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चंद्रमा ऋषि आश्रम की पुरानी समिति को डीएम ने किया भंग
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आजमगढ़। सदर तहसील के मुजफ्फरपुर स्थित सिलनी नदी के तट पर स्थापित चंद्रमा ऋषि आश्रम की व्यवस्था के संचालन के लिए गठित पुरानी समिति को डीएम अमृत त्रिपाठी द्वारा भंग कर दिया गया है। अब एसडीएम सदर की अध्यक्षता में उप समिति यहां की सारी व्यवस्था को देखेगी। दो दिन में आश्रम के नए ट्रस्ट का गठन कर प्रकाशन कराया जाएगा।
चंद्रमा ऋषि आश्रम की कीमती जमीनों पर बहुत से लोग अपनी नजरें गड़ाए बैठे हैं। हालांकि यह जमीन राज्य सरकार के अधीन है। सपा शासन काल में यहां पर लोहिया पार्क के निर्माण का प्रस्ताव तैयार हुआ था लेकिन बाद में इसे कैंसिल कर दिया गया। 1999 में गठित कमेटी ही यहां की व्यवस्थाओं का संचालन करती थी। लेकिन दो अप्रैल को हुई बैठक में पता चला कि इसमें कुछ सदस्यों का निधन हो चुका है और कुछ सदस्यों से सपंर्क नहीं हो पा रहा है। जिसे देखते हुए डीएम अमृत त्रिपाठी ने पुरानी समिति को भंग कर दिया है। साथ ही आश्रम की व्यवस्थाओं के संचालन के लिए एसडीएम की अध्यक्षता में गठित उपसमिति के जरिए करने का निर्देश दिया। साथ ही दो दिन में नए ट्रस्ट को तैयार कर उसका प्रकाशन कराने का निर्देश दिया है।
डेढ़ का दान करने वाला ही बन सकेगा सदस्य
डीएम ने नई समिति में शर्तों के आधार पर लोगों को शामिल करने का निर्देश दिया है। जो व्यक्ति मंदिर के खाते में डेढ़ लाख रुपये दान कर सके तथा एक लाख रुपये हर साल मंदिर को देने की क्षमता रखता हो इस समिति का सदस्य बन सकता है। लेकिन शर्त यह है कि वह अपराधी नहीं होना चाहिए। सदस्य बनाने के लिए एडीएम प्रशासन को नामित किया गया है।
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एडीएम वित्त एवं राजस्व आजाद भगत सिंह ने बताया कि चंद्रमा ऋषि आश्रम की पुरानी समिति को डीएम साहब द्वारा भंग कर दिया गया है। एसडीएम की अध्यक्षता में उपसमिति यहां की व्यवस्थाएं देखेगी। दो दिनों के अंदर नये ट्रस्ट का गठन कर उसका प्रकाशन कराया जाएगा। इस मामले में एडीएम वित्त एवं राजस्व आजाद भगत सिंह ने बताया कि चंद्रमा ऋषि आश्रम की पुरानी समिति को डीएम साहब द्वारा भंग कर दिया गया है। एसडीएम की अध्यक्षता में उपसमिति यहां की व्यवस्थाएं देखेगी। दो दिनों के अंदर नये ट्रस्ट का गठन कर उसका प्रकाशन कराया जाएगा।
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चंद्रमा ऋषि आश्रम की कीमती जमीनों पर बहुत से लोग अपनी नजरें गड़ाए बैठे हैं। हालांकि यह जमीन राज्य सरकार के अधीन है। सपा शासन काल में यहां पर लोहिया पार्क के निर्माण का प्रस्ताव तैयार हुआ था लेकिन बाद में इसे कैंसिल कर दिया गया। 1999 में गठित कमेटी ही यहां की व्यवस्थाओं का संचालन करती थी। लेकिन दो अप्रैल को हुई बैठक में पता चला कि इसमें कुछ सदस्यों का निधन हो चुका है और कुछ सदस्यों से सपंर्क नहीं हो पा रहा है। जिसे देखते हुए डीएम अमृत त्रिपाठी ने पुरानी समिति को भंग कर दिया है। साथ ही आश्रम की व्यवस्थाओं के संचालन के लिए एसडीएम की अध्यक्षता में गठित उपसमिति के जरिए करने का निर्देश दिया। साथ ही दो दिन में नए ट्रस्ट को तैयार कर उसका प्रकाशन कराने का निर्देश दिया है।
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डेढ़ का दान करने वाला ही बन सकेगा सदस्य
डीएम ने नई समिति में शर्तों के आधार पर लोगों को शामिल करने का निर्देश दिया है। जो व्यक्ति मंदिर के खाते में डेढ़ लाख रुपये दान कर सके तथा एक लाख रुपये हर साल मंदिर को देने की क्षमता रखता हो इस समिति का सदस्य बन सकता है। लेकिन शर्त यह है कि वह अपराधी नहीं होना चाहिए। सदस्य बनाने के लिए एडीएम प्रशासन को नामित किया गया है।
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एडीएम वित्त एवं राजस्व आजाद भगत सिंह ने बताया कि चंद्रमा ऋषि आश्रम की पुरानी समिति को डीएम साहब द्वारा भंग कर दिया गया है। एसडीएम की अध्यक्षता में उपसमिति यहां की व्यवस्थाएं देखेगी। दो दिनों के अंदर नये ट्रस्ट का गठन कर उसका प्रकाशन कराया जाएगा। इस मामले में एडीएम वित्त एवं राजस्व आजाद भगत सिंह ने बताया कि चंद्रमा ऋषि आश्रम की पुरानी समिति को डीएम साहब द्वारा भंग कर दिया गया है। एसडीएम की अध्यक्षता में उपसमिति यहां की व्यवस्थाएं देखेगी। दो दिनों के अंदर नये ट्रस्ट का गठन कर उसका प्रकाशन कराया जाएगा।