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Azamgarh News: जागरूकता की कमी से 1625 बच्चों का नहीं हो सका टीकाकरण
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जिला महिला अस्पताल में बच्चे का टीकाकरण करतीं नर्स। श्रोत-लाइब्रेरी
आजमगढ़। जिले में बच्चों का टीकाकरण कराने से 2945 लोगों ने फरवरी माह में इंकार कर दिया। विभाग की ओर से ऐसे परिवारों को चिह्नित किया गया है। अब उनके घर टीमें जाकर उन्हें टीकाकरण के लिए प्रेरित करने में जुटी हुई हैं, जो टीका लगवाने से परहेज कर रहे हैं। इनमें से अब तक महकमे ने 1320 बच्चों का टीकाकरण कराया लेकिन अभी भी 1625 बच्चे ऐसे हैं जिनका अभी तक टीकाकरण नहीं हुआ है। विभाग की इस कार्य में मदद एक निजी संस्था दावी भी कर रही है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत इन बच्चों को टीकाकरण के दायरे में लाने का प्रयास किया जा रहा है। विभाग के फरवरी माह के आंकड़ों के अनुसार, जिले में कुल 2945 बच्चे हैं जिनके परिजनों ने अपने बच्चों को टीका लगवाने से इंकार कर दिया है। ब्लॉकवार स्थिति पर नजर डालें तो मिर्जापुर ब्लॉक में सबसे अधिक 310 बच्चे चिह्नित किए गए, जिनमें से 98 का टीकाकरण हो चुका है। दूसरा स्थान बिलरियागंज आता है यहां पर 282 बच्चों के परिजनों ने टीकाकरण से इंकार कर दिया है। इनमें से 140 बच्चों के परिजनों को समझाकर विभाग ने टीकाकरण कर लिया है। वहीं तीसरे स्थान पर मार्टीनगंज ब्लाक आता है। यहां पर कुल 186 बच्चों के परिजनों ने बच्चों का टीकाकरण नहीं कराया है। इनमें से विभाग ने परिजनों को समझाकर 74 बच्चों का टीकाकरण किया है।
सबसे कम 36 परिवार शहर के दलसिंगार मुहल्ले में हैं। जिन्होंने टीका लगवाने से इंकार किया है। इसमें 17 लोगों को समझाकर टीकाकरण कर लिया है। पल्हनी में 46 में से 28 का और अनंतपुरा में 63 में 18 का टीकाकरण कर लिया गया है। शेष लोगों के लिए विशेष टीम का गठन किया गया है।
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बुखार आने के कारण भी कुछ लोग नहीं कराते टीकाकरण
जिले में टीकाकरण के नोडल अधिकारी एसीएमओ डा. अजीज अंसारी ने बताया कि टीकाकरण किसी विशेष समुदाय के द्वारा नहीं लगवाया जा रहा है यह कहना गलत है। सिर्फ जागरूकता और अज्ञानता के कारण लोग ऐसा कर रहे हैं। कुछ लोगों का कहना होता है कि हमारे खानदान में आज तक किसी ने टीका नहीं लगवाया। तो कुछ लोग ऐसे भी हैं जो टीका लगने के बाद आने वाले बुखार के कारण टीका लगवाने से इंकार करते हैं। जबकि बुखार आना इस बात का प्रमाण है कि टीका ठीक से काम कर रहा है। बच्चों टीकाकरण को लेकर नहीं लेकिन पोलियो ड्राप को लेकर कुछ अफवाह फैली थी जैसी की अब एचपीवी टीकाकरण को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाई जा रही है।
दो साल पूर्व छह बच्चों की गई थी गलसुआ से जान
निजामाबाद तहसील क्षेत्र के सीधा सुल्तानपुर में अगस्त 2024 में गलसुआ बिमारी ने अपने पांव पसारे। इस घटना में लगभग छह बच्चों की मौत हो गई थी। इसके बाद प्रशासन ने गांव में कैंप कर अन्य बीमार बच्चों का इलाज किया था। जांच में पता चला था कि इस गांव के लोग अपने बच्चे का टीकाकरण ही नहीं कराए थे।
टीकाकरण से वंचित बच्चों को जल्द कवर करने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। नियमित निगरानी के साथ अभियान को और तेज किया जा रहा है, ताकि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रह जाए। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद से घर-घर संपर्क कर लोगों को टीकाकरण के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है, जिससे बच्चों को गंभीर बीमारियों से बचाया जा सके।
डाॅ. एनआर वर्मा, सीएमओ।
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स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत इन बच्चों को टीकाकरण के दायरे में लाने का प्रयास किया जा रहा है। विभाग के फरवरी माह के आंकड़ों के अनुसार, जिले में कुल 2945 बच्चे हैं जिनके परिजनों ने अपने बच्चों को टीका लगवाने से इंकार कर दिया है। ब्लॉकवार स्थिति पर नजर डालें तो मिर्जापुर ब्लॉक में सबसे अधिक 310 बच्चे चिह्नित किए गए, जिनमें से 98 का टीकाकरण हो चुका है। दूसरा स्थान बिलरियागंज आता है यहां पर 282 बच्चों के परिजनों ने टीकाकरण से इंकार कर दिया है। इनमें से 140 बच्चों के परिजनों को समझाकर विभाग ने टीकाकरण कर लिया है। वहीं तीसरे स्थान पर मार्टीनगंज ब्लाक आता है। यहां पर कुल 186 बच्चों के परिजनों ने बच्चों का टीकाकरण नहीं कराया है। इनमें से विभाग ने परिजनों को समझाकर 74 बच्चों का टीकाकरण किया है।
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सबसे कम 36 परिवार शहर के दलसिंगार मुहल्ले में हैं। जिन्होंने टीका लगवाने से इंकार किया है। इसमें 17 लोगों को समझाकर टीकाकरण कर लिया है। पल्हनी में 46 में से 28 का और अनंतपुरा में 63 में 18 का टीकाकरण कर लिया गया है। शेष लोगों के लिए विशेष टीम का गठन किया गया है।
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बुखार आने के कारण भी कुछ लोग नहीं कराते टीकाकरण
जिले में टीकाकरण के नोडल अधिकारी एसीएमओ डा. अजीज अंसारी ने बताया कि टीकाकरण किसी विशेष समुदाय के द्वारा नहीं लगवाया जा रहा है यह कहना गलत है। सिर्फ जागरूकता और अज्ञानता के कारण लोग ऐसा कर रहे हैं। कुछ लोगों का कहना होता है कि हमारे खानदान में आज तक किसी ने टीका नहीं लगवाया। तो कुछ लोग ऐसे भी हैं जो टीका लगने के बाद आने वाले बुखार के कारण टीका लगवाने से इंकार करते हैं। जबकि बुखार आना इस बात का प्रमाण है कि टीका ठीक से काम कर रहा है। बच्चों टीकाकरण को लेकर नहीं लेकिन पोलियो ड्राप को लेकर कुछ अफवाह फैली थी जैसी की अब एचपीवी टीकाकरण को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाई जा रही है।
दो साल पूर्व छह बच्चों की गई थी गलसुआ से जान
निजामाबाद तहसील क्षेत्र के सीधा सुल्तानपुर में अगस्त 2024 में गलसुआ बिमारी ने अपने पांव पसारे। इस घटना में लगभग छह बच्चों की मौत हो गई थी। इसके बाद प्रशासन ने गांव में कैंप कर अन्य बीमार बच्चों का इलाज किया था। जांच में पता चला था कि इस गांव के लोग अपने बच्चे का टीकाकरण ही नहीं कराए थे।
टीकाकरण से वंचित बच्चों को जल्द कवर करने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। नियमित निगरानी के साथ अभियान को और तेज किया जा रहा है, ताकि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रह जाए। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद से घर-घर संपर्क कर लोगों को टीकाकरण के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है, जिससे बच्चों को गंभीर बीमारियों से बचाया जा सके।
डाॅ. एनआर वर्मा, सीएमओ।