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तो डीआईओएस, बीएसए की होगी कुर्की
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Wed, 21 Feb 2018 01:00 AM IST
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Court
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सिविल जज अवर खंड हवेली अमित मिश्रा की अदालत ने शिक्षक गिरीश चंद्र पांडेय को 37 लाख रुपये दिए जाने का आदेश दिया है। रुपये न दिए जाने की दशा में जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षाधिकारी, सहायक शिक्षा निदेशक चर्तुदश और मैनेजर राजेश्वरी देवी महादेव प्रसाद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पवई की कुर्की कर भुगतान करने का आदेश दिया है।
मुकदमे के अनुसार पवई स्थित उक्त विद्यालय में शिक्षक के पद पर गिरीश चंद्र पांडेय नियुक्त थे। जिन्हें 15 अप्रैल 1989 को विद्यालय से बर्खास्त कर दिया गया था। उन्होंने इसके विरुद्ध सिविल जज अवर खंड हवेली कोर्ट की शरण ली। सिविल जज की अदालत में उनका मुकदमा खारिज हो गया।
गिरीश चंद्र ने जिला जज के यहां अपील की। जिला जज की अदालत ने 20 फरवरी 1997 को बर्खास्तगी के आदेश के विरुद्ध शिक्षक को वेतन और भत्ता देने का आदेश दिया था। विपक्षी ने जिला जज के आदेश के विरुद्ध उच्च न्यायालय और फिर उच्चतम न्यायालय तक अपील की।
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लेकिन ऊपरी अदालतों ने जिला जज के आदेश को बहाल रखा। आदेश के बावजूद शिक्षक को भुगतान नहीं किया गया। इसपर शिक्षक ने मुंशी हवेली के कोर्ट में इजरा (आदेश का उल्लंघन) का मुकदमा दाखिल किया। इस पर अदालत ने यह आदेश पारित किया।
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मुकदमे के अनुसार पवई स्थित उक्त विद्यालय में शिक्षक के पद पर गिरीश चंद्र पांडेय नियुक्त थे। जिन्हें 15 अप्रैल 1989 को विद्यालय से बर्खास्त कर दिया गया था। उन्होंने इसके विरुद्ध सिविल जज अवर खंड हवेली कोर्ट की शरण ली। सिविल जज की अदालत में उनका मुकदमा खारिज हो गया।
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गिरीश चंद्र ने जिला जज के यहां अपील की। जिला जज की अदालत ने 20 फरवरी 1997 को बर्खास्तगी के आदेश के विरुद्ध शिक्षक को वेतन और भत्ता देने का आदेश दिया था। विपक्षी ने जिला जज के आदेश के विरुद्ध उच्च न्यायालय और फिर उच्चतम न्यायालय तक अपील की।
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लेकिन ऊपरी अदालतों ने जिला जज के आदेश को बहाल रखा। आदेश के बावजूद शिक्षक को भुगतान नहीं किया गया। इसपर शिक्षक ने मुंशी हवेली के कोर्ट में इजरा (आदेश का उल्लंघन) का मुकदमा दाखिल किया। इस पर अदालत ने यह आदेश पारित किया।