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आजमगढ़ में डायरिया का प्रकोप: अब तक 4 लोगों ने तोड़ा दम, 300 से ज्यादा मरीज अस्पताल में भर्ती, प्रशासन आंकड़े छुपाने में जुटा

Thu, 30 Sep 2021 01:39 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़ Published by: उत्पल कांत Updated Thu, 30 Sep 2021 01:39 PM IST
सार

आजमगढ़ के नगर पालिका मुबाकरपुर के कटरा बलुआ और सरैया वार्ड में चार दिन पहले डायरिया ने पांव पसारना शुरू किया। बुधवार को पीड़ितों की संख्या 300 के पार तक पहुंच गई। अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है। 

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Diarrhea in Azamgarh four people lost lives and  more than 300 patients hospitalized administration is busy hiding data
आजमगढ़: डायरिया मरीजों का ऐसे चल रहा उपचार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

यूपी के आजमगढ़ जिले में डायरिया घातक होता जा रहा है। गुरुवार को दो और लोगों की मौत के बाद मृतकों की संख्या चार हो गई है। जिला प्रशासन मौत के आंकड़े को छुपाने में ही अभी जुटा हुआ है। जिले के मुबारकपुर में एक-एक कर चार लोगों की मौत के बाद हड़कंप मचा है।स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम लगी है लेकिन हालात संभल नहीं रहे हैं।

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नगर पालिका मुबाकरपुर के कटरा बलुआ और सरैया वार्ड में चार दिन पहले डायरिया ने पांव पसारना शुरू किया। तब इक्का-दुक्का मरीज ही आ रहे थे लेकिन अधिकारियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। इलाके में रोकथाम के उपाय ही नही किए गए। नतीजतन मंगलवार को बीमारी ने विकराल रूप ले लिया। शाम तक 70 से ज्यादा मरीज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गए।
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नए मरीजों के मिलने का सिलसिला जारी
सारी रात मरीजों के अस्पताल पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। उनमें से कई मरीजों को मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल भेजा जाता रहा। बुधवार को पीड़ितों की संख्या 300 के पार तक पहुंच गई। इसमें 150 मरीजों को जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। अभी भी नए मरीजों के मिलने का क्रम जारी है।

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सीएम के फरमान के बाद भी प्रशासनिक अमला हरकत में नहीं

बुधवार रात 28 वर्षीय भीम पुत्र शिववचन की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। दो दिनों से वह भी डायरिया से प्रभावित था और घर पर ही उसका इलाज चल रहा था। बीती रात करीब 10 बजे हालत गंभीर होने पर परिजन उसे सीएचसी ले जा रहे थे कि रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। वहीं सीएचसी पर तीन सगी बहने भर्ती थी, जिसमें चार वर्षीया सादिया की बृहस्पतिवार सुबह हालत गंभीर हुई।

उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला अस्पताल पहुंचने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। इसके पूर्व मंगलवार की रात चाचा-भतीजा ने घर पर ही इलाज के दौरान डायरिया से दम तोड़ चुके है। जिले में डायरिया से मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है और प्रशासन चुप्पी साधे हुए है। अब तक डायरिया से एक भी मौत की पुष्टि जिला प्रशासन ने नहीं की है।

डायरिया फैलने की सूचना पर मुख्यमंत्री ने पानी की जांच कराने और पीड़ितों को बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इसके बाद भी प्रशासनिक अमला हरकत में नहीं आय़ा है। राजकीय मेडिकल कालेज से एक मरीज को लखनऊ के लिए रेफर किए जाने की सूचना मिली है। 

पहले की गलतियों से नहीं ली सीख

नगर पालिका परिषद मुबारकपुर की लापरवाही का खामियांजा अक्सर ही मुबारकपुर की जनता भुगतती आ रही है। 2014 में जहां डायरिया तो 2018 में फैली पीलिया से यहां दर्जनों की मौत हो चुकी है। हर बार नगर पालिका का पानी ही दूषित पाया गया है। पूर्व की गलतियों से नपा ने सीख नहीं लिया, जिसका परिणाम मुबारकपुर कस्बा एक बार फिर डायरिया की चपेट में आकर भुगत रहा है। 

मुबारकपुर नपा प्रशासन कभी भी अपने पेयजल सप्लाई व्यवस्था को दुरूस्त नहीं रख सकी है। 2014 में दूषित पानी के चलते कस्बे में डायरिया फैली थी। तो वहीं 2018 में पीलिया ने कई माह तक आतंक मचाया था। दर्जन भर से अधिक लोगों ने नपा की लापरवाही के चलते अपनी जान तक गवाया था। इसके बाद भी नपा प्रशासन पूर्व के अपनी गलतियों से सीख नहीं लिया। जिसका परिणाम वर्तमान में कस्बे की जनता एक बार फिर डायरिया के फैलाव के चलते भुगत रही है। 

2018 में तो मानव मल युक्त पानी भी पिला चुकी है नपा

2018 के जनवरी माह में पहली बार मुबारकपुर कस्बा पीलिया की चपेट में आया था। धीरे-धीरे कर पीलिया ने पूरे कस्बे को अपनी चपेट में ले लिया था। तीन माह तक इसका आतंक कस्बे में कायम रहा। इसके बाद जुलाई 2018 में पीलिया ने दूसरी बार दस्तक दी थी। पीलिया से दर्जन भर से अधिक लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी।

उस दौरान स्वास्थ्य विभाग व लखनऊ से आई टीम द्वारा पानी की सैपलिंग की गई थी। जिसकी जांच में इस बात की भी पुष्टि हुई थी कि नपा के सप्लाई वाले पानी में मानव मल के अंश है। कहने का तात्पर्य यह है कि 2018 में नपा प्रशासन के पाइप लाइन से मानव मल युक्त पानी लोगों के घरों तक सप्लाई हुई, जिसे पीकर ही लोग पीलिया की चपेट में आए थे। 

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