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विकास की योजनाएं बजट की कमी से लटकीं
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जिला योजना के तहत विकास योजनाएं बजट की कमी से लटकी हुई हैं। विभिन्न विभागों की ओर से अलग-अलग कार्यों के लिए प्रस्ताव दिए गए थे। कुल 82066.04 लाख रुपये की योजना तैयार कर प्रस्ताव शासन को भेजा गया था लेकिन सिर्फ पांच विभागों को 18944.32 लाख रुपये उपलब्ध कराए गए। 39 विभागों को बजट ही नहीं मिला जिससे विकास योजनाएं लटकी हुई हैं।
जिला अर्थ एवं संख्या विभाग की ओर से जिले के विकास के लिए 82066.04 लाख रुपये की योजना तैयार की गई थी। सभी विभागों ने बजट मिलने की उम्मीद से अपने-अपने प्रस्ताव भी बनाकर योजना में शामिल किया था। हाल यह है कि इस वृहद योजना में विभागों को 30 प्रतिशत भी बजट जारी नहीं हुआ। इस बार भी यह योजना बजट की बाट जोहती रह गई। हालांकि जिले के सुनियोजित विकास के लिए हर वर्ष बनने वाली इस योजना से लोगों को काफी उम्मीदें होती हैं। कमोवेश इस जिला योजना का हर वर्ष ही यही हाल होता है। योजना तो बनाई जाती है लेकिन प्रस्तावित बजट जिला योजना को मिल ही नहीं पाता।
इन विभागों को नहीं मिला बजट : जिला योजना में 39 विभागों को बजट मिला ही नहीं। इन विभागों में कृषि विभाग, लघु एवं सीमांत कृषक सहायता, पशुपालन, सहकारिता विभाग, ग्राम्य विकास के विशेष कार्यक्रम, भूमि विकास एवं जल संसाधन, भूमि सुधार, पंचायती राज, सामुदायिक विकास कार्यक्रम, निजी लघु सिंचाई, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशमी उद्योग, सड़क एवं पुल, पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यटन, प्राथमिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, प्राविधिक शिक्षा, प्रादेशिक विकास दल, खेलकूद, एलोपैथिक, परिवार कल्याण, होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक, यूनानी, ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम, पूल्ड आवास, नगरीय पेयजल आपूर्ति, अनुसूचित जाति कल्याण, पिछड़ी जाति कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, समाज कल्याण, जनजाति कल्याण, सेवायोजन विभाग शिल्पकार प्रशिक्षण समाज कल्याण, दिव्यांगजन सशक्तीकरण, महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग शामिल है।
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वर्ष 2021-22 के बजट में विभागों को मिले बजट व खर्च का हाल
विभाग प्रस्तावित बजट मिला खर्च
गन्ना विभाग 145.23 144.27 43.57
वन विभाग 1199.17 364.92 263.44
मनरेगा 28850.48 14975.88 14975.88
लघु सिंचाई 70.43 20.77 20.77
प्रधानमंत्री आवास योजना 8215.20 3392.20 3392.20
कुल योग 82066.04 18944.32 18695.86
नोट : धनराशि लाख में
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जिला योजना वर्ष 2021-22 में जिले के विकास के लिए 48 विभागों व सेक्टर की ओर से 82066.04 का प्रस्ताव तैयार किया गया था। इनमें से मात्र पांच विभागों को ही कुल 18944.32 लाख रुपये बजट मिल सका है। वह भी आधा-अधूरा। बजट न मिलने से कार्य प्रभावित हुए हैं।-आरडी राम, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी, आजमगढ़।
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जिला अर्थ एवं संख्या विभाग की ओर से जिले के विकास के लिए 82066.04 लाख रुपये की योजना तैयार की गई थी। सभी विभागों ने बजट मिलने की उम्मीद से अपने-अपने प्रस्ताव भी बनाकर योजना में शामिल किया था। हाल यह है कि इस वृहद योजना में विभागों को 30 प्रतिशत भी बजट जारी नहीं हुआ। इस बार भी यह योजना बजट की बाट जोहती रह गई। हालांकि जिले के सुनियोजित विकास के लिए हर वर्ष बनने वाली इस योजना से लोगों को काफी उम्मीदें होती हैं। कमोवेश इस जिला योजना का हर वर्ष ही यही हाल होता है। योजना तो बनाई जाती है लेकिन प्रस्तावित बजट जिला योजना को मिल ही नहीं पाता।
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इन विभागों को नहीं मिला बजट : जिला योजना में 39 विभागों को बजट मिला ही नहीं। इन विभागों में कृषि विभाग, लघु एवं सीमांत कृषक सहायता, पशुपालन, सहकारिता विभाग, ग्राम्य विकास के विशेष कार्यक्रम, भूमि विकास एवं जल संसाधन, भूमि सुधार, पंचायती राज, सामुदायिक विकास कार्यक्रम, निजी लघु सिंचाई, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशमी उद्योग, सड़क एवं पुल, पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यटन, प्राथमिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, प्राविधिक शिक्षा, प्रादेशिक विकास दल, खेलकूद, एलोपैथिक, परिवार कल्याण, होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक, यूनानी, ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम, पूल्ड आवास, नगरीय पेयजल आपूर्ति, अनुसूचित जाति कल्याण, पिछड़ी जाति कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, समाज कल्याण, जनजाति कल्याण, सेवायोजन विभाग शिल्पकार प्रशिक्षण समाज कल्याण, दिव्यांगजन सशक्तीकरण, महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग शामिल है।
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वर्ष 2021-22 के बजट में विभागों को मिले बजट व खर्च का हाल
विभाग प्रस्तावित बजट मिला खर्च
गन्ना विभाग 145.23 144.27 43.57
वन विभाग 1199.17 364.92 263.44
मनरेगा 28850.48 14975.88 14975.88
लघु सिंचाई 70.43 20.77 20.77
प्रधानमंत्री आवास योजना 8215.20 3392.20 3392.20
कुल योग 82066.04 18944.32 18695.86
नोट : धनराशि लाख में
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जिला योजना वर्ष 2021-22 में जिले के विकास के लिए 48 विभागों व सेक्टर की ओर से 82066.04 का प्रस्ताव तैयार किया गया था। इनमें से मात्र पांच विभागों को ही कुल 18944.32 लाख रुपये बजट मिल सका है। वह भी आधा-अधूरा। बजट न मिलने से कार्य प्रभावित हुए हैं।-आरडी राम, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी, आजमगढ़।