे हैं।
आजमगढ़ लोकसभा क्षेत्र का पहला उपचुनाव 1978 में हुआ था। इस सीट से पूर्व मुख्यमंत्री स्व. रामनरेश यादव जनता पार्टी से सांसद चुन गए थे। बाद में पार्टी ने उन्हें उप्र का सीएम बना दिया। इस कारण सीट खाली होने के बाद उपचुनाव की घोषणा हुई। कांग्रेस ने चंद्रजीत यादव के स्थान पर मोहसिना किदवई को अपना प्रत्याशी बनाया था। चुनाव प्रचार के लिए कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी।
यहां तक कि इंदिरा गांधी भी मोहसिना का प्रचार करने के लिए मैदान में उतर गई थीं। मतगणना में मोहसिना किदवई ने जनता पार्टी के रामबचन यादव को पछाड़कर जीत दर्ज की। मोहसिना किदवई को कुल एक लाख 31 हजार 329 मत मिले थे। उनके प्रतिद्वंद्वी रामबचन यादव को कुल 95 हजार 944 मत प्राप्त हुए थे।
आजमगढ़ लोकसभा क्षेत्र में दूसरा उपचुनाव 2008 में हुआ। इस बार यह सीट रमाकांत यादव की लोकसभा सदस्यता समाप्त होने के कारण रिक्त हुई थी। उस समय रमाकांत यादव बसपा से सांसद थे। रिक्त सीट पर बसपा ने अपने कद्दावर नेता अकबर अहमद डंपी को मैदान में उतारा। सपा ने पार्टी के दिग्गज नेता बलराम यादव पर भरोसा जताया। वहीं रमाकांत यादव भाजपा के टिकट पर मैदान में कूद पड़े। इस चुनाव में अकबर अहमद डंपी ने नारा दिया ‘‘देश में दो ही गुंडे एक संजय गांधी दूसरा मैं यह तीसरा कहां से आया’’ हर जनसभा में वह यह नारा जरूर लगाते थे।
उस समय प्रदेश में बसपा की सरकार भी थी। अकबर अहमद डंपी ने रमाकांत यादव को पटकनी देते हुए उपचुनाव में जीत दर्ज की। अकबर अहमद डंपी को कुल दो लाख 27 हजार 341 मत मिले थे। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के रमाकांत यादव को एक लाख 73 हजार 89 मत प्राप्त हुए थे। वहीं सपा के बलराम यादव को एक लाख 56 हजार 621 मत मिले थे।
तीसरा उपचुनाव 2022 अखिलेश यादव के आजमगढ़ सीट से इस्तीफा देने के बाद हुुआ। इस उपचुनाव में सपा से अखिलेश यादव के चचेरे भाई धर्मेंद्र यादव, भाजपा से दिनेश लाल यादव निरहुआ और बसपा से शाह आलम गुड्डू जमाली मैदान में हैं। सभी अपनी जीत के दावा कर रहे हैं। अभी यह कहना मुश्किल है कि बाजी किसके हाथ लगेगी। अब सभी को 26 जून को होने वाली मतगणना का इंतजार है। इसी दिन पता चलेगा कि तीसरे उपचुनाव में बाजी किसके हाथ लगी।