फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   Do not be negligent in case of cough and fever, get TB check

खांसी और बुखार होने पर न करें लापरवाही, कराएं टीबी की जांच

Wed, 24 Mar 2021 11:40 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 24 Mar 2021 11:40 PM IST
विज्ञापन
Do not be negligent in case of cough and fever, get TB check
मुबारकपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर फल देते सीएमओ डा.एके मिश्? - फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। खांसी और बुखार को लेकर लापरवाही घातक हो सकती है। यह उन महिलाओं के लिए बेहद जरूरी है जो गर्भावस्था में हैं। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को कई तरह की समस्याओं का जोखिम बना रहता है। इसलिए किसी भी तरह के लक्षण को अनदेखा न करें। अगर किसी गर्भवती को ट्यूबरकुलोसिस (टीबी) यानि तपेदिक रोग हो जाए, तो यह चिंता का विषय बन सकता है।
विज्ञापन

जिला महिला चिकित्सालय की सीएमएस डॉ. मंजूला सिंह ने बताया कि गर्भावस्था के समय शरीर में हो रहे हर छोटी बड़ी समस्या के प्रति सचेत रहने की जरूरत है। कोरोना और टीबी सामान्य लक्षण होने के कारण टीबी से जुड़ी जानकारी का होना बेहद जरूरी है। गर्भावस्था के दौरान ट्यूबरकुलोसिस में कई तरह के जांच की सलाह दी जाती है, जिनकी मदद से टीबी से जुड़ी जानकारी मिल जाती है। अगर इन जांचों के बाद गर्भवती महिला में टीबी का पता चल जाता है, तो इलाज में देरी नहीं करनी चाहिए। सभी सरकारी अस्पतालों में नि:शुल्क जांच की सुविधा उपलब्ध है।
विज्ञापन

ऐसे लक्षणों पर रहें सचेत
आजमगढ़। दो हफ्ते से ज्यादा खांसी होना, रात में पसीना आना, वजन कम होना, प्रेगनेंसी में सीने में दर्द या सांस की तकलीफ, गर्भावस्था में बुखार आना, बहुत थकान या बेचैनी होना। इन कारणों से शिशु को भी नुकसान हो सकता है। जन्म के समय शिशु का वजन कम होना, टीबी के कारण समय से पहले जन्म, शिशु का जन्म होना, शिशु जन्म के समय से ही टीबी इंफेक्शन से संक्रमित होना, जन्मजात लिवर और श्वसन की समस्या, गर्भनाल से टीबी इंफेक्शन होना। हेपेटोसप्लेनोमेगाली यानी लिवर और स्प्लीन संबंधी समस्या, श्वसन से जुड़ी परेशानी, टीबी के कारण नवजात शिशु को बुखार होना के साथ ही शिशु में रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. परवेज अख्तर ने बताया कि ट्यूबरकुलोसिस बीमारी माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक बैक्टीरिया से होती है जो आमतौर पर लंग्स यानि फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है। इस रोग का असर धीरे-धीरे शरीर के अन्य हिस्सों पर इसका प्रभाव पड़ने लगता है। टीबी हो जाने पर तुरंत इलाज करवाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

अब तक मिले 5833 मरीज, 1731 का इलाज
आजमगढ़। सीएमओ डॉ. एके मिश्रा ने बताया कि जनवरी 2020 से अब तक जिले में कुल 5833 क्षय रोगियों को चिन्हित कर इलाज किया गया। इसमें 1731 मरीजों का पूर्ण रूप से ठीक हो गए हैं। 3387 क्षय रोगियों को 6075000 रुपये का भुगतान किया जा चुका है। अभी 4102 क्षय रोगियों का इलाज किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed