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राष्ट्रीय लोक अदालत में 54623 मुकदमों का हुआ निस्तारण

Sat, 12 Nov 2022 11:30 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 12 Nov 2022 11:30 PM IST
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Disposal of 54623 cases in National Lok Adalat
आजमगढ़। जिले के न्यायिक इतिहास में 12 नवंबर का दिन खास रहा। दीवानी न्यायालय परिसर में शनिवार को दिन भर चले राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायिक अधिकारियों ने 54623 मुकदमों का फैसला कर दिया। लंबे समय से मुकदमों का तनाव झेल रहे वादकारियों में खुशी देखी गई। लोगों का कहना था कि मुकदमों का निस्तारण हो जाने से समय व धन की काफी बचत हुई है। राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन उच्च न्यायालय इलाहाबाद के प्रशासनिक न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमसेरी ने न्यायालय के हाल ऑफ जस्टिस में मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर प्रशासनिक न्यायमूर्ति ने बैंकों की तरफ से लगाए गए स्टाल पर गए और बैंक के अधिकारियों से जनता को अधिक से अधिक राहत देने की बात कही। इसके बाद न्यायमूर्ति शमसेरी ने न्यायालय परिसर में अदालतों के कार्यालय में रखी पत्रावलियों के रख रखाव का निरीक्षण किया। इस दौरान जनपद न्यायाधीश जितेंद्र कुमार सिंह, सीजेएम यशवंत कुमार सरोज, विधिक सेवा के सचिव देवेंद्र प्रताप सिंह साथ रहे। न्यायमूर्ति ने न्यायालय परिसर में स्थित चीफ लीगल डिफेंस काउंसिल सिस्टम का लोकार्पण किया। कार्यक्रम के अनुसार शिब्ली नेशनल कॉलेज पहुंचे और विधिक सेवा प्राधिकरण की तरफ से स्थापित लीगल एंड क्लीनिक का भी लोकार्पण किया। वहां से कचहरी परिसर में लौटने के बाद 60 जोड़े दंपतियों को एक साथ रहने पर राजी होने पर फूल देकर शुभकामनाएं दी। राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद न्यायाधीश जितेंद्र कुमार सिंह की अदालत से 6, प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय अशोक कुमार की अदालत से 41, अपर प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक पारुल अत्री की अदालत से 37, अपर प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायाधीश शेख बहादुर निषाद की अदालत से 45 सहित कुल 123, न्यायालय वाहन मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण से 47, अपर जिला जज बीडी भारती की अदालत से 3, विशेष न्यायाधीक्ष एससी/एसटी एक्ट सतीश चंद द्विवेदी की अदालत से 13, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/ नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत की अदालत से 2, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामनरायन की अदालत से 57, पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश रवीश कुमार अत्री की अदालत से 5, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत से तीन व सीजेएम की अदालत से 272 मुकदमों का निस्तारण किया गया। साथ ही 203500 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूले गए। विभिन्न बैंकों द्वारा प्री लीटिगेशन के 1152 वादों व जिला प्रशासन द्वारा प्री लीटिगेशन स्तर पर 45510 वादों का निस्तारण किया गया।
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