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महंगाई से राहत की उम्मीद नहीं
अमर उजाला ब्यूरो/आजमगढ़
Updated Thu, 16 Jun 2016 12:06 AM IST
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महंगाई
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केंद्र सरकार अच्छे दिन लाने का दावा भले ही कर रही हो लेकिन बढ़ती महंगाई ने गरीबों और मध्यम वर्ग के लोगों की कमर तोड़ दी है। बीते माह खुदरा महंगाई दर 21 महीनों के दौरान सबसे अधिक 5.76 फीसदी तक पहुंचने से अब लोगों को महंगाई से राहत की उम्मीद नहीं नजर आ रही है।
दाल की कीमत अब भी उछाल पर है। आम लोगों को किचन का बजट संभालना मुश्किल हो गया है। प्राइवेट सेक्टरों में काम करने वाले उन लोगों के सामने गंभीर संकट है जिनकी पिछले दो वर्षों में आय नहीं बढ़ी लेकिन महंगाई दोगुनी से भी अधिक हो गई।
एक परिवार में अगर पांच सदस्य हैं और दो बच्चे पढ़ने वाले हैं तो 20 हजार रुपये मासिक वेतन पाने वाले लोगों का परिवार चला पाना मुश्किल है। इस आय वर्ग के तमाम लोग किराये के मकान में भी रह रहे हैं जिनके ऊपर खर्च का बोझ बढ़ गया है। महंगाई की बात करें तो बीते दो माह में महंगाई में गिरावट नहीं आई। किराने के व्यापारी संत प्रसाद अग्रवाल की मानें तो महंगाई पहले जैसी ही है।
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अरहर की दाल में प्रति किलो पांच रुपये की गिरावट आई है। एक महीने पहले 140-145 रुपये अरहर की दाल थी जो अब 135-140 रुपये किलो की दर से बिक रही है। चने की दाल में दस रुपये की बढ़ोतरी हुई है। पहले चने की दाल 80 रुपये प्रति किलो थी, जो बढ़कर 90 रुपये हो गई है। चीनी की दर में प्रति किलो एक रुपये कीमत बढ़ी है। चीनी की कीमत बढ़कर 39 रुपये से बढ़कर 40 रुपये प्रति किलो हो गई है।
मटर की दाल दो माह से 44 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रही है। आमलोगों की मानें को खाद्य वस्तुओं के अलावा साबुन, सोडा से लेकर नमक तक की कीमत बढ़ी है। किचन का बजट गड़बड़ हो गया है।
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दाल की कीमत अब भी उछाल पर है। आम लोगों को किचन का बजट संभालना मुश्किल हो गया है। प्राइवेट सेक्टरों में काम करने वाले उन लोगों के सामने गंभीर संकट है जिनकी पिछले दो वर्षों में आय नहीं बढ़ी लेकिन महंगाई दोगुनी से भी अधिक हो गई।
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एक परिवार में अगर पांच सदस्य हैं और दो बच्चे पढ़ने वाले हैं तो 20 हजार रुपये मासिक वेतन पाने वाले लोगों का परिवार चला पाना मुश्किल है। इस आय वर्ग के तमाम लोग किराये के मकान में भी रह रहे हैं जिनके ऊपर खर्च का बोझ बढ़ गया है। महंगाई की बात करें तो बीते दो माह में महंगाई में गिरावट नहीं आई। किराने के व्यापारी संत प्रसाद अग्रवाल की मानें तो महंगाई पहले जैसी ही है।
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अरहर की दाल में प्रति किलो पांच रुपये की गिरावट आई है। एक महीने पहले 140-145 रुपये अरहर की दाल थी जो अब 135-140 रुपये किलो की दर से बिक रही है। चने की दाल में दस रुपये की बढ़ोतरी हुई है। पहले चने की दाल 80 रुपये प्रति किलो थी, जो बढ़कर 90 रुपये हो गई है। चीनी की दर में प्रति किलो एक रुपये कीमत बढ़ी है। चीनी की कीमत बढ़कर 39 रुपये से बढ़कर 40 रुपये प्रति किलो हो गई है।
मटर की दाल दो माह से 44 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रही है। आमलोगों की मानें को खाद्य वस्तुओं के अलावा साबुन, सोडा से लेकर नमक तक की कीमत बढ़ी है। किचन का बजट गड़बड़ हो गया है।