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लगातार वारदातों से परेशान एसपी ने दिया था टारगेट
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मेंहनाजपुर के बेला गांव के पास पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ के बाद मौके पर जानकारी लेने पहुंचे
- फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। मेहनाजपुर थाने के बेला गांव में नहर के पास शनिवार को हुई मुठभेड़ में गिरफ्तार बदमाशों के इस गिरोह ने पुलिस के नाक में दम कर दिया था। ताबड़तोड़ हुई लूट की घटनाओं से ऊपर जवाब देते नहीं बन रहा था। ऐसे में आठ जनवरी को हुई लालगंज में लूट की घटना के बाद एसपी त्रिवेणी सिंह ने एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह को बदमाशों की गिरफ्तारी और लूट की वारदातों पर नियंत्रण लगाने का टारगेट दिया था।
मेहनाजपुर थाने के सिधौना बाजार से करीब दो किलोमीटर उत्तर तरफ स्थित बेला गांव में नहर से पल्हना बाजार, मेहनाजपुर, तरवां आदि के लिए सीधे रास्ता है। यह रास्ता सुनसान रहता है। ऐसे में इन बदमाशों का यह मनपसंद रास्ता था। सभी इसका इस्तेमाल करते थे। इसी रास्ते के जरिए सभी अंदर ही अंदर देवगांव, लालगंज के अलावा जौनपुर जिले में भी प्रवेश कर जाते थे। आठ जनवरी को लालगंज बाजार में हुई ढाई लाख की लूट के बाद जब बदमाशों के गिरफ्तारी का टारगेट एसपी ग्रामीण को मिला तो वे पांच जनवरी को कम्हरिया बाजार में गैस एजेंसी से हुई लूट का सीसीटीवी फुटेज खंगाला। इस दौरान बदमाश पंकज सिंह की पहचान हो गई। शिनाख्त होने के बाद पुलिस तीन दिनों से इन पर नजर रख रही थी। शनिवार की सुबह मुखबिर के जरिए सूचना मिलने पर एसपी ग्रामीण के नेतृत्व में पुलिस घेराबंदी करने लगी। बेला गांव में घिर गए बदमाश पंकज सिंह सिपाहियों से बाज गया। जबकि उसके अन्य साथी फायरिंग करने लगे। अपनी जांच बचाने के लिए पुलिस गोली चलाई और पंकज के दोनों पैर में लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ताबड़तोड़ फायरिंग होने से पहले लोग भाग निकले। बाद में पुलिस होने की जानकारी पर लोग धीरे-धीरे मौके पर पहुंचे।
बदमाशों की गिरफ्तारी से बाइक सवार ने ली चैन की सांस
मेहनाजपुर। बेला गांव में गिरफ्तार के दोनों बदमाशों की गिरफ्तारी से मेहनाजपुर क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है। क्योंकि बदमाशों द्वारा घटनाओं में कपाचे वाहन का प्रयोग किए जान से पुलिस की नजर में बराबर ये बाइक सवार रहते थे।
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बता दें कि आठ जनवरी को देवगांव कोतवाली के रेतवां चंद्रभानपुर गांव में अबू सालिम के एजेंसी में घुसकर दो बाइक पर सवार चार बदमाश ढाई लाख रुपये, मोबाइल लूटकर फरार हो गए थे। जबकि पांच जनवरी को तरवां थाने के कम्हरिया बाजार स्थित एक गैस एजेंसी से दिन दहाड़े 68 हजार रुपये और मोबाइल की लूट हुई थी। जबकि दिसंबर माह में मेहनाजपुर थाने के जियापुर पुलिया के पास से अपाचे सवार बदमाशों ने मेडिकल हाल संचालक को घायल कर रुपये और मोबाइल आदि लूट लिया था। इस घटना से पूर्व मेहनाजपुर से सटे गाजीपुर और आजमगढ़ के गंभीरपुर थाना क्षेत्र में शराब की दुकान से लूट हुई थी। लूट के इन वारदातों में सफेद रंग के अपाचे बाइक का इस्तेमाल होने से मेहनाजपुर थाने की पुलिस अपाचे बाइक की तलाश में जुटी हुई थी। आलम यह था कि पुलिस को जहां भी अपाचे बाइक दिखती तो उसे चेक कर रही थी।
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मेहनाजपुर थाने के सिधौना बाजार से करीब दो किलोमीटर उत्तर तरफ स्थित बेला गांव में नहर से पल्हना बाजार, मेहनाजपुर, तरवां आदि के लिए सीधे रास्ता है। यह रास्ता सुनसान रहता है। ऐसे में इन बदमाशों का यह मनपसंद रास्ता था। सभी इसका इस्तेमाल करते थे। इसी रास्ते के जरिए सभी अंदर ही अंदर देवगांव, लालगंज के अलावा जौनपुर जिले में भी प्रवेश कर जाते थे। आठ जनवरी को लालगंज बाजार में हुई ढाई लाख की लूट के बाद जब बदमाशों के गिरफ्तारी का टारगेट एसपी ग्रामीण को मिला तो वे पांच जनवरी को कम्हरिया बाजार में गैस एजेंसी से हुई लूट का सीसीटीवी फुटेज खंगाला। इस दौरान बदमाश पंकज सिंह की पहचान हो गई। शिनाख्त होने के बाद पुलिस तीन दिनों से इन पर नजर रख रही थी। शनिवार की सुबह मुखबिर के जरिए सूचना मिलने पर एसपी ग्रामीण के नेतृत्व में पुलिस घेराबंदी करने लगी। बेला गांव में घिर गए बदमाश पंकज सिंह सिपाहियों से बाज गया। जबकि उसके अन्य साथी फायरिंग करने लगे। अपनी जांच बचाने के लिए पुलिस गोली चलाई और पंकज के दोनों पैर में लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ताबड़तोड़ फायरिंग होने से पहले लोग भाग निकले। बाद में पुलिस होने की जानकारी पर लोग धीरे-धीरे मौके पर पहुंचे।
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बदमाशों की गिरफ्तारी से बाइक सवार ने ली चैन की सांस
मेहनाजपुर। बेला गांव में गिरफ्तार के दोनों बदमाशों की गिरफ्तारी से मेहनाजपुर क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है। क्योंकि बदमाशों द्वारा घटनाओं में कपाचे वाहन का प्रयोग किए जान से पुलिस की नजर में बराबर ये बाइक सवार रहते थे।
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बता दें कि आठ जनवरी को देवगांव कोतवाली के रेतवां चंद्रभानपुर गांव में अबू सालिम के एजेंसी में घुसकर दो बाइक पर सवार चार बदमाश ढाई लाख रुपये, मोबाइल लूटकर फरार हो गए थे। जबकि पांच जनवरी को तरवां थाने के कम्हरिया बाजार स्थित एक गैस एजेंसी से दिन दहाड़े 68 हजार रुपये और मोबाइल की लूट हुई थी। जबकि दिसंबर माह में मेहनाजपुर थाने के जियापुर पुलिया के पास से अपाचे सवार बदमाशों ने मेडिकल हाल संचालक को घायल कर रुपये और मोबाइल आदि लूट लिया था। इस घटना से पूर्व मेहनाजपुर से सटे गाजीपुर और आजमगढ़ के गंभीरपुर थाना क्षेत्र में शराब की दुकान से लूट हुई थी। लूट के इन वारदातों में सफेद रंग के अपाचे बाइक का इस्तेमाल होने से मेहनाजपुर थाने की पुलिस अपाचे बाइक की तलाश में जुटी हुई थी। आलम यह था कि पुलिस को जहां भी अपाचे बाइक दिखती तो उसे चेक कर रही थी।

मेंहनाजपुर के बेला गांव के पास पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ के बाद घायल आरोपी जिला अस्पताल में- फोटो : AZAMGARH