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Azamgarh News: सीएए को लेकर अलर्ट पर जनपद पुलिस
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आजमगढ़। नागरिकता संशोधन कानून लागू होते ही जिले में चर्चा-परिचर्चा का दौर शुरू हो गया है। वहीं जनपद पुलिस पूर्व के बवाल को देखते हुए पूरी तरह से अलर्ट मोड में है। सोमवार की रात ही जहां शहर से लेकर ग्रामीणांचल तक फोर्स ने फ्लैग मार्च किया तो वहीं मंगलवार को भी पुलिस की सक्रियता देखने को मिली। फिलहाल जनपद का माहौल पूरी तरह से शांत बना हुआ है और लोग इस कानून के लाभ व हानि के आकलन में जुटे है।
केंद्र सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून को 2019 में ही संसद में पास करा लिया था। इतना ही नहीं राष्ट्रपति के यहां से भी यह कानून पास हो गया था लेकिन इस कानून को लेकर पूरे देश में हुए विरोध प्रदर्शन को देखते हुए लागू नहीं किया गया। सोमवार को केंद्र सरकार ने इस कानून को लागू किए जाने की अधिसूचना जारी कर दिया। इस कानून के मुताबिक पाकिस्तान, अफगानिस्तान व बांग्ला देश के अल्पसंख्यक हिन्दू, सिख, जैन, पारसी, इसाई आदि को देश में नागरिकता दिए जाने व सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की बात शामिल है। फिलहाल इस कानून को लेकर जिले में चर्चा-परिचर्चा जरूर शुरू हो गई है लेकिन माहौल पूरी तरह से सामान्य बना हुआ है।
शहर में पूरी तरह से शांति पूर्ण माहौल है। कहीं भी किसी तरह का तनाव नहीं है, फिर भी पुलिस महकमा अलर्ट पर है। संवेदनशील स्थानों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। पूर्व में सीएए को लेक जो प्रदर्शन हुए हैं उनमें शामिल लोगों की निगरानी की जा रही है। - अनुराग आर्य, एसपी, आजमगढ़।
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भाजपाइयों ने मिठाई बांट किया खुशी का इजहार
आजमगढ़। भारतीय जनता पार्टी की लालगंज इकाई ने सीएएस लागू होने पर खुशी जताया। पूर्व क्षेत्रीय संयोजक ओम प्रकाश मिश्र के नेतृत्व में मिठाइयां बांटी गई और एक दूसरे को इस कानून के लागू होने पर प्रसन्नता जताया गया। लोगों ने कहा कि इस कानून के माध्यम से पाकिस्तान, अफगानिस्तान व बांग्लादेश के अल्पसंख्यक हिन्दू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी व इसाई को भारत में नागरिकता प्राप्त करने में आसानी होगी। इस कानून से पीड़ित अल्पसंख्यकों को सम्मान मिलेगा और वे देश के मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे। इस अवसर पर नागेंद्र सिंह, रामनयन सिंह, योगेंद्र राय, इंद्राज चौहान, दयाशंकर सिंह आदि मौजूद रहे।
गैर मुस्लिम शरणार्थियों का कोई देश नहीं होता है। ऐसे में पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश के अल्पसंख्यकों को देश में नागरिकता देने के लिए सरकार ने सार्थक पहल किया है। सरकार का यह निर्णय काफी अच्छा है। इससे देश में रहने वाले किसी भी व्यक्ति की नागरिकता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। - राजेश मिश्रा, महंथ, बड़ा गणेश मंदिर।
पूर्व में इस कानून को लेकर मुस्लिमों में भ्रम की स्थिति थी। उक्त भ्रम को दूर करने का कोई प्रयास किए बिना ही इस कानून को अब लागू भी कर दिया गया है। इस कानून में अल्पसंख्यक हिन्दू, जैन, बौद्ध, पारसी, इसाई के साथ ही मुस्लिमों को भी शामिल किया जाना चाहिए था। वहीं असाम प्रांत में हुई कवायद को लेकर कुछ भ्रम की स्थिति है। जिसे सरकार को दूर करने के बाद ही इसे लागू किया जाना चाहिए था। - मुफ्ती असफाक अहमद आजमी, जमाते उलेमा हिन्द।
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केंद्र सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून को 2019 में ही संसद में पास करा लिया था। इतना ही नहीं राष्ट्रपति के यहां से भी यह कानून पास हो गया था लेकिन इस कानून को लेकर पूरे देश में हुए विरोध प्रदर्शन को देखते हुए लागू नहीं किया गया। सोमवार को केंद्र सरकार ने इस कानून को लागू किए जाने की अधिसूचना जारी कर दिया। इस कानून के मुताबिक पाकिस्तान, अफगानिस्तान व बांग्ला देश के अल्पसंख्यक हिन्दू, सिख, जैन, पारसी, इसाई आदि को देश में नागरिकता दिए जाने व सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की बात शामिल है। फिलहाल इस कानून को लेकर जिले में चर्चा-परिचर्चा जरूर शुरू हो गई है लेकिन माहौल पूरी तरह से सामान्य बना हुआ है।
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शहर में पूरी तरह से शांति पूर्ण माहौल है। कहीं भी किसी तरह का तनाव नहीं है, फिर भी पुलिस महकमा अलर्ट पर है। संवेदनशील स्थानों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। पूर्व में सीएए को लेक जो प्रदर्शन हुए हैं उनमें शामिल लोगों की निगरानी की जा रही है। - अनुराग आर्य, एसपी, आजमगढ़।
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भाजपाइयों ने मिठाई बांट किया खुशी का इजहार
आजमगढ़। भारतीय जनता पार्टी की लालगंज इकाई ने सीएएस लागू होने पर खुशी जताया। पूर्व क्षेत्रीय संयोजक ओम प्रकाश मिश्र के नेतृत्व में मिठाइयां बांटी गई और एक दूसरे को इस कानून के लागू होने पर प्रसन्नता जताया गया। लोगों ने कहा कि इस कानून के माध्यम से पाकिस्तान, अफगानिस्तान व बांग्लादेश के अल्पसंख्यक हिन्दू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी व इसाई को भारत में नागरिकता प्राप्त करने में आसानी होगी। इस कानून से पीड़ित अल्पसंख्यकों को सम्मान मिलेगा और वे देश के मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे। इस अवसर पर नागेंद्र सिंह, रामनयन सिंह, योगेंद्र राय, इंद्राज चौहान, दयाशंकर सिंह आदि मौजूद रहे।
गैर मुस्लिम शरणार्थियों का कोई देश नहीं होता है। ऐसे में पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश के अल्पसंख्यकों को देश में नागरिकता देने के लिए सरकार ने सार्थक पहल किया है। सरकार का यह निर्णय काफी अच्छा है। इससे देश में रहने वाले किसी भी व्यक्ति की नागरिकता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। - राजेश मिश्रा, महंथ, बड़ा गणेश मंदिर।
पूर्व में इस कानून को लेकर मुस्लिमों में भ्रम की स्थिति थी। उक्त भ्रम को दूर करने का कोई प्रयास किए बिना ही इस कानून को अब लागू भी कर दिया गया है। इस कानून में अल्पसंख्यक हिन्दू, जैन, बौद्ध, पारसी, इसाई के साथ ही मुस्लिमों को भी शामिल किया जाना चाहिए था। वहीं असाम प्रांत में हुई कवायद को लेकर कुछ भ्रम की स्थिति है। जिसे सरकार को दूर करने के बाद ही इसे लागू किया जाना चाहिए था। - मुफ्ती असफाक अहमद आजमी, जमाते उलेमा हिन्द।