{"_id":"61968fb642afb85cd63829b6","slug":"dm-gave-instructions-for-action-on-the-clerk-of-probation-sought-clarification-azamgarh-news-vns6233270128","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीएम ने प्रोबेशन के लिपिक पर कार्रवाई के दिए निर्देश, मांगा स्पष्टीकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीएम ने प्रोबेशन के लिपिक पर कार्रवाई के दिए निर्देश, मांगा स्पष्टीकरण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकारी विभागों में उदासीनता की पराकाष्ठा का इससे बड़ा कोई प्रमाण नहीं हो सकता है। जिला प्रोबेशन विभाग में ‘रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष’ का लाभ पाने के लिए दुष्कर्म पीड़िता पिछले दो साल से चक्कर काट रही है। मामले को संज्ञान में लेते हुए डीएम ने जिला प्रोबेशन कार्यालय के पटल सहायक/लिपिक संजय पर कार्रवाई के लिए निर्देश दिए हैं। साथ ही तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है।
जिलाधिकारी राजेश कुमार को जन सुनवाई के दौरान शिकायती पत्र मिला था। जिसमें एक दुष्कर्म पीड़िता को ‘रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष नियमावली 2015’ योजना के तहत वित्तीय लाभ के लिए पिछले दो वर्ष से दौड़ाया जा रहा है। जिलाधिकारी ने मामले की जांच रवि कुमार पासवान, डिप्टी कलेक्टर व उप जिलाधिकारी (न्यायिक) सदर से कराई गई। रिपोर्ट में पाया गया कि ‘रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष नियमावली-2015’ योजना के अंतर्गत जिला संचालन समिति के द्वारा सात अगस्त 2019 से 27 मार्च 2021 तक कुल 66 प्रकरण स्वीकृत किए गए। सभी 66 प्रकरणों को जिला प्रोबेशन कार्यालय द्वारा मुख्यालय को स्वीकृति के लिए प्रेषित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि पीड़िता का प्रकरण सात अगस्त 2019 के बाद के 10 लाभार्थियों को शासन द्वारा भुगतान किया गया है, लेकिन पीड़िता का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है।
लापरवाही की हद है। एक तो विभाग ने पीड़िता को लाभ नहीं दिया। वहीं दूसरी तरफ बैंक खाते में गड़बड़ी बताकर मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं। इस मामले में जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा उन्हें लिखित रूप में अवगत कराया गया कि पीड़िता के बैंक खाते से संबंधित समस्या के कारण पीड़िता को अभी तक भुगतान नहीं हो सका है। जिलाधिकारी ने इसपर प्रोबेशन अधिकारी को तलब करते हुए कहा कि यदि पीड़िता के बैंक खाते में कोई गलती, कमी थी, तो आप को उसे सुधार कराना चाहिए था, लेकिन आप द्वारा ऐसा कोई प्रयास नहीं किया गया। यह घोर लापरवाही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिलाधिकारी राजेश कुमार को जन सुनवाई के दौरान शिकायती पत्र मिला था। जिसमें एक दुष्कर्म पीड़िता को ‘रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष नियमावली 2015’ योजना के तहत वित्तीय लाभ के लिए पिछले दो वर्ष से दौड़ाया जा रहा है। जिलाधिकारी ने मामले की जांच रवि कुमार पासवान, डिप्टी कलेक्टर व उप जिलाधिकारी (न्यायिक) सदर से कराई गई। रिपोर्ट में पाया गया कि ‘रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष नियमावली-2015’ योजना के अंतर्गत जिला संचालन समिति के द्वारा सात अगस्त 2019 से 27 मार्च 2021 तक कुल 66 प्रकरण स्वीकृत किए गए। सभी 66 प्रकरणों को जिला प्रोबेशन कार्यालय द्वारा मुख्यालय को स्वीकृति के लिए प्रेषित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि पीड़िता का प्रकरण सात अगस्त 2019 के बाद के 10 लाभार्थियों को शासन द्वारा भुगतान किया गया है, लेकिन पीड़िता का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है।
विज्ञापन
लापरवाही की हद है। एक तो विभाग ने पीड़िता को लाभ नहीं दिया। वहीं दूसरी तरफ बैंक खाते में गड़बड़ी बताकर मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं। इस मामले में जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा उन्हें लिखित रूप में अवगत कराया गया कि पीड़िता के बैंक खाते से संबंधित समस्या के कारण पीड़िता को अभी तक भुगतान नहीं हो सका है। जिलाधिकारी ने इसपर प्रोबेशन अधिकारी को तलब करते हुए कहा कि यदि पीड़िता के बैंक खाते में कोई गलती, कमी थी, तो आप को उसे सुधार कराना चाहिए था, लेकिन आप द्वारा ऐसा कोई प्रयास नहीं किया गया। यह घोर लापरवाही है।
विज्ञापन