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डीएम का आदेश हवा-हवाई, दो दिन की नोटिस पर दिया 10 दिन का समय
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नगर पालिका मुबारकपुर के पीएफ घोटाले में जिलाधिकारी का आदेश भी हवा-हवाई साबित हो रहा है। डीएम के आदेश पर नपा प्रशासन ने ठेकेदार को दो दिन में जवाब देने के लिए नोटिस जारी किया था, जो समय सीमा बीत चुकी है। वहीं अब नपा प्रशासन ने ठेकेदार को 10 दिन का समय नोटिस का जवाब देने के लिए दे दिया है। पीएफ घोटाले में आरोप भी सिद्ध हो चुका है इसके बाद भी समुचित कार्रवाई नहीं हो रही है।
नगर पालिका मुबारकपुर में ठेकेदारी व्यवस्था के तहत 2019 में 171 कर्मचारियों की तैनाती हुई थी। इसका ठेका देवेंद्र कुमार सिंह को मिला था। ठेकेदार द्वारा कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई और उनका पीएफ अंशदान भी काटा जाने लगा, लेकिन अब तक बहुत से कर्मचारियों का पीएफ अंशदान ठेकेदार द्वारा नहीं जमा किया जा रहा है। जिसकी शिकायत मुख्यमंत्री से हुई तो वहां से प्रकरण जिलाधिकारी को प्रेषित किया गया। जिलाधिकारी ने इस प्रकरण को गंभीरता से लिया और ईओ को तलब कर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया। जिस पर ईओ ने ठेकेदार को नोटिस जारी कर दो दिनों में अंशदान जमा करने और पत्रावली प्राप्त कर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। नोटिस के दो दिन का समय बीत चुका है लेकिन अब तक कोई कवायद नहीं हुई है। वहीं अब नपा प्रशासन ने ठेकेदार को अंशदाम जमा कर पत्रावली उपलब्ध कराने के लिए 10 दिन का समय दे दिया है। पीएफ घोटाले के इस प्रकरण में ठेकेदार जहां नपा प्रशासन पर पैसा न देने की बात कह रहे है तो वहीं नपा प्रशासन कर्मचारियों का वेतन भुगतान व पीएफ अंशदान जमा कर बिल उपलब्ध कराने पर तत्काल भुगतान की बात कह रही है। फिलहाल जिलाधिकारी का आदेश भी इस प्रकरण में हवा-हवाई ही साबित हो रहा है।
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नगर पालिका मुबारकपुर में ठेकेदारी व्यवस्था के तहत 2019 में 171 कर्मचारियों की तैनाती हुई थी। इसका ठेका देवेंद्र कुमार सिंह को मिला था। ठेकेदार द्वारा कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई और उनका पीएफ अंशदान भी काटा जाने लगा, लेकिन अब तक बहुत से कर्मचारियों का पीएफ अंशदान ठेकेदार द्वारा नहीं जमा किया जा रहा है। जिसकी शिकायत मुख्यमंत्री से हुई तो वहां से प्रकरण जिलाधिकारी को प्रेषित किया गया। जिलाधिकारी ने इस प्रकरण को गंभीरता से लिया और ईओ को तलब कर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया। जिस पर ईओ ने ठेकेदार को नोटिस जारी कर दो दिनों में अंशदान जमा करने और पत्रावली प्राप्त कर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। नोटिस के दो दिन का समय बीत चुका है लेकिन अब तक कोई कवायद नहीं हुई है। वहीं अब नपा प्रशासन ने ठेकेदार को अंशदाम जमा कर पत्रावली उपलब्ध कराने के लिए 10 दिन का समय दे दिया है। पीएफ घोटाले के इस प्रकरण में ठेकेदार जहां नपा प्रशासन पर पैसा न देने की बात कह रहे है तो वहीं नपा प्रशासन कर्मचारियों का वेतन भुगतान व पीएफ अंशदान जमा कर बिल उपलब्ध कराने पर तत्काल भुगतान की बात कह रही है। फिलहाल जिलाधिकारी का आदेश भी इस प्रकरण में हवा-हवाई ही साबित हो रहा है।
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